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इकनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण को काटे जाने वाले पेड़ों का हाईकोर्ट ने मांगा ब्योरा
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हाईकोर्ट ने नए पेड़ लगाने और ट्रांसप्लांट का पूरा प्लान दाखिल करने के एनएचएआई को दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण के लिए काटे जाने वाले पेड़ों का पूरा ब्योरा हाईकोर्ट ने तलब कर लिया है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नए लगाए जाने वाले पेड़ और ट्रांसप्लांट किए जाने वाले वृक्षों का पूरा प्लान शपथ पत्र के रूप में दाखिल करने के आदेश एनएचएआई को दिए है।
दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण के लिए पेड़ काटे जाने के खिलाफ बागपत के पवन तिवारी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि नेशनल हाईवे 709बी और 334बी के निर्माण के लिए करीब 55 हजार पेड़ काटे गए। अब दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण के लिए भी बड़ी संख्या में पेड़ काटे जाने हैं। इससे पर्यावरण को काफी नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि पेड़ काटने की बजाय ट्रांसप्लांट किए जाएं। इस पर न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और सौरभ श्याम शमशेरी ने एनएचएआई से हाईवे निर्माण को काटे जाने पेड़ काटे वाले पेड़ों का पूरा ब्योरा मांगा। एनएचएआई ने पूरा ब्योरा देने के लिए कुछ समय देने की अपील की। इस पर हाईकोर्ट ने एनएचएआई को आदेश दिया कि पेड़ काटने और नए पेड़ लगाने व ट्रांसप्लांट का पूरा ब्योरा शपथ पत्र के रूप में दाखिल करें। अब मामले की अगली सुनवाई 12 अप्रैल को होगी।
इस तरह होगा इकनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण
बागपत। इकनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे कराया जाएगा। छह लेन एक्सप्रेस-वे के 32 किमी लंबे के टुकड़े में 18 किमी एलिवेटेड होगा। सर्विस लेन दी जाएगी, जिससे लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। इकनॉमिक कॉरिडोर से देहरादून की दूरी सिर्फ 210 किमी रह जाएगी और सफर ढाई घंटे में पूरा हो सकेगा। करीब 13 हजार करोड़ रुपये की लागत से कॉरिडोर का निर्माण होगा।
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इस तरह पहले चरण का निर्माण
- पहले पैकेज में 14.750 किमी का होगा। इस पैकेज की शुरूआत दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के निकट अक्षरधाम मंदिर से दिल्ली-यूपी बॉर्डर तक होगी।
- दूसरे पैकेज में यूपी बॉर्डर से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे बागपत तक निर्माण होगा। इसकी लंबाई 16.450 किलोमीटर है।
यहां से गुजरेगा दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर
उत्तर पूर्वी दिल्ली, गाजियाबाद, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और देहरादून के 210 किमी के हिस्से से होकर गुजरेगा।
यहां होगा एलिवेटेड
लगभग 32 किलोमीटर के पहले चरण में 18 किमी एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे बनेगा। एलिवेटेड शास्त्री पार्क, खजूरी खास और मंडोला से होकर गुजरेगा।
बागपत को मिलेंगे सबसे ज्यादा कट
मवी कलां में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-सहारनपुर हाईवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे मिलकर जंक्शन बनेगा। इसके बाद बागपत में मेरठ मार्ग पर अग्रवाल मंडी टटीरी के निकट और बड़ौत में मेरठ मार्ग पर कट मिलेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण के लिए काटे जाने वाले पेड़ों का पूरा ब्योरा हाईकोर्ट ने तलब कर लिया है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नए लगाए जाने वाले पेड़ और ट्रांसप्लांट किए जाने वाले वृक्षों का पूरा प्लान शपथ पत्र के रूप में दाखिल करने के आदेश एनएचएआई को दिए है।
दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण के लिए पेड़ काटे जाने के खिलाफ बागपत के पवन तिवारी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि नेशनल हाईवे 709बी और 334बी के निर्माण के लिए करीब 55 हजार पेड़ काटे गए। अब दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण के लिए भी बड़ी संख्या में पेड़ काटे जाने हैं। इससे पर्यावरण को काफी नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि पेड़ काटने की बजाय ट्रांसप्लांट किए जाएं। इस पर न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और सौरभ श्याम शमशेरी ने एनएचएआई से हाईवे निर्माण को काटे जाने पेड़ काटे वाले पेड़ों का पूरा ब्योरा मांगा। एनएचएआई ने पूरा ब्योरा देने के लिए कुछ समय देने की अपील की। इस पर हाईकोर्ट ने एनएचएआई को आदेश दिया कि पेड़ काटने और नए पेड़ लगाने व ट्रांसप्लांट का पूरा ब्योरा शपथ पत्र के रूप में दाखिल करें। अब मामले की अगली सुनवाई 12 अप्रैल को होगी।
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इस तरह होगा इकनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण
बागपत। इकनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे कराया जाएगा। छह लेन एक्सप्रेस-वे के 32 किमी लंबे के टुकड़े में 18 किमी एलिवेटेड होगा। सर्विस लेन दी जाएगी, जिससे लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। इकनॉमिक कॉरिडोर से देहरादून की दूरी सिर्फ 210 किमी रह जाएगी और सफर ढाई घंटे में पूरा हो सकेगा। करीब 13 हजार करोड़ रुपये की लागत से कॉरिडोर का निर्माण होगा।
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इस तरह पहले चरण का निर्माण
- पहले पैकेज में 14.750 किमी का होगा। इस पैकेज की शुरूआत दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के निकट अक्षरधाम मंदिर से दिल्ली-यूपी बॉर्डर तक होगी।
- दूसरे पैकेज में यूपी बॉर्डर से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे बागपत तक निर्माण होगा। इसकी लंबाई 16.450 किलोमीटर है।
यहां से गुजरेगा दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर
उत्तर पूर्वी दिल्ली, गाजियाबाद, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और देहरादून के 210 किमी के हिस्से से होकर गुजरेगा।
यहां होगा एलिवेटेड
लगभग 32 किलोमीटर के पहले चरण में 18 किमी एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे बनेगा। एलिवेटेड शास्त्री पार्क, खजूरी खास और मंडोला से होकर गुजरेगा।
बागपत को मिलेंगे सबसे ज्यादा कट
मवी कलां में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-सहारनपुर हाईवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे मिलकर जंक्शन बनेगा। इसके बाद बागपत में मेरठ मार्ग पर अग्रवाल मंडी टटीरी के निकट और बड़ौत में मेरठ मार्ग पर कट मिलेगा।