{"_id":"5f440a1b8ebc3e3cf326f0ed","slug":"sit-baghpat-news-mrt4978245136","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब तक जांच में शामिल रहे अधिकारियों की ही बना दी एसआईटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब तक जांच में शामिल रहे अधिकारियों की ही बना दी एसआईटी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब तक जांच में शामिल रहे अफसरों की ही बना दी एसआईटी
बागपत। संजय खोखर की हत्या की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि तीन सदस्यीय टीम में दो ऐसे हैं, जो अब तक पूरे मामले से जुड़े रहे हैं। जांच और आरोपियों की धरपकड़ में शामिल रहे हैं।
भाजपा नेता संजय खोखर के बेटे मनीष खोखर और अक्षय खोखर ने सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह के साथ लखनऊ पहुंचकर सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। पिता की हत्या की जांच सीबीआई से कराने की मांग रखी थी। सीएम ने उच्च स्तरीय जांच का भरोसा दिया था। इसके बाद एसआईटी से जांच के आदेश किए गए। एसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि आईजी रेंज प्रवीण कुमार के अनुमोदन के बाद एसआईटी का गठन किया गया है। टीम में सीओ बड़ौत आलोक कुमार, छपरौली थाना प्रभारी संजीव कुमार और मेरठ के एक इंस्पेक्टर को शामिल किया जाएगा। सीओ बड़ौत और छपरौली इंस्पेक्टर अब तक की हुई जांच में भी शामिल रहे हैं।
अब विस्तृत तो पहले कैसी हुई जांच
एसआईटी के गठन का उद्देश्य यह है कि घटना के हर पहलू की गहनता और निष्पक्षता से जांच की जाएगी। सवाल यह है कि एसआईटी की टीम में शामिल दोनों अधिकारियों का अब तक की जांच में जुड़ाव रहा है। सीओ बड़ौत के अंतर्गत ही छपरौली थाना आता है। अब अगर वह विस्तार और गहनता से जांच करेंगे तो अब तक की जांच किस तरह की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत। संजय खोखर की हत्या की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि तीन सदस्यीय टीम में दो ऐसे हैं, जो अब तक पूरे मामले से जुड़े रहे हैं। जांच और आरोपियों की धरपकड़ में शामिल रहे हैं।
भाजपा नेता संजय खोखर के बेटे मनीष खोखर और अक्षय खोखर ने सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह के साथ लखनऊ पहुंचकर सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। पिता की हत्या की जांच सीबीआई से कराने की मांग रखी थी। सीएम ने उच्च स्तरीय जांच का भरोसा दिया था। इसके बाद एसआईटी से जांच के आदेश किए गए। एसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि आईजी रेंज प्रवीण कुमार के अनुमोदन के बाद एसआईटी का गठन किया गया है। टीम में सीओ बड़ौत आलोक कुमार, छपरौली थाना प्रभारी संजीव कुमार और मेरठ के एक इंस्पेक्टर को शामिल किया जाएगा। सीओ बड़ौत और छपरौली इंस्पेक्टर अब तक की हुई जांच में भी शामिल रहे हैं।
विज्ञापन
अब विस्तृत तो पहले कैसी हुई जांच
एसआईटी के गठन का उद्देश्य यह है कि घटना के हर पहलू की गहनता और निष्पक्षता से जांच की जाएगी। सवाल यह है कि एसआईटी की टीम में शामिल दोनों अधिकारियों का अब तक की जांच में जुड़ाव रहा है। सीओ बड़ौत के अंतर्गत ही छपरौली थाना आता है। अब अगर वह विस्तार और गहनता से जांच करेंगे तो अब तक की जांच किस तरह की गई है।
विज्ञापन