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मुआवजा, कार्रवाई के लिए एसडीएम को बंधक बनाया

Thu, 21 Jul 2016 12:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अग्रवाल मंडी टटीरी
ब्यूरो/अमर उजाला, अग्रवाल मंडी टटीरी Updated Thu, 21 Jul 2016 12:56 AM IST
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SDM hostages for Compensation and action
मीतली में पंचायत को संबोधित करते विधायक लोकेश दीक्षित। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मीतली के पास हादसे में तीन किशोरों की मौत पर पुलिस-प्रशासन के रवैये से आहत ग्रामीणों ने एसडीएम बागपत को करीब सवा घंटे तक बंधक बनाकर पंचायत के बीच बैठाए रखा।
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बसपा के बड़ौत विधायक लोकेश दीक्षित और सपा नेता जिला पंचायत सदस्य ठाकुर प्रदीप सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने 48 घंटे में आरोपी कार चालक की गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन का एलान किया है। पीड़ित परिवारों के लिए 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। एसडीएम और सीओ ने किसी तरह समझाबुझाकर मुआवजा दिलाने के आश्वासन पर ग्रामीणों को शांत किया।
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रविवार को मेरठ-बागपत मार्ग पर मीतली गांव में बकरी चरा रहे अभिषेक, हर्ष और अंकित को कार ने कुचल दिया था। जिला अस्पताल में तीनों किशोरों की मौत हो गई थी। बुधवार को मीतली गांव के रविदास मंदिर में पंचायत हुई। ग्रामीणों का कहना था कि हादसे के तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस न तो कार का पता लगा पाई है और न ही चालक की गिरफ्तारी हुई है।
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प्रशासन की ओर से पीड़ित परिजनों को मदद तो क्या सांत्वना तक नहीं दी गई। बसपा विधायक लोकेश दीक्षित और सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं वर्तमान में जिपं सदस्य ठाकुर प्रदीप सिंह पंचायत में पहुंचे। दोपहर करीब एक बजे एसडीएम बागपत मनोज कुमार सिंह पहुंचे तो ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों ने कहा कि अफसरों को जनता के मरने-जीने की कोई परवाह नहीं है।

लोकेश दीक्षित ने एलान कर दिया कि एसडीएम को पंचायत में तब तक बैठाया जाएगा, जब तक पीड़ित परिजनों को इंसाफ नहीं मिल जाता। पंचायत से कोई ग्रामीण हिलने वाला नहीं है। यहां करीब सवा घंटे तक एसडीएम को बैठाए रखा गया। एसडीएम ने खड़े होकर कहा कि पीड़ित परिजनों की आर्थिक मद्द के लिए डीएम को पत्र लिखा जा चुका है।

जिला स्तर पर सड़क दुर्घटना में जो मदद होती है, वह भी कराई जाएगी। रणनीति तैयार करने के लिए 21 सदस्यीय कमेटी गठित की गई। कमेटी ने फैसला किया कि 48 घंटे के अंदर अफसरों ने ठोस कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन करेंगे। सड़कें जाम की जाएगी, कलक्ट्रेट पर विशाल धरना-प्रदर्शन होगा और आमरण अनशन किया जाएगा।


ग्रामीणों ने एसडीएम और सीओ कर्मवीर को मांगपत्र सौंपा। अध्यक्षता नेमपाल वाल्मीकि और संचालन रमेशचंद कुशवाह ने किया। ग्राम प्रधान के पति सतीश कुमार, गजेंद्र बली, ठाकुर तेजपाल सिंह, इंद्रपाल, सर्वजीत सिंह, उदयवीर, योगेश, राजपाल लुहारी, ओमवीर सिंह, मदन, विक्की, विरेंद्र, रविंद्र रहे। 
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