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राम-लक्ष्मण ने किया राक्षसी ताड़का का वध
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खेकड़ा में शुरू हुआ रामलीला मंचन
अभिनय से पहले हुआ मंच का सैनिटाजेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के तत्वावधान में बड़ा बाजार स्थित गांधी प्याऊ पर शुक्रवार रात से रामलीला का मंचन शुरू हो गया। राम लक्ष्मण ने ऋषियों के यज्ञ में विघ्न डालने पहुंचे मारीच, सुबाहु और राक्षसी ताड़का का वध किया। पूरा पंडाल जय श्रीराम के नारे से गूंज उठा।
प्रदेश सरकार ने कोविड-19 की गाइडलाइन के साथ श्रीराम लीला के मंचन की अनुमति दे दी थी। इन्हीं निर्देशों के बाद नगर स्थित गांधी प्याऊ पर परंपरागत रूप से 1939 से हो रही रामलीला को भी कराने का निर्णय लिया गया। इसके लिए जिला प्रशासन के अलावा स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर अनुमति दी। शुक्रवार शाम इसी क्रम में मंच को सैनिटाइज करने के साथ ही विधिवत मंचन शुरू हो गया। सबसे पहले राम सीता के अलावा लक्ष्मण, भरत और शत्रुघन के जन्म का मंचन हुआ। इसके बाद ऋषि विश्वामित्र राजा दशरथ से राम-लक्ष्मण को मांगने आते है। कहते है कि राक्षसों ने उनको परेशान कर दिया है। उनके यज्ञ आदि धार्मिक कार्यों में विघ्न डालते है। राम लक्ष्मण ताड़का का वध कर देते है। रामलीला मंचन में कमेटी के प्रधान सुरेंद्र शर्मा, डायरेक्टर उमेश शर्मा, तरुण गुप्ता, पुष्पेंद्र कुमार, नरेश शर्मा, नवाब सिंह एडवोकेट, अनुज शर्मा, पुनीत शर्मा, प्रवेश शर्मा आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।
मास्क लगाकर आए सभी पदाधिकारी
खेकड़ा। रामलीला के सभी पदाधिकारी मास्क लगाकर दिखाई दिए। उनका कहना था कि भगवान राम की लीला के मंचन की अनुमति मिली है। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्थानीय जिला प्रशासन बधाई के पात्र है।
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अभिनय से पहले हुआ मंच का सैनिटाजेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के तत्वावधान में बड़ा बाजार स्थित गांधी प्याऊ पर शुक्रवार रात से रामलीला का मंचन शुरू हो गया। राम लक्ष्मण ने ऋषियों के यज्ञ में विघ्न डालने पहुंचे मारीच, सुबाहु और राक्षसी ताड़का का वध किया। पूरा पंडाल जय श्रीराम के नारे से गूंज उठा।
प्रदेश सरकार ने कोविड-19 की गाइडलाइन के साथ श्रीराम लीला के मंचन की अनुमति दे दी थी। इन्हीं निर्देशों के बाद नगर स्थित गांधी प्याऊ पर परंपरागत रूप से 1939 से हो रही रामलीला को भी कराने का निर्णय लिया गया। इसके लिए जिला प्रशासन के अलावा स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर अनुमति दी। शुक्रवार शाम इसी क्रम में मंच को सैनिटाइज करने के साथ ही विधिवत मंचन शुरू हो गया। सबसे पहले राम सीता के अलावा लक्ष्मण, भरत और शत्रुघन के जन्म का मंचन हुआ। इसके बाद ऋषि विश्वामित्र राजा दशरथ से राम-लक्ष्मण को मांगने आते है। कहते है कि राक्षसों ने उनको परेशान कर दिया है। उनके यज्ञ आदि धार्मिक कार्यों में विघ्न डालते है। राम लक्ष्मण ताड़का का वध कर देते है। रामलीला मंचन में कमेटी के प्रधान सुरेंद्र शर्मा, डायरेक्टर उमेश शर्मा, तरुण गुप्ता, पुष्पेंद्र कुमार, नरेश शर्मा, नवाब सिंह एडवोकेट, अनुज शर्मा, पुनीत शर्मा, प्रवेश शर्मा आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।
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मास्क लगाकर आए सभी पदाधिकारी
खेकड़ा। रामलीला के सभी पदाधिकारी मास्क लगाकर दिखाई दिए। उनका कहना था कि भगवान राम की लीला के मंचन की अनुमति मिली है। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्थानीय जिला प्रशासन बधाई के पात्र है।
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