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40 साल पुराने शाहमल सेतु की रेलिंग टूटी, हादसे का खतरा
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40 साल पुराने शाहमल सेतु की रेलिंग टूटी, हादसे का खतरा
बागपत। यमुना नदी पर यूपी-हरियाणा राज्य को जोड़ने वाले 40 साल पुराने शाहमल सेतु की रेलिंग टूट गई है। सड़क के बीच गड्ढे ही गड्ढे हैं। पुल से रोजाना दोनों राज्यों के हजारों वाहन गुजरते हैं। आसपास के गांव के किसानों का आवागमन भी होता है। इस कारण हादसों का खतरा बन गया है।
यमुना नदी पर निवाड़ा पुलिस चौकी के पास शाहमल सेतु है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के अलावा हरियाणा से यूपी को जोड़ने वाला जिले में यह अकेला पुल है। पुल के दोनों ओर की रेलिंग बीच-बीच में टूट गई है। टूटी रेलिंग का लोहा भी गायब है। कई जगह रेलिंग टूटकर यमुना नदी में लटक रही है। रेलिंग के बराबर की पटरी से रोजाना किसानों का बड़ी संख्या में आवागमन होता है। पुल के बीच सड़क में गड्ढे हो गए हैं, जिससे यहां वाहन अनियंत्रित होकर रेलिंग से टकरा जाते हैं। जब रेलिंग ही नहीं है, तो अनियंत्रित होने की स्थिति में यात्रियों के सीधे यमुना में गिरने का खतरा है। यहां से गुजरने वाले किसान सलीम अहमद, जावेद और इरफान का कहना था कि प्रशासन को तुरंत इस पुल की मरम्मत करानी चाहिए।
चौधरी चरण सिंह ने दिया था तोहफा
यूपी-हरियाणा के बीच आवागमन के लिए जिले के इकलौते सेतु का उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री बनारसी दास ने 14 अप्रैल 1979 को किया था। समारोह की अध्यक्षता चौधरी चरण सिंह ने की थी।
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वर्जन
- लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई को पत्र लिखा है। जल्द ही पुलिस की रेलिंग ठीक की जाएगी। सड़क के गड्ढे भी भरवाए जाएंगे।
- रामनयन सिंह, एसडीएम
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बागपत। यमुना नदी पर यूपी-हरियाणा राज्य को जोड़ने वाले 40 साल पुराने शाहमल सेतु की रेलिंग टूट गई है। सड़क के बीच गड्ढे ही गड्ढे हैं। पुल से रोजाना दोनों राज्यों के हजारों वाहन गुजरते हैं। आसपास के गांव के किसानों का आवागमन भी होता है। इस कारण हादसों का खतरा बन गया है।
यमुना नदी पर निवाड़ा पुलिस चौकी के पास शाहमल सेतु है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के अलावा हरियाणा से यूपी को जोड़ने वाला जिले में यह अकेला पुल है। पुल के दोनों ओर की रेलिंग बीच-बीच में टूट गई है। टूटी रेलिंग का लोहा भी गायब है। कई जगह रेलिंग टूटकर यमुना नदी में लटक रही है। रेलिंग के बराबर की पटरी से रोजाना किसानों का बड़ी संख्या में आवागमन होता है। पुल के बीच सड़क में गड्ढे हो गए हैं, जिससे यहां वाहन अनियंत्रित होकर रेलिंग से टकरा जाते हैं। जब रेलिंग ही नहीं है, तो अनियंत्रित होने की स्थिति में यात्रियों के सीधे यमुना में गिरने का खतरा है। यहां से गुजरने वाले किसान सलीम अहमद, जावेद और इरफान का कहना था कि प्रशासन को तुरंत इस पुल की मरम्मत करानी चाहिए।
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चौधरी चरण सिंह ने दिया था तोहफा
यूपी-हरियाणा के बीच आवागमन के लिए जिले के इकलौते सेतु का उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री बनारसी दास ने 14 अप्रैल 1979 को किया था। समारोह की अध्यक्षता चौधरी चरण सिंह ने की थी।
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- लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई को पत्र लिखा है। जल्द ही पुलिस की रेलिंग ठीक की जाएगी। सड़क के गड्ढे भी भरवाए जाएंगे।
- रामनयन सिंह, एसडीएम