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वाटर कूलर और हाईमास्ट लाइटें लगवाने में घपला
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सिनौली गांव का सचिन
- फोटो : BAGHPAT
वाटर कूलर और हाईमास्ट लाइटें लगवाने में घपला
बागपत। गांवों में विकास कार्य कराने के बहाने सरकारी धन की बंदरबाट हुई है, इसका खुलासा बीडीओ की जांच में हुआ है। गांवों में करीब डेढ़ साल पहले बिना किसी अनुमति के सचिव व प्रधानों ने मिलकर गांवों में आरओ वाटर कूलर व हाईमास्ट लाइट लगवाकर बाजार रेट से दोगुना से ज्यादा भुगतान कर दिया। आरओ वाटर कूलर कई जगह आजतक शुरू भी नहीं कराए गए। कई गांवों में कुछ दिन बाद ही आरओ वाटर कूलर व हाईमास्ट लाइटें खराब हो गईं।
गांवों में करीब डेढ़ साल पहले ठंडे पानी के लिए 150 लीटर के आरओ वाटर कूलर और रोशनी के लिए हाईमास्ट लाइट लगाई गई थीं। प्रधानों व ग्राम सचिव ने मिलकर इन्हें लगवा जरूर दिया, लेकिन इन्हें शुरू नहीं कराया गया। इसके बावजूद भुगतान कर दिया और वह भी दोगुना से ज्यादा। एक आरओ वाटर कूलर की कीमत जीएसटी सहित 50 हजार रुपये थी। इसके साथ टंकी फिटिंग, सुरक्षा जाल, पाइप, प्लेटफार्म, स्टैंड आदि को मिलाकर खर्चा 60 हजार रुपये से ऊपर नहीं हो सकता है। लेकिन बीडीओ ने ग्राम पंचायतों की ऑनलाइन एमआईएस की जांच की तो उसमें देखा कि इनका भुगतान 98 हजार रुपये से लेकर एक लाख 38 हजार रुपये तक किया गया है। इसे अभी तक ग्राम पंचायत के स्टॉक रजिस्टर तक में शामिल नहीं किया गया। इस तरह हाईमास्ट लाइट में तीस फुट का एक जीआई पोल है, जिसकी लागत 25 हजार रुपये है। इसके अलावा चार एलईडी लाइट की कीमत दस हजार रुपये व जीएसटी के साथ ही इंस्टालेशन कराकर अधिकतम 45 हजार रुपये की लागत आती है। इनका भुगतान 98 हजार रुपये तक किया गया है। आरओ वाटर कूलर व हाईमास्ट लाइट खराब होने पर ठीक नहीं कराई गई तो बीडीओ बड़ौत राहुल वर्मा ने इसकी जांच की। जांच में यह पूरा खुलासा हुआ कि किस तरह से प्रधानों व ग्राम सचिवों ने मिलकर घपला किया है। बीडीओ ने डीएम, सीडीओ, डीडीओ व डीपीआरओ को पत्र लिखकर घपला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
बिना किसी योजना व बगैर अनुमति के लगवाए गए
बीडीओ ने यहां तक कहा है कि गांवों में आरओ वाटर कूलर, हाईमास्ट लाइट को बिना किसी योजना व बगैर अनुमति के लगवाया गया। केवल पंचायतों के खातों से धनराशि निकालने के मकसद से ऐसा किया गया है। कुल कितने रुपये का घोटाला है, यह विस्तृत जांच के बाद ही पता चलेगा।
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हमारे गांव में आरओ वाटर कूलर आजतक शुरू नहीं हुआ
सिनौली गांव के वीशू ने बताया कि गांव में कई साल पहले आरओ वाटर कूलर लगा था। लेकिन उससे ठंडा पानी आजतक किसी ने नहीं पीया है, क्योंकि वाटर कूलर चला ही नहीं। गांव के सचिन ने बताया कि गांव में कई जगह वाटर कूलर लगाए जरूर गए थे। शुरू नहीं होने के कारण किसी को पानी नहीं मिला है।
वर्जन
गांवों में आरओ वाटर कूलर व हाईमास्ट लाइटों को लगवाने में घपला हुआ है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी। सरकार किसी भी जगह भ्रष्टाचार नहीं होने देगी। - भूपेंद्र सिंह, मंत्री पंचायती राज विभाग
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बागपत। गांवों में विकास कार्य कराने के बहाने सरकारी धन की बंदरबाट हुई है, इसका खुलासा बीडीओ की जांच में हुआ है। गांवों में करीब डेढ़ साल पहले बिना किसी अनुमति के सचिव व प्रधानों ने मिलकर गांवों में आरओ वाटर कूलर व हाईमास्ट लाइट लगवाकर बाजार रेट से दोगुना से ज्यादा भुगतान कर दिया। आरओ वाटर कूलर कई जगह आजतक शुरू भी नहीं कराए गए। कई गांवों में कुछ दिन बाद ही आरओ वाटर कूलर व हाईमास्ट लाइटें खराब हो गईं।
गांवों में करीब डेढ़ साल पहले ठंडे पानी के लिए 150 लीटर के आरओ वाटर कूलर और रोशनी के लिए हाईमास्ट लाइट लगाई गई थीं। प्रधानों व ग्राम सचिव ने मिलकर इन्हें लगवा जरूर दिया, लेकिन इन्हें शुरू नहीं कराया गया। इसके बावजूद भुगतान कर दिया और वह भी दोगुना से ज्यादा। एक आरओ वाटर कूलर की कीमत जीएसटी सहित 50 हजार रुपये थी। इसके साथ टंकी फिटिंग, सुरक्षा जाल, पाइप, प्लेटफार्म, स्टैंड आदि को मिलाकर खर्चा 60 हजार रुपये से ऊपर नहीं हो सकता है। लेकिन बीडीओ ने ग्राम पंचायतों की ऑनलाइन एमआईएस की जांच की तो उसमें देखा कि इनका भुगतान 98 हजार रुपये से लेकर एक लाख 38 हजार रुपये तक किया गया है। इसे अभी तक ग्राम पंचायत के स्टॉक रजिस्टर तक में शामिल नहीं किया गया। इस तरह हाईमास्ट लाइट में तीस फुट का एक जीआई पोल है, जिसकी लागत 25 हजार रुपये है। इसके अलावा चार एलईडी लाइट की कीमत दस हजार रुपये व जीएसटी के साथ ही इंस्टालेशन कराकर अधिकतम 45 हजार रुपये की लागत आती है। इनका भुगतान 98 हजार रुपये तक किया गया है। आरओ वाटर कूलर व हाईमास्ट लाइट खराब होने पर ठीक नहीं कराई गई तो बीडीओ बड़ौत राहुल वर्मा ने इसकी जांच की। जांच में यह पूरा खुलासा हुआ कि किस तरह से प्रधानों व ग्राम सचिवों ने मिलकर घपला किया है। बीडीओ ने डीएम, सीडीओ, डीडीओ व डीपीआरओ को पत्र लिखकर घपला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
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बिना किसी योजना व बगैर अनुमति के लगवाए गए
बीडीओ ने यहां तक कहा है कि गांवों में आरओ वाटर कूलर, हाईमास्ट लाइट को बिना किसी योजना व बगैर अनुमति के लगवाया गया। केवल पंचायतों के खातों से धनराशि निकालने के मकसद से ऐसा किया गया है। कुल कितने रुपये का घोटाला है, यह विस्तृत जांच के बाद ही पता चलेगा।
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हमारे गांव में आरओ वाटर कूलर आजतक शुरू नहीं हुआ
सिनौली गांव के वीशू ने बताया कि गांव में कई साल पहले आरओ वाटर कूलर लगा था। लेकिन उससे ठंडा पानी आजतक किसी ने नहीं पीया है, क्योंकि वाटर कूलर चला ही नहीं। गांव के सचिन ने बताया कि गांव में कई जगह वाटर कूलर लगाए जरूर गए थे। शुरू नहीं होने के कारण किसी को पानी नहीं मिला है।
वर्जन
गांवों में आरओ वाटर कूलर व हाईमास्ट लाइटों को लगवाने में घपला हुआ है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी। सरकार किसी भी जगह भ्रष्टाचार नहीं होने देगी। - भूपेंद्र सिंह, मंत्री पंचायती राज विभाग

सिनौली गांव का युवक वीशु- फोटो : BAGHPAT