हवालात गाड़ी में बंदियों पर जानलेवा हमला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घायल बंदी शामली के गांव ताना के अभय ने बताया कि वह डस्टर गाड़ी लूट में जुलाई माह में जेल में बंद है। सोमवार को उसकी कोर्ट में पेशी थी। पुलिस अन्य बंदियों के साथ उसे गाड़ी में लेकर कोर्ट आए थी। शाम को पुलिस वापस उनको जेल लेकर जा रही थी। जैसे ही गाड़ी काठा गांव के पास पहुंची, तभी मनीष निवासी रठौड़ा ने उस पर हमला कर दिया। बचाव में आए बंदी सन्नी पंवार निवासी दोघट पर भी हमला कर दिया गया। बाद में तीन-चार बंदियों ने मिलकर उनकी बुरी तरह से पिटाई की। इससे गाड़ी में हंगामा हो गया।
पुलिस ने किसी तरह झगड़ा शांत कराया। बाद में पुलिस बंदियों को जेल लेकर गई। वहां से घायल बंदी अभय और सन्नी को पुलिस बागपत लेकर आई। सीएचसी में उनका उपचार कराया गया। बाद में पीड़ितों ने आरोपी जयंत पुत्र रविंद्र निवासी लुहारी, वरुण पुत्र बाबूराम निवासी बड़ौत जो मूलरूप से लुहारी गांव का रहने वाला है। मनीष पुत्र जितेंद्र निवासी रठौड़ा, सुमित पुत्र परमेंद्र निवासी नांगल के खिलाफ तहरीर दी। कोतवाली एसएसआई हेमेंद्र बालियान ने बताया कि इस मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
पांच दिन पूर्व जेल में की थी मारपीट
बागपत। बंदी अभय ने बताया कि पांच दिन पूर्व बंदी मनीष ने मात्र उसकी ओर देखने पर हमला कर दिया था। उसी समय आरोपी ने उसको भुगत लेने की धमकी दी थी।
तीन दिन पूर्व भी हुई थी बंदियों में मारपीट
बागपत। बंदियों के बीच मारपीट की घटना आम हो गई है। तीन दिन पूर्व राहुल के गुर्गों ने कचहरी हवालात में बंदियों से मारपीट कर दी थी। इससे वहां पर हंगामा हो गया था। पुलिस अफसरों ने किसी तरह मामला शांत कराया था। इससे पहले भी कई बार बंदी आपस में भिड़ चुके हैं। इससे पता चलता है कि जेल में बंदियों के बीच गैंगवार चल रही है। पुलिस इन पर अंकुश नहीं पा रही है। ऐसी स्थिति में कभी भी बड़ा बवाल हो सकता है।