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जीआरपी का खेल... रोहित सांडू की मौत के बाद जोड़ा सुपारी का लिंक
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जीआरपी का खेल... रोहित सांडू की मौत के बाद जोड़ा सुपारी का लिंक
बागपत। जनता एक्सप्रेस में अश्वनी शर्मा की हत्या में गोपाल शर्मा को जेल भेजे जाने के मामले में जीआरपी की किरकिरी हो रही है। आरोपी और पीड़ित दोनों ही परिवार के सदस्य जीआरपी के खुलासे से संतुष्ट नहीं है। रोहित सांडू के एनकाउंटर के बाद सुपारी दिए जाने का लिंक जोड़ा गया है। वारदात तीन साल पहले हुई और रोहित सांडू के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने से पहले जीआरपी ने गोपाल शर्मा और रोहित सांडू के बीच किसी तरह के लिंक का खुलासा कभी नहीं किया था।
जनता एक्सप्रेस में चार नवंबर 2016 को शामली के मालैंडी गांव निवासी अश्वनी शर्मा पुत्र जनेश्वरदत्त शर्मा की हत्या कर दी गई थी। बड़ौत में जीआरपी ने अश्वनी के शव को उतारा था। मृतक के भाई नितिन शर्मा ने अज्ञात युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जीआरपी ने शूटर गौरव पुत्र मदन निवासी अग्रवाल मंडी टटीरी को गिरफ्तार किया था। जीआरपी सीओ रामलखन मिश्र ने खुलासा कर दिया था। मामले में पेंच शामली निवासी गोपाल शर्मा की गिरफ्तारी के बाद फंसना शुरू हुआ। असल में जीआरपी का कहना है कि मुठभेड़ में मारे जा चुके रोहित सांडू को गोपाल शर्मा ने सुपारी दी थी। सवाल यह है कि रोहित सांड़ू की फरारी और पुलिस मुठभेड़ में कभी भी गोपाल शर्मा के साथ किसी तरह के लिंक की पुष्टि नहीं हुई। जीआरपी ने भी इस तरह का खुलासा नहीं किया। एकाएक तीन साल बाद जीआरपी ने गौरव के बयान को आधार बनाते हुए गोपाल शर्मा को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि अगर जीआरपी की ही मानें तो सुपारी रोहित सांडू को दी गई थी, गौरव और कपिल की कभी गोपाल से पहचान नहीं थी। ऐसे में रोहित सांडू की मौत के बाद गोपाल शर्मा को साजिश रचने के आरोप में जेल भेजे जाने पर जीआरपी की थ्योरी पर सवाल उठ रहे हैं। आरोपी और पीड़ित दोनों ही परिवार खुलासे से संतुष्ट नहीं हैं।
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बागपत। जनता एक्सप्रेस में अश्वनी शर्मा की हत्या में गोपाल शर्मा को जेल भेजे जाने के मामले में जीआरपी की किरकिरी हो रही है। आरोपी और पीड़ित दोनों ही परिवार के सदस्य जीआरपी के खुलासे से संतुष्ट नहीं है। रोहित सांडू के एनकाउंटर के बाद सुपारी दिए जाने का लिंक जोड़ा गया है। वारदात तीन साल पहले हुई और रोहित सांडू के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने से पहले जीआरपी ने गोपाल शर्मा और रोहित सांडू के बीच किसी तरह के लिंक का खुलासा कभी नहीं किया था।
जनता एक्सप्रेस में चार नवंबर 2016 को शामली के मालैंडी गांव निवासी अश्वनी शर्मा पुत्र जनेश्वरदत्त शर्मा की हत्या कर दी गई थी। बड़ौत में जीआरपी ने अश्वनी के शव को उतारा था। मृतक के भाई नितिन शर्मा ने अज्ञात युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जीआरपी ने शूटर गौरव पुत्र मदन निवासी अग्रवाल मंडी टटीरी को गिरफ्तार किया था। जीआरपी सीओ रामलखन मिश्र ने खुलासा कर दिया था। मामले में पेंच शामली निवासी गोपाल शर्मा की गिरफ्तारी के बाद फंसना शुरू हुआ। असल में जीआरपी का कहना है कि मुठभेड़ में मारे जा चुके रोहित सांडू को गोपाल शर्मा ने सुपारी दी थी। सवाल यह है कि रोहित सांड़ू की फरारी और पुलिस मुठभेड़ में कभी भी गोपाल शर्मा के साथ किसी तरह के लिंक की पुष्टि नहीं हुई। जीआरपी ने भी इस तरह का खुलासा नहीं किया। एकाएक तीन साल बाद जीआरपी ने गौरव के बयान को आधार बनाते हुए गोपाल शर्मा को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि अगर जीआरपी की ही मानें तो सुपारी रोहित सांडू को दी गई थी, गौरव और कपिल की कभी गोपाल से पहचान नहीं थी। ऐसे में रोहित सांडू की मौत के बाद गोपाल शर्मा को साजिश रचने के आरोप में जेल भेजे जाने पर जीआरपी की थ्योरी पर सवाल उठ रहे हैं। आरोपी और पीड़ित दोनों ही परिवार खुलासे से संतुष्ट नहीं हैं।
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