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Baghpat News: किसानों की मेहनत कुतर रहे चूहे, एक लाख की दवा भी गटक गए

Mon, 03 Mar 2025 12:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Mon, 03 Mar 2025 12:23 AM IST
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Rats are gnawing away at the hard work of farmers, they have even swallowed medicines worth one lakh
सिसाना गांव में  चूहों द्वारा नष्ट गई ईख की फसल । संवाद
बागपत। किसान खूब मेहनत करके अच्छी पैदावार की उम्मीद करते हैं, मगर उनकी मेहनत को पैदावार होने से पहले ही चूहे कुतर रहे हैं। यहां चूहों ने सिसाना, निवाड़ा, गौरीपुर, फैजपुर निनाना समेत कई गांवों की एक हजार बीघा से अधिक गेहूं व गन्ने की फसल को कुतर दिया। किसानों ने चूहे मारने के लिए खेतों व बिलों में करीब एक लाख रुपये की दवाई भी डाली। उस दवाई को गटने के बाद भी चूहों का कुछ नहीं बिगड़ा।
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सिसाना गांव के जंगल में मिट्टी की ढांग में चूहों ने अपने बिल बना रखे हैं, जो बिलों से निकलकर आसपास के खेत में बोई गई गेहूं की फसल को कुतरकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। सिसाना गांव के किसान अनिल चौहान, अजीत, पवन, प्रहलाद आदि ने बताया कि सिसाना, गौरीपुर, निवाड़ा गांव के जंगल में एक हजार बीघा से अधिक गेहूं व गन्ने की फसल में चूहों ने नुकसान पहुंचा दिया।
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चूहों की समस्या का निदान कराने के लिए पानी में दवा मिलाकर छिड़काव कराया गया तो दवा डालकर सिंचाई भी कराई गई। चूहों के बिलों तक में दवाई डाली गई। स्थिति यह है कि अभी तक एक लाख रुपये से अधिक दवा पर खर्च किए जा चुके हैं, मगर चूहों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। चूहों के फसल कुतरने से पैदावार पर काफी असर पड़ेगा तो गेहूं पर बाल आने के बाद उसे कुतरने पर गेहूं नहीं मिलेंगे।
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खेतों में चूहों के सैंकड़ों बिल, बार-बार पानी भर रहे किसान
किसानों ने बताया कि खेतों में चूहों के सैकड़ों बिल हैं। खेत की डोल से लेकर बीच खेत में चूहे बिल बनाकर रह रहे हैं। चूहों को खेत से भगाने के लिए कई बार पानी भरा गया, लेकिन चूहों ने दूसरा बिल खोल दिया। बिलों में पानी भरने के बाद भी चूहें खेत से नहीं जा रहे।
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इस तरह बचाव कर रहे किसान
किसान अजीत और प्रहलाद ने बताया कि गेहूं की फसल में अधिकतम छह बार सिंचाई की जाती है, लेकिन चूहों की समस्या को देखते हुए सिंचाई का खर्चा भी बढ़ गया है। दस से ज्यादा बार दवाई डालकर खेतों में सिंचाई करनी पड़ रही हैं। एक बीघा जमीन पर 40 से 50 रुपये दवाई का खर्चा आता है, जिसका कई बार छिड़काव भी कराया जा चुका है।
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किसान बोले-
-चूहे लगातार गेहूं की फसल में नुकसान पहुंचा रहे हैं। मैंने 28 बीघा गेहूं की फसल उगा रखी है। खेत के बराबर से रजबहा गुजर रहा है, उसकी मिट्टी की ढांग में हजारों बिल बने हुए हैं। चूहों ने गेहूं की फसल कुतरकर काफी नुकसान कर दिया। - अजीत सिंह, किसान सिसाना
-चूहों से गेहूं की फसल बचाने के लिए कई बार दवा मिलाकर सिंचाई कराई गई, जिसका चूहों पर कोई असर नहीं दिख रहा। चूहों से फसल बचाने के लिए अधिकारी कुछ जिम्मेदारी निभाएं, जिससे फसल बच सके। - प्रहलाद सिंह, किसान सिसाना
-जंगल में काफी संख्या में चूहे बिलों में छिपे रहते हैं, जो रात होने पर बिलों से बाहर निकलकर फसल कुतरने लगते हैं। गेहूं की बाल लेकर चूहे बिल में घुस जाते हैं। गेहूं की फसल के साथ गन्ने की फसल में भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। चार बीघा गन्ने के खेत में कुछ ही फसल ठीक बची। - महेंद्र सिंह, किसान सिसाना

वर्जन-
चूहों से फसल बचाने के लिए किसानों को छह दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। किसान खुद भी चूहों के बिल पर जिंक फास्फाइड में सरसों का तेल व भुने हुए चनों के साथ ही ब्रोमोडियोलान का मिश्रण कर चूहों के बिलों में रखें। इसे खाने से चूहों की मौत हो जाएगी। - बाल गोविंद यादव, जिला कृषि अधिकारी
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