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स्कूल में लेंटर का प्लास्टर गिरने से छात्रा घायल
ब्यूरो/अमर उजाला, अमीनगर सराय
Updated Tue, 15 Aug 2017 01:20 AM IST
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अमीनगर सराय में स्कूल का जर्जर भवन देखते बीएसए।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कस्बे के प्राथमिक विद्यालय नंबर दो के एक कमरे की छत के लेंटर का प्लास्टर टूटकर गिर गया। इसकी चपेट में आने से छात्रा घायल हो गई। जबकि कई बच्चे बाल-बाल बचे। बीएसए ने स्कूल में पहुंचकर जांच पड़ताल की।
विद्यालय के एक कमरे में कक्षा चार के छात्रा-छात्राओं को सोमवार सुबह प्रधानाध्यापक दीपक यादव पढ़ा रहे थे। कुछ देर बार शिक्षक किसी काम से कक्ष से बाहर निकले। तभी अचानक कमरे की छत से प्लास्टर टूटकर गिर गया। उसकी चपेट में आने से सराय की छात्रा अक्सरा पुत्री खुर्शेद घायल हो गई। जबकि कई छात्र-छात्रा उसकी चपेट में आने से बाल-बाल बचे। स्कूल स्टाफ लहूलुहान हालत में कस्बा के निजी चिकित्सक के पास लेकर गए।
प्राथमिक उपचार करने के बाद चिकित्सक ने सीटी स्कैन के लिए मेरठ रेफर किया। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। बीएसए योगराज सिंह स्कूल में पहुंचे और जांच पड़ताल की। बीएसए योगराज सिंह ने कहा जर्जर भवन की तो उनको जानकारी ही नहीं है। न ही इस संबंध में उनके पास पत्र आया है।
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जर्जर भवन में क्यों बैठाए बच्चें
बीएसए ने प्रधानाध्यापक दीपक यादव से पूछा जब कमरे की छत जर्जर थी, तो बच्चों को इस भवन में क्यों बैठाया गया। इस पर प्रधानाध्यापक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
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विद्यालय के एक कमरे में कक्षा चार के छात्रा-छात्राओं को सोमवार सुबह प्रधानाध्यापक दीपक यादव पढ़ा रहे थे। कुछ देर बार शिक्षक किसी काम से कक्ष से बाहर निकले। तभी अचानक कमरे की छत से प्लास्टर टूटकर गिर गया। उसकी चपेट में आने से सराय की छात्रा अक्सरा पुत्री खुर्शेद घायल हो गई। जबकि कई छात्र-छात्रा उसकी चपेट में आने से बाल-बाल बचे। स्कूल स्टाफ लहूलुहान हालत में कस्बा के निजी चिकित्सक के पास लेकर गए।
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प्राथमिक उपचार करने के बाद चिकित्सक ने सीटी स्कैन के लिए मेरठ रेफर किया। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। बीएसए योगराज सिंह स्कूल में पहुंचे और जांच पड़ताल की। बीएसए योगराज सिंह ने कहा जर्जर भवन की तो उनको जानकारी ही नहीं है। न ही इस संबंध में उनके पास पत्र आया है।
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जर्जर भवन में क्यों बैठाए बच्चें
बीएसए ने प्रधानाध्यापक दीपक यादव से पूछा जब कमरे की छत जर्जर थी, तो बच्चों को इस भवन में क्यों बैठाया गया। इस पर प्रधानाध्यापक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।