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प्रधानाचार्य परिषद का जिविनि कार्यालय पर मांगों को लेकर धरना
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बागपत डीआईओएस रवींद्र सिंह को ज्ञापन देते उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद् के पदाधिकारी व सदस्?
- फोटो : BAGHPAT
बागपत। शिक्षकों की मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना दिया। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक को शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर समस्याओं का जल्द समाधान कराने और मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह को दिए ज्ञापन में 1993 के बाद तदर्थ रूप से कार्यरत प्रधानाचार्यों की सेवाएं नियमित करने, माध्यमिक विद्यालयों में स्वपोषित विद्यालयों को अनुदान सूची में लाने और कार्यरत शिक्षकों, प्रधानाचार्य एवं कर्मचारियों को वित्त पोषित की भांति वेतन देने की व्यवस्था करने, नौवीं और 11वीं के पंजीकरण शुल्क की 50 प्रतिशत धनराशि विद्यालय को दिए जाने, विद्यालयों के प्रधानाचार्य को त्रिस्तरीय वेतनमान लाभ प्रदान करने, केंद्र की भांति प्रदेश के शिक्षकों व प्रधानाचार्य को चिकित्सा भत्ता व अवकाश प्राप्त शिक्षकों को निशुल्क चिकित्सा की व्यवस्था देने, परिषद की परीक्षाओं के संचालन, मूल्यांकन, संकलन एवं अन्य कार्यों का पारिश्रमिक महंगाई के आधार पर बढ़ाने, वित्त विहीन एवं वित्तपोषित विद्यालयों को बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों की भांति विकास निधि, परीक्षा निधि, ड्रेस, बैग, पुस्तक व मध्याह्न भोजन की व्यवस्था कराने, माध्यमिक विद्यालयों में वाचनालय, पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, फर्नीचर, कंप्यूटर पेयजल एवं शौचालय के निर्माण के लिए अनुदान और 2005 से नियुक्त शिक्षकों, कर्मचारी व प्रधानाचार्य को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की मांग की।
इस मौके पर परिषद के जिलाध्यक्ष भरत सिंह तोमर, महामंत्री कृष्णपाल सिंह, कोषाध्यक्ष सतेंद्र सिंह तोमर, कृष्णपाल, राजपाल, मांगेराम, सोनिका भाटी, ब्रजगोपाल, दिनेश कुमार शर्मा, नबाव सिंह, संजीव कुमार, जितेंद्र चौहान, कविता यादव, देवी प्रसाद गुप्ता मौजूद रहे।
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उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह को दिए ज्ञापन में 1993 के बाद तदर्थ रूप से कार्यरत प्रधानाचार्यों की सेवाएं नियमित करने, माध्यमिक विद्यालयों में स्वपोषित विद्यालयों को अनुदान सूची में लाने और कार्यरत शिक्षकों, प्रधानाचार्य एवं कर्मचारियों को वित्त पोषित की भांति वेतन देने की व्यवस्था करने, नौवीं और 11वीं के पंजीकरण शुल्क की 50 प्रतिशत धनराशि विद्यालय को दिए जाने, विद्यालयों के प्रधानाचार्य को त्रिस्तरीय वेतनमान लाभ प्रदान करने, केंद्र की भांति प्रदेश के शिक्षकों व प्रधानाचार्य को चिकित्सा भत्ता व अवकाश प्राप्त शिक्षकों को निशुल्क चिकित्सा की व्यवस्था देने, परिषद की परीक्षाओं के संचालन, मूल्यांकन, संकलन एवं अन्य कार्यों का पारिश्रमिक महंगाई के आधार पर बढ़ाने, वित्त विहीन एवं वित्तपोषित विद्यालयों को बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों की भांति विकास निधि, परीक्षा निधि, ड्रेस, बैग, पुस्तक व मध्याह्न भोजन की व्यवस्था कराने, माध्यमिक विद्यालयों में वाचनालय, पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, फर्नीचर, कंप्यूटर पेयजल एवं शौचालय के निर्माण के लिए अनुदान और 2005 से नियुक्त शिक्षकों, कर्मचारी व प्रधानाचार्य को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की मांग की।
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इस मौके पर परिषद के जिलाध्यक्ष भरत सिंह तोमर, महामंत्री कृष्णपाल सिंह, कोषाध्यक्ष सतेंद्र सिंह तोमर, कृष्णपाल, राजपाल, मांगेराम, सोनिका भाटी, ब्रजगोपाल, दिनेश कुमार शर्मा, नबाव सिंह, संजीव कुमार, जितेंद्र चौहान, कविता यादव, देवी प्रसाद गुप्ता मौजूद रहे।
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