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नामजद आरोपियों की कुंडली खंगाल रही पुलिस
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संजय ने बेटे को दिला दी थी क्लीनचिट, तभी से थी रंजिश
2018 में हुआ था झगड़ा, खोखर ने मुकदमे से निकलवा दिया था नाम
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। अब तक की जांच में सामने आया है कि दो साल पहले हुए झगड़े में नामजद बेटे को संजय खोखर ने क्लीन चिट दिलाई थी। इसी रंजिश में हत्या की वारदात अंजाम दी गई। हत्या में नामजद आरोपी किस-किसके संपर्क में थे, इसकी जांच में भी पुलिस जुटी है।
संजय खोखर की हत्या की अब तक की जांच में 17 नवंबर 2018 को छपरौली में हुए झगड़े की रंजिश सामने आई है। मुकदमे में भी यही वजह बताई गई है। हेवा गांव के विकास कुमार पक्ष के लोगों ने संजय खोखर के घर पर हमला किया था। दोनों ओर से लाठी डंडे चले, जिसमें विकास को गंभीर चोट लगी थी। विकास कोमा में चला गया था और बाद में दिव्यांग हो गया था। उस मामले में संजय खोखर के बेटे अक्षय खोखर समेत 30 लोग नामजद हुए थे। वहीं से रंजिश शुरू हुई। संजय खोखर ने अपने बेटे की निर्दोष बताते हुए लखनऊ तक पैरवी करते हुए क्लीन चिट दिला दी थी। मुकदमे से अक्षय का नाम निकल गया था। दूसरा पक्ष इस बात को लेकर रंजिश रख रहा था। संजय खोखर की हत्या के चार नामजदों मेें विकास का भाई विनीत भी शामिल है। वहीं पुलिस ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगा दिया है।
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2018 में हुआ था झगड़ा, खोखर ने मुकदमे से निकलवा दिया था नाम
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। अब तक की जांच में सामने आया है कि दो साल पहले हुए झगड़े में नामजद बेटे को संजय खोखर ने क्लीन चिट दिलाई थी। इसी रंजिश में हत्या की वारदात अंजाम दी गई। हत्या में नामजद आरोपी किस-किसके संपर्क में थे, इसकी जांच में भी पुलिस जुटी है।
संजय खोखर की हत्या की अब तक की जांच में 17 नवंबर 2018 को छपरौली में हुए झगड़े की रंजिश सामने आई है। मुकदमे में भी यही वजह बताई गई है। हेवा गांव के विकास कुमार पक्ष के लोगों ने संजय खोखर के घर पर हमला किया था। दोनों ओर से लाठी डंडे चले, जिसमें विकास को गंभीर चोट लगी थी। विकास कोमा में चला गया था और बाद में दिव्यांग हो गया था। उस मामले में संजय खोखर के बेटे अक्षय खोखर समेत 30 लोग नामजद हुए थे। वहीं से रंजिश शुरू हुई। संजय खोखर ने अपने बेटे की निर्दोष बताते हुए लखनऊ तक पैरवी करते हुए क्लीन चिट दिला दी थी। मुकदमे से अक्षय का नाम निकल गया था। दूसरा पक्ष इस बात को लेकर रंजिश रख रहा था। संजय खोखर की हत्या के चार नामजदों मेें विकास का भाई विनीत भी शामिल है। वहीं पुलिस ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगा दिया है।
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