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गरीबों के राशन पर कुंडली मारकर बैठ गए राशन डीलर
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राशन के लिए चक्कर काट रहे हैं कार्ड धारक, दुकानों पर लटके हैं ताले
बड़ौत। गरीबों के राशन पर राशन डीलर कुंडली मारकर बैठे हैं। राशन कार्ड धारक दुकानों के चक्कर लगा रहे हैं वहीं दुकानों पर ताले लटके हैं। शिकायत के बाद भी आपूर्ति विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। जिससे माना जा रहा है कि राशन का पूरा खेल विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है।
अमर उजाला ने रविवार को भी नगर की कुछ सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों की जांच पड़ताल की। कई दुकानों पर ताले लटके मिले और दुकानों के बाहर राशन लेने के लिए लोग खड़े मिले। राशन कार्ड धारकों ने आरोप लगाया कि प्रतिमाह राशन डीलर इसी तरह परेशान करते हैं।
नगर में राशन की लगभग 25 दुकानें है। शासनादेश के मुताबिक प्रत्येक माह 5 तारीख से 15 तारीख तक राशन वितरण किया जाता है। इतना ही नहीं राशन की दुकानें खोलने का समय भी निर्धारित है। उसके बाद भी नगर के राशन डीलर शासनादेश मानने को तैयार नहीं हैं। न तो समय पर दुकानें खुलती हैं और न ही जनता को संपूर्ण राशन मिलता है। आए दिन राशन की दुकानों पर हंगामे होते हैं और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से शिकायत होती हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाती। जिसका खामियाजा राशन कार्ड धारकों को भुगतना पड़ रहा है। शिकायत है कि कई राशन विक्रेता माह के अंत में दो-तीन दिन के लिए ही दुकानें खोलते हैं। इस संबंध में जब क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी विकास सिंह से बातचीत की गयी तो उन्होंने बताया कि जिन राशन डीलरों की दुकानें दो दिन से बंद हैं उनसे जवाब मांगा जाएगा।
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बड़ौत। गरीबों के राशन पर राशन डीलर कुंडली मारकर बैठे हैं। राशन कार्ड धारक दुकानों के चक्कर लगा रहे हैं वहीं दुकानों पर ताले लटके हैं। शिकायत के बाद भी आपूर्ति विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। जिससे माना जा रहा है कि राशन का पूरा खेल विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है।
अमर उजाला ने रविवार को भी नगर की कुछ सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों की जांच पड़ताल की। कई दुकानों पर ताले लटके मिले और दुकानों के बाहर राशन लेने के लिए लोग खड़े मिले। राशन कार्ड धारकों ने आरोप लगाया कि प्रतिमाह राशन डीलर इसी तरह परेशान करते हैं।
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नगर में राशन की लगभग 25 दुकानें है। शासनादेश के मुताबिक प्रत्येक माह 5 तारीख से 15 तारीख तक राशन वितरण किया जाता है। इतना ही नहीं राशन की दुकानें खोलने का समय भी निर्धारित है। उसके बाद भी नगर के राशन डीलर शासनादेश मानने को तैयार नहीं हैं। न तो समय पर दुकानें खुलती हैं और न ही जनता को संपूर्ण राशन मिलता है। आए दिन राशन की दुकानों पर हंगामे होते हैं और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से शिकायत होती हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाती। जिसका खामियाजा राशन कार्ड धारकों को भुगतना पड़ रहा है। शिकायत है कि कई राशन विक्रेता माह के अंत में दो-तीन दिन के लिए ही दुकानें खोलते हैं। इस संबंध में जब क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी विकास सिंह से बातचीत की गयी तो उन्होंने बताया कि जिन राशन डीलरों की दुकानें दो दिन से बंद हैं उनसे जवाब मांगा जाएगा।
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