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Baghpat News: सरकारी कार्यालयों, अधिकारियों और प्रधानों के घरों तक सिमटे सफाईकर्मी
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सफाईकर्मी वाली खबर से संबंधित फोटो गलेहता में गंदगी का लगा ढेर। संवाद
बागपत। गांवों में सफाई के लिए तैनात किये गए ज्यादातर सफाईकर्मी सरकारी कार्यालयों, अधिकारियों और प्रधानों के घरों तक सिमटकर रह गए हैं। जबकि वह गांवों और स्कूलों में सफाई करते हुए कम ही नजर आते हैं। अभी तक सफाईकर्मी ग्राम पंचायत के रजिस्टर में हाजिरी लगाते थे, जिन्हें कार्यस्थल तक भेजने के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी लगवाने की तैयारी चल रही है।
जिले की 244 ग्राम पंचायतों के 315 कार्यस्थलों पर 304 सफाईकर्मी तैनात हैं। लेकिन इसके बाद भी गांवों में सफाईकर्मी नजर नहीं आते और जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। जिसके चलते ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा परिषदीय स्कूलों में सफाई की इन सफाई कर्मियों के पास जिम्मेदारी है, जहां सफाई कर्मी कभी नहीं जाते। उधर, ग्राम पंचायतों में तैनात ज्यादातर सफाईकर्मी अधिकारियों के कार्यालयों में पानी पिलाने, डाक भेजने, फाइलें पकड़ाने के काम में लगे रहते हैं, जबकि कुछ सरकारी अधिकारियों के कार्यालयों में सफाई समेत अन्य कार्यों में लगे रहते हैं।
इसके अलावा कई ग्राम प्रधानों के घरों में भी सफाईकर्मी घरेलू कार्य ही करते हैं, जबकि गांवों में सफाई करने पर ध्यान नहीं देते। जिसको लेकर बार-बार ग्रामीणों को अधिकारियों से शिकायत करनी पड़ रही है। सफाईकर्मियों के गांवों में नहीं जाने की शिकायतें बढ़ने पर विभाग के मुख्यालय से ऐप से सफाईकर्मियों की हाजिरी लगवाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। जिससे सफाईकर्मियों को गांवों में कार्यस्थल पर जाकर सफाई करनी होगी और अपनी रिपोर्ट भी ऐप पर देनी होगी।
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- एक महीने से नहीं आया सफाईकर्मी
गांव में एक महीने से सफाईकर्मी सफाई करने के लिए नहीं आया। जिस कारण जगह-जगह गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। सफाईकर्मियों की लापरवाही से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। - प्रवीण वालिया, गलहैता।
- कभी एक सप्ताह तो कभी एक महीने में आता है सफाईकर्मी
गांव में तैनात सफाईकर्मी लगातार लापरवाही बरतता है। जो कभी एक सप्ताह में तो कभी एक महीने में गांव में जाकर सफाई करता है। गांव में नियमित रूप से सफाईकर्मी भेजकर सफाई कराई जाए। - इमरान, बिलौचपुरा
- मार्गों पर जलभराव से परेशान
गांव में सफाई कर्मी कई दिन में एक बार आता है। जिससे गांव में सफाई व्यवस्था चरमराई गई है। जिसके लिए ग्रामीण कई बार अधिकारियों से समस्या का निदान कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। - शेर सिंह, सुन्हैड़ा
- अधिकारियों की सेवा में रहते है सफाईकर्मी
सफाईकर्मी गांव में आने के बजाय अधिकारियों की सेवा में लगे रहते हैं। जिससे गांव में सफाई नहीं हो पा रही है और जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। अधिकारियों के यहां लगे सफाईकर्मियों को गांवों में भेजा जाए। - नरेंद्र तोमर, हिलवाड़ी।
- वर्जन-जिले में 315 जगहों पर 304 सफाईकर्मी तैनात है। जो गांवों में जाकर सफाई करते हैं। कुछ सफाईकर्मियों की शिकायत मिलने पर व्यवस्था सुधारी गई है। अब जल्द ही बायोमेट्रिक से सफाईकर्मियों की हाजिरी लगेगी और सफाईकर्मी नियमित अपने कार्यस्थल पर पहुंचेंगे। - अमित त्यागी, डीपीआरओ।
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जिले की 244 ग्राम पंचायतों के 315 कार्यस्थलों पर 304 सफाईकर्मी तैनात हैं। लेकिन इसके बाद भी गांवों में सफाईकर्मी नजर नहीं आते और जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। जिसके चलते ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा परिषदीय स्कूलों में सफाई की इन सफाई कर्मियों के पास जिम्मेदारी है, जहां सफाई कर्मी कभी नहीं जाते। उधर, ग्राम पंचायतों में तैनात ज्यादातर सफाईकर्मी अधिकारियों के कार्यालयों में पानी पिलाने, डाक भेजने, फाइलें पकड़ाने के काम में लगे रहते हैं, जबकि कुछ सरकारी अधिकारियों के कार्यालयों में सफाई समेत अन्य कार्यों में लगे रहते हैं।
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इसके अलावा कई ग्राम प्रधानों के घरों में भी सफाईकर्मी घरेलू कार्य ही करते हैं, जबकि गांवों में सफाई करने पर ध्यान नहीं देते। जिसको लेकर बार-बार ग्रामीणों को अधिकारियों से शिकायत करनी पड़ रही है। सफाईकर्मियों के गांवों में नहीं जाने की शिकायतें बढ़ने पर विभाग के मुख्यालय से ऐप से सफाईकर्मियों की हाजिरी लगवाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। जिससे सफाईकर्मियों को गांवों में कार्यस्थल पर जाकर सफाई करनी होगी और अपनी रिपोर्ट भी ऐप पर देनी होगी।
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- एक महीने से नहीं आया सफाईकर्मी
गांव में एक महीने से सफाईकर्मी सफाई करने के लिए नहीं आया। जिस कारण जगह-जगह गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। सफाईकर्मियों की लापरवाही से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। - प्रवीण वालिया, गलहैता।
- कभी एक सप्ताह तो कभी एक महीने में आता है सफाईकर्मी
गांव में तैनात सफाईकर्मी लगातार लापरवाही बरतता है। जो कभी एक सप्ताह में तो कभी एक महीने में गांव में जाकर सफाई करता है। गांव में नियमित रूप से सफाईकर्मी भेजकर सफाई कराई जाए। - इमरान, बिलौचपुरा
- मार्गों पर जलभराव से परेशान
गांव में सफाई कर्मी कई दिन में एक बार आता है। जिससे गांव में सफाई व्यवस्था चरमराई गई है। जिसके लिए ग्रामीण कई बार अधिकारियों से समस्या का निदान कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। - शेर सिंह, सुन्हैड़ा
- अधिकारियों की सेवा में रहते है सफाईकर्मी
सफाईकर्मी गांव में आने के बजाय अधिकारियों की सेवा में लगे रहते हैं। जिससे गांव में सफाई नहीं हो पा रही है और जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। अधिकारियों के यहां लगे सफाईकर्मियों को गांवों में भेजा जाए। - नरेंद्र तोमर, हिलवाड़ी।
- वर्जन-जिले में 315 जगहों पर 304 सफाईकर्मी तैनात है। जो गांवों में जाकर सफाई करते हैं। कुछ सफाईकर्मियों की शिकायत मिलने पर व्यवस्था सुधारी गई है। अब जल्द ही बायोमेट्रिक से सफाईकर्मियों की हाजिरी लगेगी और सफाईकर्मी नियमित अपने कार्यस्थल पर पहुंचेंगे। - अमित त्यागी, डीपीआरओ।