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त्याग इंसान को महान बनाता है:महेश शास्त्री
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बिनौली। बरनावा के श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर में दशलक्षण पर्व के आठवें दिन श्रद्धालुओं ने विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना कर श्रीफल अर्पित करते हुए उत्तम त्याग धर्म को अंगीकार किया। पंडित महेश चंद शास्त्री ने कहा कि जगत में वही पुरुष दानी है, जो स्वेच्छा से अपने जीवन में त्याग को अपना लेता है।
विधान में शास्त्री ने कहा कि धर्म की इमारत त्याग की नींव पर ही खड़ी होती है। वस्तु के त्याग के साथ इसके प्रति ममत्व भाव का भी त्याग करना। त्याग का अर्थ है एक ऐसी अग्नि का संयोग जो व्यर्थ का सब कुछ जलाकर राख कर दे। जिनके पास जीवन है, सौंदर्य है, यौवन है, किंतु त्याग नहीं है, वह संसार के सबसे बड़े भिखारी होते हैं। यदि वृक्ष फलों का त्याग करना बंद कर दे, तो संसार की स्थिति क्या होगी। यदि नदी का जल बहना बंद हो जाए वह एक ही स्थान पर इकट्ठा हो जाए तो उस पर काई जम जाएगी।
उधर बिनौली के श्री दिगंबर जैन पुराना मंदिर में पंडित अश्वनी नानावटी के निर्देशन में जैन समाज के लोगों ने श्रद्धाभाव के साथ उत्तम त्याग धर्म की पूजा अर्चना की। रात्रि में मंदिर में भजन संध्या, आरती व बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मौके पर सुभाष चंद जैन, राकेश जैन, बबली जैन, मदन जैन, प्रमोद जैन, जिवेंद्र जैन, कमल जैन, आशीष जैन, नीरज जैन, उत्सव जैन आदि उपस्थित रहे। श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने उत्तम त्याग धर्म को अंगीकार किया।
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विधान में शास्त्री ने कहा कि धर्म की इमारत त्याग की नींव पर ही खड़ी होती है। वस्तु के त्याग के साथ इसके प्रति ममत्व भाव का भी त्याग करना। त्याग का अर्थ है एक ऐसी अग्नि का संयोग जो व्यर्थ का सब कुछ जलाकर राख कर दे। जिनके पास जीवन है, सौंदर्य है, यौवन है, किंतु त्याग नहीं है, वह संसार के सबसे बड़े भिखारी होते हैं। यदि वृक्ष फलों का त्याग करना बंद कर दे, तो संसार की स्थिति क्या होगी। यदि नदी का जल बहना बंद हो जाए वह एक ही स्थान पर इकट्ठा हो जाए तो उस पर काई जम जाएगी।
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उधर बिनौली के श्री दिगंबर जैन पुराना मंदिर में पंडित अश्वनी नानावटी के निर्देशन में जैन समाज के लोगों ने श्रद्धाभाव के साथ उत्तम त्याग धर्म की पूजा अर्चना की। रात्रि में मंदिर में भजन संध्या, आरती व बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मौके पर सुभाष चंद जैन, राकेश जैन, बबली जैन, मदन जैन, प्रमोद जैन, जिवेंद्र जैन, कमल जैन, आशीष जैन, नीरज जैन, उत्सव जैन आदि उपस्थित रहे। श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने उत्तम त्याग धर्म को अंगीकार किया।
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