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मोह माया का त्याग कर धार्मिक कार्यों में लगाएं मन : सिद्ध गुरु
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-जिवाना गुलियान में दूसरे दिन यजुर्वेद पारायण महायज्ञ हुआ
फोटो-छह
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। जिवाना गुलियान के सिद्ध गुरु आध्यात्मिक पीठ नीलकंठ आश्रम में तीसरे दिन बुधवार को भी यज्ञ किया गया। श्रद्धालुओं ने आहुति देकर गांव में सुख शांति की कामना की।
ब्रह्मा आचार्य अमित कुमार शास्त्री ने विधि-विधान से यज्ञ कराया, यजमान राजकुमार रहे। आचार्य अंकुर भारद्वाज ने भजन प्रस्तुत किए। आश्रम के पीठाधीश सिद्ध गुरु महाराज ने कहा कि दूसरों के प्रति गलत भावना रखना ही मनुष्य के विनाश का कारण है और उसे पतन की तरफ धकेल देता है। लोभ, मोह, अहंकार जैसे दुर्गुण व्यक्ति को नीचे गिराते हैं। मनुष्य को दुर्गणों का त्याग कर सत्संग में आना चाहिए। मोक्ष और कल्याण के मार्ग के लिए परमात्मा की भक्ति करनी चाहिए और परमार्थ के कार्य करने चाहिएं। सच्चे मन से परमात्मा का स्मरण और भक्ति करके ही मानव जीवन सफल और सार्थक बन जाएगा। यज्ञ में पवन वीर, सोहन देव, पंकज, कैप्टन नरेंद्र सिंह, अनिल सोलंकी, हेमंत देसाई, निरंजन आदि उपस्थित रहे।
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फोटो-छह
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। जिवाना गुलियान के सिद्ध गुरु आध्यात्मिक पीठ नीलकंठ आश्रम में तीसरे दिन बुधवार को भी यज्ञ किया गया। श्रद्धालुओं ने आहुति देकर गांव में सुख शांति की कामना की।
ब्रह्मा आचार्य अमित कुमार शास्त्री ने विधि-विधान से यज्ञ कराया, यजमान राजकुमार रहे। आचार्य अंकुर भारद्वाज ने भजन प्रस्तुत किए। आश्रम के पीठाधीश सिद्ध गुरु महाराज ने कहा कि दूसरों के प्रति गलत भावना रखना ही मनुष्य के विनाश का कारण है और उसे पतन की तरफ धकेल देता है। लोभ, मोह, अहंकार जैसे दुर्गुण व्यक्ति को नीचे गिराते हैं। मनुष्य को दुर्गणों का त्याग कर सत्संग में आना चाहिए। मोक्ष और कल्याण के मार्ग के लिए परमात्मा की भक्ति करनी चाहिए और परमार्थ के कार्य करने चाहिएं। सच्चे मन से परमात्मा का स्मरण और भक्ति करके ही मानव जीवन सफल और सार्थक बन जाएगा। यज्ञ में पवन वीर, सोहन देव, पंकज, कैप्टन नरेंद्र सिंह, अनिल सोलंकी, हेमंत देसाई, निरंजन आदि उपस्थित रहे।
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