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गैस सिलिंडर के बढ़ते दामों ने बिगाड़ा रसोई का बजट
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बड़ौत। घरेलू गैस सिलिंडर की कीमत बढ़ने से रसोई के बजट पर और अधिक भार पड़ गया है। गृहिणियों का कहना है कि केंद्र सरकार को महंगाई पर नियंत्रण के लिए विशेष तौर पर काम करना चाहिए। विशेषकर दैनिक उपयोग की वस्तुओं और रसोई गैस की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी उपाय किए जाने चाहिए।
गरिमा ने कहा कि पहले से ही खाद्य सामग्री पर महंगाई की मार पड़ रही है। दाल, सरसों का तेल, रिफाइंड आदि खाद्य वस्तुओं की कीमतें वर्तमान में आसमान छू रही हैं। अब रसोई गैस के सिलिंडर के दाम में एक सप्ताह में 75 रुपये की बढ़ोतरी होने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। सरकार को ध्यान रखना चाहिए।
ब्रिजेश देवी ने कहा कि भाजपा सरकार महंगाई को किसी भी प्रकार से नियंत्रित नहीं कर पा रही है। महंगाई के चलते गरीब को रसोई पकाना मुश्किल हो गया है। घरेलू गैस की कीमतें बढ़ जाने से रसोई का बजट और गड़बड़ा गया है।
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गृहिणी सविता राणा ने कहा कि गरीब परिवारों के लिए गैस की बढ़ती कीमतें परेशान करने वाली है। पहले से ही लोगों के सामने महंगाई मुंह फैला, खड़ी है। सरकार ने रसोई गैस की कीमतें बढ़ा कर आग में घी डालने का काम किया है। महंगाई नियंत्रण के लिए प्रयास करने चाहिए।
गृहणी स्वाति चौधरी ने कहा कि कोरोना काल में लोगों के आय के साधन खत्म हो गए। आम लोगों के सामने घर चलाना मुश्किल हो रहा है। भले ही लाकडाउन समाप्त हो गया है लेकिन फिर भी लोग काफी परेशान हैं। सरकार मूल्य वृद्धि वापस लेनी चाहिए।
गैस एजेंसी संचालक का कहना
दिल्ली रोड स्थित पीतम गोंविद इंडेन सेवा के मालिक देवेंद्र सिंह मलिक ने बताया कि जनवरी में 14.200 किलोग्राम के गैस सिलिंडर का दाम 692 रुपये था। एक सप्ताह के अंदर एक बार 25 और दूसरी बार 50 रुपये बढ़ने से अब गैस सिलिंडर का दाम 767 रुपये हो गया है।
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बड़ौत। घरेलू गैस सिलिंडर की कीमत बढ़ने से रसोई के बजट पर और अधिक भार पड़ गया है। गृहिणियों का कहना है कि केंद्र सरकार को महंगाई पर नियंत्रण के लिए विशेष तौर पर काम करना चाहिए। विशेषकर दैनिक उपयोग की वस्तुओं और रसोई गैस की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी उपाय किए जाने चाहिए।
गरिमा ने कहा कि पहले से ही खाद्य सामग्री पर महंगाई की मार पड़ रही है। दाल, सरसों का तेल, रिफाइंड आदि खाद्य वस्तुओं की कीमतें वर्तमान में आसमान छू रही हैं। अब रसोई गैस के सिलिंडर के दाम में एक सप्ताह में 75 रुपये की बढ़ोतरी होने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। सरकार को ध्यान रखना चाहिए।
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ब्रिजेश देवी ने कहा कि भाजपा सरकार महंगाई को किसी भी प्रकार से नियंत्रित नहीं कर पा रही है। महंगाई के चलते गरीब को रसोई पकाना मुश्किल हो गया है। घरेलू गैस की कीमतें बढ़ जाने से रसोई का बजट और गड़बड़ा गया है।
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गृहिणी सविता राणा ने कहा कि गरीब परिवारों के लिए गैस की बढ़ती कीमतें परेशान करने वाली है। पहले से ही लोगों के सामने महंगाई मुंह फैला, खड़ी है। सरकार ने रसोई गैस की कीमतें बढ़ा कर आग में घी डालने का काम किया है। महंगाई नियंत्रण के लिए प्रयास करने चाहिए।
गृहणी स्वाति चौधरी ने कहा कि कोरोना काल में लोगों के आय के साधन खत्म हो गए। आम लोगों के सामने घर चलाना मुश्किल हो रहा है। भले ही लाकडाउन समाप्त हो गया है लेकिन फिर भी लोग काफी परेशान हैं। सरकार मूल्य वृद्धि वापस लेनी चाहिए।
गैस एजेंसी संचालक का कहना
दिल्ली रोड स्थित पीतम गोंविद इंडेन सेवा के मालिक देवेंद्र सिंह मलिक ने बताया कि जनवरी में 14.200 किलोग्राम के गैस सिलिंडर का दाम 692 रुपये था। एक सप्ताह के अंदर एक बार 25 और दूसरी बार 50 रुपये बढ़ने से अब गैस सिलिंडर का दाम 767 रुपये हो गया है।