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जर्जर 22 उपकेंद्र की रिपोर्ट शासन को जाएगी, दवाईयों की कमी दूर होगी
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खबर का असर
डीएम ने दवा खत्म होने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मांगा जवाब तो कार्रवाई शुरू हुई
22 उपकेंद्रों को जर्जर बताकर भवन तुडवाकर दोबारा बनवाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा
फोटो 13
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। स्वास्थ्य उपकेंद्रों के जर्जर भवनों को तुड़वाकर दोबारा बनवाने के लिए कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए 22 उपकेंद्रों की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, जिसको तैयार करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने काम शुरू कर दिया है। इनके अलावा अस्पताल से लेकर सीएचसी में दवा की कमियों को दूर किया जाएगा। इसके लिए यूपीएमसीएल (उप्र मेडिकल कार्पोरेशन लिमिटेड) से दवा की मांग की है। वहीं, जिला स्तर पर जल्द बजट मिलने पर अधिकारी खुद भी स्थिति को देख दवा खरीद सकेंगे।
जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी व पीएचसी तक दवा का टोआ है। इस कारण ही मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। मरीजों को दवा लिख दी जाती है, लेकिन वह अस्पताल व सीएचसी में नहीं मिलती हैं। मरीजों की इस समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो डीएम राजकमल यादव ने संज्ञान लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जवाब मांगा। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने दवा की डिमांड करते हुए यूपीएमसीएल को पत्र भेजा है। इसके साथ ही सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि जिला स्तर से दवा खरीदने के लिए अभी बजट नहीं मिला है। इसके मिलते ही जरूरत के अनुसार यहां से दवा खरीदी जाएंगी, जिससे मरीजों को परेशानी नहीं होगी।
22 उपकेंद्रों के भवनों का निर्माण दोबारा कराने को कार्रवाई शुरू
सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि जिले में 22 उपकेंद्रों के भवन जर्जर हो चुके हैं। उनको ठीक भी नहीं कराया जा सकता है। उनको तुड़वाने से लेकर बनवाने में आने वाली लागत का प्रस्ताव तैयार करने के लिए निर्देश दिए हैं। इसका प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजा जाएगा, जिससे उन भवनों को दोबारा से बनवाया जा सके। इसके लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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स्टाफ के लिए भेज रहे पत्र, स्टाफ नर्सों की नियुक्ति की जल्द उम्मीद
सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार के अनुसार स्टाफ की स्थिति को लेकर शासन को बार-बार पत्र भेजा जाता है। अभी कुछ स्टाफ नर्सों की परीक्षा हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि उनकी नियुक्ति होने से कमी दूर होगी। इसके अतिरिक्त भी स्टाफ की कमी को दूर करने का प्रयास कराया जा रहा है।
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डीएम ने दवा खत्म होने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मांगा जवाब तो कार्रवाई शुरू हुई
22 उपकेंद्रों को जर्जर बताकर भवन तुडवाकर दोबारा बनवाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा
फोटो 13
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। स्वास्थ्य उपकेंद्रों के जर्जर भवनों को तुड़वाकर दोबारा बनवाने के लिए कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए 22 उपकेंद्रों की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, जिसको तैयार करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने काम शुरू कर दिया है। इनके अलावा अस्पताल से लेकर सीएचसी में दवा की कमियों को दूर किया जाएगा। इसके लिए यूपीएमसीएल (उप्र मेडिकल कार्पोरेशन लिमिटेड) से दवा की मांग की है। वहीं, जिला स्तर पर जल्द बजट मिलने पर अधिकारी खुद भी स्थिति को देख दवा खरीद सकेंगे।
जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी व पीएचसी तक दवा का टोआ है। इस कारण ही मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। मरीजों को दवा लिख दी जाती है, लेकिन वह अस्पताल व सीएचसी में नहीं मिलती हैं। मरीजों की इस समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो डीएम राजकमल यादव ने संज्ञान लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जवाब मांगा। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने दवा की डिमांड करते हुए यूपीएमसीएल को पत्र भेजा है। इसके साथ ही सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि जिला स्तर से दवा खरीदने के लिए अभी बजट नहीं मिला है। इसके मिलते ही जरूरत के अनुसार यहां से दवा खरीदी जाएंगी, जिससे मरीजों को परेशानी नहीं होगी।
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22 उपकेंद्रों के भवनों का निर्माण दोबारा कराने को कार्रवाई शुरू
सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि जिले में 22 उपकेंद्रों के भवन जर्जर हो चुके हैं। उनको ठीक भी नहीं कराया जा सकता है। उनको तुड़वाने से लेकर बनवाने में आने वाली लागत का प्रस्ताव तैयार करने के लिए निर्देश दिए हैं। इसका प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजा जाएगा, जिससे उन भवनों को दोबारा से बनवाया जा सके। इसके लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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स्टाफ के लिए भेज रहे पत्र, स्टाफ नर्सों की नियुक्ति की जल्द उम्मीद
सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार के अनुसार स्टाफ की स्थिति को लेकर शासन को बार-बार पत्र भेजा जाता है। अभी कुछ स्टाफ नर्सों की परीक्षा हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि उनकी नियुक्ति होने से कमी दूर होगी। इसके अतिरिक्त भी स्टाफ की कमी को दूर करने का प्रयास कराया जा रहा है।