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हाई सिक्योरिटी प्लेट बिना 19 से नहीं होगा आरटीओ में कोई काम
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हाई सिक्योरिटी प्लेट बिना 19 से नहीं होगा आरटीओ में कोई काम
बागपत। एनसीआर के आठ जिलों में फर्राटा भर रहे 31 लाख वाहनों के स्वामियों की मुश्किलें बढ़नी शुरू हो गई हैं। एक अप्रैल 2019 से पहले खरीदे गए वाहनों को बिना हाईसिक्योरिटी प्लेट के 19 अक्तूबर से परिवहन कार्यालय से फिटनेस प्रमाण पत्र, विशेष परमिट, नेशनल परमिट आदि नहीं दिए जाएंगे। संबंधित वाहनों की एजेंसी से ही सिक्योरिटी प्लेट लगेंगी। गाजियाबाद के सबके अधिक आठ लाख 59 हजार वाहन स्वामी प्रभावित होंगे।
वाहनों पर हाईसिक्योरिटी प्लेट लगवाने के लिए परिवहन विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। एक अप्रैल 2019 से पहले खरीदे गए वाहनों पर हाईसिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के लिए सख्ती शुरू की गई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के गाजियाबाद, बागपत, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, हापुड़, मेरठ, मुजफ्फरनगर और शामली जिले के करीब 31 लाख 73 हजार 218 वाहनों में तीन माह में हाई सिक्योरिटी प्लेट लगवानी होगी।
एआरटीओ सुभाष राजपूत ने बताया कि 19 अक्तूबर से ऐसे वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जाएंगे। इसके अलावा पंजीयन प्रमाण पत्र की द्वितीय प्रति, स्वामित्व अंतरण, पता परिवर्तन, पंजीयन का नवीनीकरण, एनओसी, नया परमिट, परमिट की द्वितीय प्रति, परमिट नवीनीकरण, अस्थायी परमिट, विशेष परमिट और नेशनल परमिट देने से पहले चेक किया जाएगा कि वाहन पर थर्ड रजिस्ट्रेशन मार्क्स सहित हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगी है या नहीं।
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किस जिले में कितने वाहन
जिला वाहन
गाजियाबाद 859109
नोएडा 603684
बुलंदशहर 407752
हापुड़ 115033
मेरठ 679140
बागपत 127437
मुजफ्फरनगर 332113
शामली 48950
अब तक इन वाहनों पर लगी प्लेट
एक अप्रैल 2019 से पहले खरीदे गए वाहनों पर हाईसिक्योरिटी प्लेट लगने की प्रक्रिया बेहद धीमी है। अब तक करीब 3200 वाहनों पर ही यह प्लेट लग सकी है। सबसे कम 32 वाहनों पर हाईसिक्योरिटी प्लेट लगाने का काम बागपत जिले में ही हुआ है।
पहला चालान पांच हजार, दूसरा दस हजार का
एनसीआर के 31 लाख से ज्यादा वाहनों पर सिर्फ तीन माह में हाई सिक्योरिटी प्लेट लगनी है। इसके बाद बिना सिक्योरिटी प्लेट के वाहनों का चालान करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। परिवहन विभाग की ओर से पहला चालान पांच हजार और दूसरा चालान दस हजार रुपये का काटा जाएगा।
वाहन एजेंसी से ही लगेगी प्लेट
एआरटीओ सुभाष राजपूत का कहना है कि हाई सिक्योरिटी प्लेट लगाने का कार्य संबंधित वाहनों की एजेंसी को ही दिया गया है। जिस कंपनी के वाहन होंगे, उसी से हाई सिक्योरिटी प्लेट लगवाई जाएगी। जिन वाहनों की कंपनी बंद हो चुकी हैं, वे दूसरे वाहनों की एजेंसी से प्लेट लगवा सकते हैं।
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बागपत। एनसीआर के आठ जिलों में फर्राटा भर रहे 31 लाख वाहनों के स्वामियों की मुश्किलें बढ़नी शुरू हो गई हैं। एक अप्रैल 2019 से पहले खरीदे गए वाहनों को बिना हाईसिक्योरिटी प्लेट के 19 अक्तूबर से परिवहन कार्यालय से फिटनेस प्रमाण पत्र, विशेष परमिट, नेशनल परमिट आदि नहीं दिए जाएंगे। संबंधित वाहनों की एजेंसी से ही सिक्योरिटी प्लेट लगेंगी। गाजियाबाद के सबके अधिक आठ लाख 59 हजार वाहन स्वामी प्रभावित होंगे।
वाहनों पर हाईसिक्योरिटी प्लेट लगवाने के लिए परिवहन विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। एक अप्रैल 2019 से पहले खरीदे गए वाहनों पर हाईसिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के लिए सख्ती शुरू की गई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के गाजियाबाद, बागपत, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, हापुड़, मेरठ, मुजफ्फरनगर और शामली जिले के करीब 31 लाख 73 हजार 218 वाहनों में तीन माह में हाई सिक्योरिटी प्लेट लगवानी होगी।
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एआरटीओ सुभाष राजपूत ने बताया कि 19 अक्तूबर से ऐसे वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जाएंगे। इसके अलावा पंजीयन प्रमाण पत्र की द्वितीय प्रति, स्वामित्व अंतरण, पता परिवर्तन, पंजीयन का नवीनीकरण, एनओसी, नया परमिट, परमिट की द्वितीय प्रति, परमिट नवीनीकरण, अस्थायी परमिट, विशेष परमिट और नेशनल परमिट देने से पहले चेक किया जाएगा कि वाहन पर थर्ड रजिस्ट्रेशन मार्क्स सहित हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगी है या नहीं।
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किस जिले में कितने वाहन
जिला वाहन
गाजियाबाद 859109
नोएडा 603684
बुलंदशहर 407752
हापुड़ 115033
मेरठ 679140
बागपत 127437
मुजफ्फरनगर 332113
शामली 48950
अब तक इन वाहनों पर लगी प्लेट
एक अप्रैल 2019 से पहले खरीदे गए वाहनों पर हाईसिक्योरिटी प्लेट लगने की प्रक्रिया बेहद धीमी है। अब तक करीब 3200 वाहनों पर ही यह प्लेट लग सकी है। सबसे कम 32 वाहनों पर हाईसिक्योरिटी प्लेट लगाने का काम बागपत जिले में ही हुआ है।
पहला चालान पांच हजार, दूसरा दस हजार का
एनसीआर के 31 लाख से ज्यादा वाहनों पर सिर्फ तीन माह में हाई सिक्योरिटी प्लेट लगनी है। इसके बाद बिना सिक्योरिटी प्लेट के वाहनों का चालान करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। परिवहन विभाग की ओर से पहला चालान पांच हजार और दूसरा चालान दस हजार रुपये का काटा जाएगा।
वाहन एजेंसी से ही लगेगी प्लेट
एआरटीओ सुभाष राजपूत का कहना है कि हाई सिक्योरिटी प्लेट लगाने का कार्य संबंधित वाहनों की एजेंसी को ही दिया गया है। जिस कंपनी के वाहन होंगे, उसी से हाई सिक्योरिटी प्लेट लगवाई जाएगी। जिन वाहनों की कंपनी बंद हो चुकी हैं, वे दूसरे वाहनों की एजेंसी से प्लेट लगवा सकते हैं।