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रटौल को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने की तैयारी
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रटौल बनेगा नगर पंचायत, लोगों से मांगे आपत्ति और सुझाव
बागपत। आम की मिठास के लिए दुनियाभर में पहचान बनाने वाले रटौल गांव को अब नगर पंचायत का दर्जा देने की तैयारी है। साल 2016 के प्रस्ताव पर प्रशासन ने लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांग लिए हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व अमित कुमार सिंह ने बताया कि गांव की रिपोर्ट तैयार कर नगर विकास विभाग को भेजी जाएगी।
जिले के सबसे बड़े गांवों में शामिल रटौल को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने की मांग समय-समय पर उठती रही। सपा सरकार में लखनऊ तक मामले की गूंज हुई थी। वर्ष 2016 में प्रशासन ने रटौल को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने का प्रस्ताव भी नगर विकास विभाग को भेजा था। तीन साल बाद अब 2019 में शासन ने प्रक्रिया शुरू की है। एडीएम वित्त एवं राजस्व अमित कुमार सिंह ने बताया कि रटौल को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने के लिए लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। प्रशासन अपनी रिपोर्ट तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को भेजेगा। इसके बाद शासन से अंतिम मुहर लगेगी।
छठी नगर पंचायत होगी रटौल
जिले में अब तक बागपत, बड़ौत, खेकड़ा तीन नगर पालिका हैं। पांच नगर पंचायतें अग्रवाल मंडी टटीरी, अमीनगर सराय, छपरौली, दोघट और टीकरी हैं। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद रटौल छठी नगर पंचायत होगी।
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रटौल के आम की विदेशों तक धूम
खेकड़ा तहसील के गांव रटौल के आम की धूम विदेशों तक है। यहां के अनवर रटौल आम की प्रजाति पाकिस्तान में भी पाई जाती है। प्रत्येक वर्ष देशी और विदेशी मेहमान आम की दावत उड़ाने यहां पहुंचते हैं।
इन गांवों को भी चाहिए पंचायत का दर्जा
जिले में रटौल के अलावा कई बड़े गांव हैं, जिन्हें समय-समय पर नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने की मांग उठती रही है। इन गांवों में निरपुड़ा, दाहा, बिजरौल, बावली, काठा, ढिकौली, सरूरपुर कलां, असारा, किरठल, तुगाना, सिंघावली अहीर समेत 15 से अधिक गांव शामिल हैं।
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ऐसा है रटौल
कुल जनसंख्या 17869
कुल घर 2761
महिला 8516
साक्षर 7819
महिला साक्षरता 2877
नोट : आंकड़े साल 2011 की जनगणना के हैं।
पुरानी मांग, विकास को लगेंगे पंख
पूर्व मंत्री मैराजुद्दीन का कहना है कि 15 साल से वह इस मांग को उठाते चले आ रहे हैं। नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने के बाद रटौल का विकास तेजी से होगा, जबकि सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी। नगर पंचायत के पैमाने पर गांव सभी मानक पूरे कर रहा है। स्कूल, डाकघर, बैंक, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी समेत सभी सुविधाएं यहां हैं।
अब ढिकौली का रखेंगे प्रस्ताव
भाजपा विधायक योगेश धामा ने कहा कि नगर पंचायत बन जाने से रटौल को लाभ होगा। विकास कार्य होंगे। वह अपने क्षेत्र के ढिकौली गांव का प्रस्ताव भी नगर पंचायत बनाने के लिए देंगे। इससे दोनों गांव को लाभ होगा।
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बागपत। आम की मिठास के लिए दुनियाभर में पहचान बनाने वाले रटौल गांव को अब नगर पंचायत का दर्जा देने की तैयारी है। साल 2016 के प्रस्ताव पर प्रशासन ने लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांग लिए हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व अमित कुमार सिंह ने बताया कि गांव की रिपोर्ट तैयार कर नगर विकास विभाग को भेजी जाएगी।
जिले के सबसे बड़े गांवों में शामिल रटौल को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने की मांग समय-समय पर उठती रही। सपा सरकार में लखनऊ तक मामले की गूंज हुई थी। वर्ष 2016 में प्रशासन ने रटौल को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने का प्रस्ताव भी नगर विकास विभाग को भेजा था। तीन साल बाद अब 2019 में शासन ने प्रक्रिया शुरू की है। एडीएम वित्त एवं राजस्व अमित कुमार सिंह ने बताया कि रटौल को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने के लिए लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। प्रशासन अपनी रिपोर्ट तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को भेजेगा। इसके बाद शासन से अंतिम मुहर लगेगी।
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छठी नगर पंचायत होगी रटौल
जिले में अब तक बागपत, बड़ौत, खेकड़ा तीन नगर पालिका हैं। पांच नगर पंचायतें अग्रवाल मंडी टटीरी, अमीनगर सराय, छपरौली, दोघट और टीकरी हैं। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद रटौल छठी नगर पंचायत होगी।
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रटौल के आम की विदेशों तक धूम
खेकड़ा तहसील के गांव रटौल के आम की धूम विदेशों तक है। यहां के अनवर रटौल आम की प्रजाति पाकिस्तान में भी पाई जाती है। प्रत्येक वर्ष देशी और विदेशी मेहमान आम की दावत उड़ाने यहां पहुंचते हैं।
इन गांवों को भी चाहिए पंचायत का दर्जा
जिले में रटौल के अलावा कई बड़े गांव हैं, जिन्हें समय-समय पर नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने की मांग उठती रही है। इन गांवों में निरपुड़ा, दाहा, बिजरौल, बावली, काठा, ढिकौली, सरूरपुर कलां, असारा, किरठल, तुगाना, सिंघावली अहीर समेत 15 से अधिक गांव शामिल हैं।
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ऐसा है रटौल
कुल जनसंख्या 17869
कुल घर 2761
महिला 8516
साक्षर 7819
महिला साक्षरता 2877
नोट : आंकड़े साल 2011 की जनगणना के हैं।
पुरानी मांग, विकास को लगेंगे पंख
पूर्व मंत्री मैराजुद्दीन का कहना है कि 15 साल से वह इस मांग को उठाते चले आ रहे हैं। नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने के बाद रटौल का विकास तेजी से होगा, जबकि सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी। नगर पंचायत के पैमाने पर गांव सभी मानक पूरे कर रहा है। स्कूल, डाकघर, बैंक, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी समेत सभी सुविधाएं यहां हैं।
अब ढिकौली का रखेंगे प्रस्ताव
भाजपा विधायक योगेश धामा ने कहा कि नगर पंचायत बन जाने से रटौल को लाभ होगा। विकास कार्य होंगे। वह अपने क्षेत्र के ढिकौली गांव का प्रस्ताव भी नगर पंचायत बनाने के लिए देंगे। इससे दोनों गांव को लाभ होगा।