{"_id":"5e31cbb78ebc3e4b056b81bf","slug":"sri-ji-baraut-news-mrt4662491136","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रीजी को आहार देने के लिए उमड़े श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रीजी को आहार देने के लिए उमड़े श्रद्धालु
विज्ञापन
श्रीजी को आहार देने के लिए उमड़े श्रद्धालु
बड़ौत (बागपत)।
मुनि सुब्रतनाथ जिनबिंब के पंच कल्याणक महोत्सव में श्रीजी को आहार की प्रक्रिया के दौरान श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान पीतांबर वस्त्र पहनकर भगवान को आहार देने के लिए भीड़ लगी।
पंच कल्याणक महोत्सव में प्रात: ध्यान और आशीर्वाद सभा में भी सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और जिनाभिषेेक कार्यक्रम में भी दर्शक भारी संख्या में मौजूद रहें। तीर्थंकर महामुनि को आहार देने के लिए श्रद्धालुओं का जन समूह उमड़ पड़ा। लंबी लाइन लग गई और कतार में लगकर पीतांबर वस्त्र पहन श्रद्धालु आहार क्रिया कराने के लिए अपनी बारी का इंतजार करने लगे। दोपहर बाद समोशरण की क्रिया को देखने के लिए भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा रही। बीच-बीच में भजनों की प्रस्तुति पर श्रद्धालु नृत्य करते दिखाई दिए। रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों ने समां बांधा। इसे देखने के लिए भारी भीड़ जमा रही।
आज के कार्यक्रम
प्रात: 6 बजे ध्यान एवं आशीर्वाद सभा
प्रात: 6:30 पर श्री जिनाभिषेक
प्रात: 7 बजें मोक्ष कल्याणक
प्रात: 7:30 पर अग्नि देव द्वारा सत्कार विधि, मोक्ष कल्याणक पूजा, हवन एवं पूर्णाहूति, बाद में उपाध्याय गुप्ति सागर महाराज की धर्मसभा
प्रात: 10:30 बजें वेदी में भगवान विराजमान होना
प्रात: 11:30 पर कलाशरोहण, ध्वजारोहण
दोपहर 12:15 पर विसर्जन
समोशरण की रचना एवं केवल ज्ञान महोत्सव धूमधाम से मनाया
फोटो संख्या
बड़ौत।
धर्म सागर महाराज नसिया कमेटी के तत्वावधान एवं उपाध्याय गुप्तिसागर महा मुनिराज के पावन सानिध्य में दिल्ली रोड पर नवनिर्मित श्री 1008 मुनि सुव्रतनाथ जिन मंदिर में 25 से 30 जनवरी तक चल रहे मज्जिनेदेर जिन बिम्ब पंचकल्याणक महा महोत्सव में बुधवार को तीर्थंकर महामुनिराज का आहार व समोशरण की रचना व केवल ज्ञान महोत्सव मनाया गया।
विज्ञापन
सर्वप्रथम पंडित हंसमुख शास्त्री के निर्देशन में सौधर्म इंद्र ने श्रीजी का अभिषेक नित्य नियम पूजा अर्चना अर्चना की। वन में घोर तपस्या के पश्चात महा मुनिराज नगर की ओर विहार करते हैं और उन्होंने खीर का आहार ग्रहण किया। भगवान को आहार देने के लिए श्रद्धालुओं का जनसमूह उमड़ पड़ा ण्मोकार महामंत्र प्रचार समिति ने पंड़ाल में खीर के प्रसाद का वितरण किया। इस दौरान आनंद, अमित, पवन, दिनेश, मुकेश, वीरेंद्र, पिंटी, प्रवीण, गौरव, अजय, सुनील, सिद्धार्थ, राकेश आदि श्रद्धालु शामिल रहे। इस मौके पर मीडिया प्रभारी आदिश जैन का सहयोग रहा।
भगवान के समोशरण और केवल ज्ञान का अद्भुत मनोहारी सृजन किया
बड़ौत।
बुधवार की दोपहर में भगवान के समोशरण और केवल ज्ञान का अद्भुत मनोहारी सृजन किया। भगवान ने चार घातिया कर्मों का नाश किया, तब सौधर्म इंदर ने कुबेर को समोशरण की रचना का आदेश दिया। कुबेर इंद्र ने भव्य समोशरण की रचना की। भगवान के समोशरण में बारह सभाएं लगी और समोशरण में जाकर भगवान की दिव्य ध्वनि खीरी और भगवान ने अपनी दिव्य ध्वनि से धर्म उपदेश दिया। भगवान के समोशरण पशुओं की सभा लगी। भगवान के धर्मोंपदेश की सबसे बड़ी विशेषता थी कि भगवान जो धर्मोंपदेश दे रहे थे, हर पशु उसे अपनी भाषा में समझ रहा था। भगवान ने समोशरण में जाकर सभी के प्रश्नों के उत्तर दिए और उनकी जिज्ञासा पूर्ण की मात्र ग्यारह माह में ही भगवान ने केवल ज्ञान प्राप्त कर लिया, भगवान का समोशरण जगह जगह गया और भगवान ने अपनी दिव्य ध्वनि से सभी जीवों का कल्याण किया। समोशरण में सभी इंद्र और इंद्रणी उपस्थित रहे। इस दौरान अजय, अनिल, अतुल, सुखमाल चंद जैन, आनंद, वीरेंद्र, पिंटी, कमल, राज कुमार, दिनेश, मनोज, सिद्धार्थ, संदीप, कृष्णा, दीपा, अंजू, मोनिका, सुषमा, अलका, आयुष, मीड़िया प्रभारी आदिश जैन का सहयोग रहा।
विज्ञापन
बड़ौत (बागपत)।
मुनि सुब्रतनाथ जिनबिंब के पंच कल्याणक महोत्सव में श्रीजी को आहार की प्रक्रिया के दौरान श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान पीतांबर वस्त्र पहनकर भगवान को आहार देने के लिए भीड़ लगी।
पंच कल्याणक महोत्सव में प्रात: ध्यान और आशीर्वाद सभा में भी सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और जिनाभिषेेक कार्यक्रम में भी दर्शक भारी संख्या में मौजूद रहें। तीर्थंकर महामुनि को आहार देने के लिए श्रद्धालुओं का जन समूह उमड़ पड़ा। लंबी लाइन लग गई और कतार में लगकर पीतांबर वस्त्र पहन श्रद्धालु आहार क्रिया कराने के लिए अपनी बारी का इंतजार करने लगे। दोपहर बाद समोशरण की क्रिया को देखने के लिए भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा रही। बीच-बीच में भजनों की प्रस्तुति पर श्रद्धालु नृत्य करते दिखाई दिए। रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों ने समां बांधा। इसे देखने के लिए भारी भीड़ जमा रही।
विज्ञापन
आज के कार्यक्रम
प्रात: 6 बजे ध्यान एवं आशीर्वाद सभा
प्रात: 6:30 पर श्री जिनाभिषेक
प्रात: 7 बजें मोक्ष कल्याणक
प्रात: 7:30 पर अग्नि देव द्वारा सत्कार विधि, मोक्ष कल्याणक पूजा, हवन एवं पूर्णाहूति, बाद में उपाध्याय गुप्ति सागर महाराज की धर्मसभा
प्रात: 10:30 बजें वेदी में भगवान विराजमान होना
प्रात: 11:30 पर कलाशरोहण, ध्वजारोहण
दोपहर 12:15 पर विसर्जन
समोशरण की रचना एवं केवल ज्ञान महोत्सव धूमधाम से मनाया
फोटो संख्या
बड़ौत।
धर्म सागर महाराज नसिया कमेटी के तत्वावधान एवं उपाध्याय गुप्तिसागर महा मुनिराज के पावन सानिध्य में दिल्ली रोड पर नवनिर्मित श्री 1008 मुनि सुव्रतनाथ जिन मंदिर में 25 से 30 जनवरी तक चल रहे मज्जिनेदेर जिन बिम्ब पंचकल्याणक महा महोत्सव में बुधवार को तीर्थंकर महामुनिराज का आहार व समोशरण की रचना व केवल ज्ञान महोत्सव मनाया गया।
विज्ञापन
सर्वप्रथम पंडित हंसमुख शास्त्री के निर्देशन में सौधर्म इंद्र ने श्रीजी का अभिषेक नित्य नियम पूजा अर्चना अर्चना की। वन में घोर तपस्या के पश्चात महा मुनिराज नगर की ओर विहार करते हैं और उन्होंने खीर का आहार ग्रहण किया। भगवान को आहार देने के लिए श्रद्धालुओं का जनसमूह उमड़ पड़ा ण्मोकार महामंत्र प्रचार समिति ने पंड़ाल में खीर के प्रसाद का वितरण किया। इस दौरान आनंद, अमित, पवन, दिनेश, मुकेश, वीरेंद्र, पिंटी, प्रवीण, गौरव, अजय, सुनील, सिद्धार्थ, राकेश आदि श्रद्धालु शामिल रहे। इस मौके पर मीडिया प्रभारी आदिश जैन का सहयोग रहा।
भगवान के समोशरण और केवल ज्ञान का अद्भुत मनोहारी सृजन किया
बड़ौत।
बुधवार की दोपहर में भगवान के समोशरण और केवल ज्ञान का अद्भुत मनोहारी सृजन किया। भगवान ने चार घातिया कर्मों का नाश किया, तब सौधर्म इंदर ने कुबेर को समोशरण की रचना का आदेश दिया। कुबेर इंद्र ने भव्य समोशरण की रचना की। भगवान के समोशरण में बारह सभाएं लगी और समोशरण में जाकर भगवान की दिव्य ध्वनि खीरी और भगवान ने अपनी दिव्य ध्वनि से धर्म उपदेश दिया। भगवान के समोशरण पशुओं की सभा लगी। भगवान के धर्मोंपदेश की सबसे बड़ी विशेषता थी कि भगवान जो धर्मोंपदेश दे रहे थे, हर पशु उसे अपनी भाषा में समझ रहा था। भगवान ने समोशरण में जाकर सभी के प्रश्नों के उत्तर दिए और उनकी जिज्ञासा पूर्ण की मात्र ग्यारह माह में ही भगवान ने केवल ज्ञान प्राप्त कर लिया, भगवान का समोशरण जगह जगह गया और भगवान ने अपनी दिव्य ध्वनि से सभी जीवों का कल्याण किया। समोशरण में सभी इंद्र और इंद्रणी उपस्थित रहे। इस दौरान अजय, अनिल, अतुल, सुखमाल चंद जैन, आनंद, वीरेंद्र, पिंटी, कमल, राज कुमार, दिनेश, मनोज, सिद्धार्थ, संदीप, कृष्णा, दीपा, अंजू, मोनिका, सुषमा, अलका, आयुष, मीड़िया प्रभारी आदिश जैन का सहयोग रहा।