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महापुरुषों को याद करना समाज व देश का गौरव
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लाक्षाग्रह बरनावा गुरुकुल में आयोजरोत यज्ञ में आहुति देते श्रद्धालु
- फोटो : BARAUT
कृष्णदत्त महाराज के जन्मोत्सव पर दो दिवसीय यज्ञ शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। महाभारत कालीन लाक्षागृह बरनावा स्थित श्री महानंद संस्कृत विद्यालय में बुधवार को ब्रह्मलीन गुरुदेव ब्रह्मऋषि कृष्णदत्त महाराज के 79वें जन्मोत्सव उपलक्ष्य में दो दिवसीय सामवेद परायण महायज्ञ का शुभारंभ हुआ।
आयोजित यज्ञ का शुभारंभ प्रात:काल ओम पताका के ध्वजारोहण कर किया गया। यज्ञ के ब्रह्मा पद से वेद मर्मज्ञ आचार्य गुरुवचन शास्त्री ने गुरु जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत महापुरुषों को याद करना समाज एवं देश के लिए गौरव की बात है। इससे हमारी युवा पीढ़ी को हमारे महापुरुषों के आदर्शों एवं शिक्षाओं की जानकारी मिलती है। हमें महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर उनके आदर्शों का पालन करना चाहिए। प्रधानाचार्य आचार्य अरविंद कुमार शास्त्री ने कहा कि यज्ञ हमारी प्राचीन ऋषि संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। गुरुकुल परिसर से बृहस्पतिवार को आर्य जिला प्रतिनिधि सभा की ओर अग्निहोत्र रथ के माध्यम से जनपद के प्रत्येक गांव में यज्ञ का आयोजन होगा। इस अवसर पर पूर्व प्रधानाचार्य आचार्य विनोद शास्त्री, जयवीर दत्त शास्त्री, सुनील शास्त्री, महात्मानंद महाराज, निर्भयानंद महाराज, परमानंद महाराज, यज्ञ मुनि, ज्ञान मुनि ने भी वेदोपदेश दिए। यज्ञमान महावीर सिंह रंछाड़ सपत्नीक, अशोक कुमार बुढ़ाना रहे। यज्ञ देवेंद्र शास्त्री, सौदान शाश्त्री ने सस्वर वेदपाठ किया। यशोधर्मा सोलंकी, सीताराम, महेंद्र सिंह, धनपाल बैंसला, कंवरपाल, विपिन, सुरेश, कालूराम, फकीर चंद त्यागी, राहुल समेत बड़ी संख्या में लोग यज्ञ में शामिल रहे।
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बिनौली। महाभारत कालीन लाक्षागृह बरनावा स्थित श्री महानंद संस्कृत विद्यालय में बुधवार को ब्रह्मलीन गुरुदेव ब्रह्मऋषि कृष्णदत्त महाराज के 79वें जन्मोत्सव उपलक्ष्य में दो दिवसीय सामवेद परायण महायज्ञ का शुभारंभ हुआ।
आयोजित यज्ञ का शुभारंभ प्रात:काल ओम पताका के ध्वजारोहण कर किया गया। यज्ञ के ब्रह्मा पद से वेद मर्मज्ञ आचार्य गुरुवचन शास्त्री ने गुरु जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत महापुरुषों को याद करना समाज एवं देश के लिए गौरव की बात है। इससे हमारी युवा पीढ़ी को हमारे महापुरुषों के आदर्शों एवं शिक्षाओं की जानकारी मिलती है। हमें महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर उनके आदर्शों का पालन करना चाहिए। प्रधानाचार्य आचार्य अरविंद कुमार शास्त्री ने कहा कि यज्ञ हमारी प्राचीन ऋषि संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। गुरुकुल परिसर से बृहस्पतिवार को आर्य जिला प्रतिनिधि सभा की ओर अग्निहोत्र रथ के माध्यम से जनपद के प्रत्येक गांव में यज्ञ का आयोजन होगा। इस अवसर पर पूर्व प्रधानाचार्य आचार्य विनोद शास्त्री, जयवीर दत्त शास्त्री, सुनील शास्त्री, महात्मानंद महाराज, निर्भयानंद महाराज, परमानंद महाराज, यज्ञ मुनि, ज्ञान मुनि ने भी वेदोपदेश दिए। यज्ञमान महावीर सिंह रंछाड़ सपत्नीक, अशोक कुमार बुढ़ाना रहे। यज्ञ देवेंद्र शास्त्री, सौदान शाश्त्री ने सस्वर वेदपाठ किया। यशोधर्मा सोलंकी, सीताराम, महेंद्र सिंह, धनपाल बैंसला, कंवरपाल, विपिन, सुरेश, कालूराम, फकीर चंद त्यागी, राहुल समेत बड़ी संख्या में लोग यज्ञ में शामिल रहे।
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