Amar Ujala Exclusive: सखी करती रहीं मानदेय का इंतजार, जिम्मेदारों ने किया बंटाधार, लाखों का घपला उजागर
ग्रामीण आंचल में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए बीसी सखी नियुक्त की गईं थी। अब उत्तर प्रदेश के बड़ौत में जिम्मेदारों द्वारा इनके मानदेय को लेकर बड़ा घपला करने का मामला सामने आया है। पढ़ें अमर उजाला की ये रिपोर्ट।
विस्तार
एक ओर जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री ग्रामीण आंचल में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे है और बीसी सखी के माध्यम से कार्यक्रम आयोजित करा रहे है, वहीं अब जिम्मेदारों द्वारा बीसी सखी कार्यक्रम में लाखों का घपला करने का मामला प्रकाश में आया है। शिकायत प्राप्त होते ही आयुक्त स्वत: रोजगार एनआरएलएम ने जांच बैठा दी है।
ग्रामीण इलाकों में ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं मुहैया करने के लिए बैंकिंग कोरेस्पोंडेंट यानी बीसी सखियों की तैनाती गांवों में की गई है। ये गांव वालों को उनके बिजली के बिल उपलब्ध कराने एवं इनका भुगतान कराने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
इसी को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों मेें ग्रामीण आंचल में बीसी सखी कार्यक्रम के तहत लोगों को डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम कर प्रत्येक बीसी सखी के खाते में 16300 धनराशि भेजने के लिए निर्देशित किया था।
जिसके बाद जनपद बागपत में अप्रैल माह में अलग-अलग गांवों में तकरीबन 100 से अधिक बीसी सखी ने कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को बैंक खाते से पैसा निकालने से लेकर पैसा जमा करना, खाता खोलना, बीमा करना, बिजली सहित अन्य बिल जमा करना आदि सेवाएं के लिए जागरूक किया था। ताकि इन सेवाओं के लिए गांव वालों को बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ती है। लेकिन 100 में से 50 से अधिक बीसी सखी को कार्यक्रम के बाद भी पूरी धनराशि नहीं दी गई।
बूढ़पुर गांव निवासी बीसी सखी सीमा सहित अन्य बीसी सखी ने लखनऊ साक्ष्य सहित शिकायत कर विभागीय अधिकारियों और पदाधिकारियों पर 16300 रुपये की धनराशि के बजाए मात्र 3500 से 6000 रुपये देकर लाखों रुपये के गबन होने का खुलासा करने का दावा किया है। शिकायत में विभागीय अधिकारियों पर बीसी सखी के फर्जी हस्ताक्षर करने का भी आरोप लगाया है।
यह भी पढ़ें: Baghpat: भाजपा जिलाध्यक्ष की घोषणा जल्द, ब्राह्मण या जाट को पार्टी दे सकती है जिम्मेदारी, नेता लगा रहे दौड़
यह शिकायत लखनऊ तक शिकायत पहुंची तो लखनऊ से उपायुक्त स्वत
रोजगार एनआरएलएम बागपत ब्रजभूषण को शिकायत की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिसके बाद उपायुक्त स्वत: रोजगार एनआरएलएम ब्रजभूषण ने शिकायत की जांच बैठा दी। जांच के लिए जिला मिशन प्रबंधक रोहन और शाह फैसल अंसारी को जांच सौंपी है।
बीसी सखी ने डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए कराएं गए कार्यक्रम में पूरी धनराशि न मिलने की शिकायत लखनऊ और डीएम को की है। उपायुक्त स्वत रोजगार एनआरएलएम ने जांच बैठा दी है, पूरी निष्पक्षता के साथ जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। - रोहन जिला मिशन प्रबंधक बागपत