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Baghpat News: शांतिनाथ का जन्म, तप, मोक्ष कल्याणक मनाया
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- महाराज श्री ने गोशाला में गोवंश को केले खिलाएं
फोटो संख्या 6
बिनौली। बरनावा के श्री चंद्र प्रभ दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य ज्ञान भूषण महाराज के सानिध्य में भगवान शांतिनाथ का जन्म-तप-मोक्ष कल्याणक धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर प्रातः आचार्य ज्ञान भूषण महाराज ने विश्व शांति के शांतिधारा कराई।
उन्होंने कहा कि वास्तु का अपने स्वाभाव के अनुसार आचरण करना ही धर्म है। पुण्य-पाप से हटकर निज आतम को पहचान कर उसमें रमन करना ही सच्चे सुख का कारण है। अशुद्ध उपयोग से शुभ उपयोग और शुभ उपयोग से शुद्ध उपयोग की ओर जाना ही मुक्ति पथ का साधन है। उन्होंने कहा कि जब यह जीव शुद्ध उपयोग में लग जाता है तो स्वयं को पा लेता है या अंतर आत्मा से परमात्मा बनने की चेस्टा करता है। सम्यक पुरुषार्थ की और बढ़ना ही सच्चे श्रावक लक्ष्य होना चाहिए। इसके उपरांत आचार्य ज्ञान भूषण महाराज ने संसघ बरनावा दाहा मार्ग पर स्थित स्वामी शिवानंद सरस्वती गोशाला में पहुंचकर गोवंश को केले खिलाए।
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फोटो संख्या 6
बिनौली। बरनावा के श्री चंद्र प्रभ दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य ज्ञान भूषण महाराज के सानिध्य में भगवान शांतिनाथ का जन्म-तप-मोक्ष कल्याणक धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर प्रातः आचार्य ज्ञान भूषण महाराज ने विश्व शांति के शांतिधारा कराई।
उन्होंने कहा कि वास्तु का अपने स्वाभाव के अनुसार आचरण करना ही धर्म है। पुण्य-पाप से हटकर निज आतम को पहचान कर उसमें रमन करना ही सच्चे सुख का कारण है। अशुद्ध उपयोग से शुभ उपयोग और शुभ उपयोग से शुद्ध उपयोग की ओर जाना ही मुक्ति पथ का साधन है। उन्होंने कहा कि जब यह जीव शुद्ध उपयोग में लग जाता है तो स्वयं को पा लेता है या अंतर आत्मा से परमात्मा बनने की चेस्टा करता है। सम्यक पुरुषार्थ की और बढ़ना ही सच्चे श्रावक लक्ष्य होना चाहिए। इसके उपरांत आचार्य ज्ञान भूषण महाराज ने संसघ बरनावा दाहा मार्ग पर स्थित स्वामी शिवानंद सरस्वती गोशाला में पहुंचकर गोवंश को केले खिलाए।
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