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Baghpat News: चिकित्सकों व फार्मासिस्टों ने काली पट्टी बांधकर किया काम
Sat, 17 Oct 2026 08:19 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sat, 17 Oct 2026 08:19 PM IST
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बागपत के जिला अस्पताल में काली पट्टी बांधकर काम करते फार्मासिस्ट हारून। संवाद
जिला अस्पताल के सीएमएस, चिकित्सक व फार्मासिस्ट पर दर्ज प्राथमिकी खत्म नहीं होने पर शुरू किया आंदोलन
-23 से अनिश्चतकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी
- भाकियू नेताओं ने जांच पूरी होने तक आंदोलन को निरस्त किया
फोटो-13
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिलेभर के चिकित्सक व फार्मासिस्टों ने शनिवार से काली पट्टी बांधकर कार्य किया और 23 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया। भाकियू नेताओं ने शनिवार को एसपी से वार्ता करने के बाद जांच पूरी होने तक आंदोलन को स्थगित कर दिया। साथ ही एसपी ने उन्हें जांच पूरी होने तक किसी भी चिकित्सक व फार्मासिस्ट का नाम नहीं निकालने का आश्वासन दिया।
जिला अस्पताल के सीएमएस, चिकित्सक व फार्मासिस्ट पर दर्ज प्राथमिकी खत्म नहीं होने के विरोध में जिला अस्पताल, सभी सीएचसी व पीएचसी पर शनिवार को चिकित्सकों व फार्मासिस्टों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया और विरोध जताया। उन्होंने पुलिस से सीएमएस डॉ. अनुराग वार्ष्णेय, चिकित्सक डॉ. विक्रांत चौबे व फार्मासिस्ट मोहित त्यागी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी निरस्त करने की मांग की।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार गर्ग ने कहा कि यदि पुलिस ने जल्द ही प्राथमिकी निरस्त नहीं की तो जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था ठप कर दी जाएगी। सीएमएस डॉ. अनुराग वार्ष्णेय ने बताया कि 19 अक्तूबर तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रकट किया जाएगा। 20 से 22 अक्तूबर तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार व 23 से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार कर आंदोलन शुरू किया जाएगा। आवश्यक होने पर प्रदेशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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एसपी से वार्ता के बाद भाकियू नेता हटे पीछे
बागपत। भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल शनिवार को एसपी पूर्णेंदु सिंह से आवास पर वार्ता की। दिल्ली एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा ने बताया कि एसपी ने आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने तक किसी भी चिकित्सक व फार्मासिस्ट का नाम प्राथमिकी से नहीं निकाला जाएगा। दोनों पक्षों से साक्ष्य मांगे गए हैं। मामले में किसी भी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा और यदि कोई दोषी होगा उसको जेल भेजा जाएगा। एसपी का आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन को स्थगित कर दिया गया है। जांच पूरी होने तक कोई भी आंदोलन नहीं किया जाएगा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने किसी भी दबाव में आकर नाम निकाला तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान इंद्रपाल सिंह, हिम्मत सिंह आदि मौजूद रहे। एसपी ने कहा कि मामले में जांच की जा रही है और जांच में जिस तरह की बात सामने आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई होगी।
यह था मामला
बागपत। भाकियू के एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा ने की पत्नी सुंदरी देवी को सांप के डसने पर जिला अस्पताल में 4 नवंबर 2025 को भर्ती कराया गया। उनका आरोप था कि उनकी पत्नी के उपचार में लापरवाही बरती गई और उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने सीएमएस, चिकित्सक व फार्मासिस्ट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
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-23 से अनिश्चतकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी
- भाकियू नेताओं ने जांच पूरी होने तक आंदोलन को निरस्त किया
फोटो-13
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिलेभर के चिकित्सक व फार्मासिस्टों ने शनिवार से काली पट्टी बांधकर कार्य किया और 23 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया। भाकियू नेताओं ने शनिवार को एसपी से वार्ता करने के बाद जांच पूरी होने तक आंदोलन को स्थगित कर दिया। साथ ही एसपी ने उन्हें जांच पूरी होने तक किसी भी चिकित्सक व फार्मासिस्ट का नाम नहीं निकालने का आश्वासन दिया।
जिला अस्पताल के सीएमएस, चिकित्सक व फार्मासिस्ट पर दर्ज प्राथमिकी खत्म नहीं होने के विरोध में जिला अस्पताल, सभी सीएचसी व पीएचसी पर शनिवार को चिकित्सकों व फार्मासिस्टों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया और विरोध जताया। उन्होंने पुलिस से सीएमएस डॉ. अनुराग वार्ष्णेय, चिकित्सक डॉ. विक्रांत चौबे व फार्मासिस्ट मोहित त्यागी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी निरस्त करने की मांग की।
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प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार गर्ग ने कहा कि यदि पुलिस ने जल्द ही प्राथमिकी निरस्त नहीं की तो जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था ठप कर दी जाएगी। सीएमएस डॉ. अनुराग वार्ष्णेय ने बताया कि 19 अक्तूबर तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रकट किया जाएगा। 20 से 22 अक्तूबर तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार व 23 से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार कर आंदोलन शुरू किया जाएगा। आवश्यक होने पर प्रदेशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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एसपी से वार्ता के बाद भाकियू नेता हटे पीछे
बागपत। भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल शनिवार को एसपी पूर्णेंदु सिंह से आवास पर वार्ता की। दिल्ली एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा ने बताया कि एसपी ने आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने तक किसी भी चिकित्सक व फार्मासिस्ट का नाम प्राथमिकी से नहीं निकाला जाएगा। दोनों पक्षों से साक्ष्य मांगे गए हैं। मामले में किसी भी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा और यदि कोई दोषी होगा उसको जेल भेजा जाएगा। एसपी का आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन को स्थगित कर दिया गया है। जांच पूरी होने तक कोई भी आंदोलन नहीं किया जाएगा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने किसी भी दबाव में आकर नाम निकाला तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान इंद्रपाल सिंह, हिम्मत सिंह आदि मौजूद रहे। एसपी ने कहा कि मामले में जांच की जा रही है और जांच में जिस तरह की बात सामने आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई होगी।
यह था मामला
बागपत। भाकियू के एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा ने की पत्नी सुंदरी देवी को सांप के डसने पर जिला अस्पताल में 4 नवंबर 2025 को भर्ती कराया गया। उनका आरोप था कि उनकी पत्नी के उपचार में लापरवाही बरती गई और उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने सीएमएस, चिकित्सक व फार्मासिस्ट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

बागपत के जिला अस्पताल में काली पट्टी बांधकर काम करते फार्मासिस्ट हारून। संवाद