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ग्राम सचिव के घर पहुंची पुलिस, सदमे में सास की मौत
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बागपत विकास भवन में हंगामा कर रहे कर्मचारियों को समझाते सीडीओ अभिराम त्रिवेदी
- फोटो : BAGHPAT
ग्राम सचिव के घर पहुंची पुलिस, सदमे में सास की मौत
एसडीएम से पोलिंग बूथ बदलने का लिखित आदेश मांगने पर कानूनगो ने दर्ज कराई थी एनसीआर
धरने पर बैठे सभी छह ब्लॉकों के कर्मचारी, एसडीएम व कानूनगो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। एसडीएम से पोलिंग बूथ बदलने का लिखित आदेश मांगने पर कानूनगो भूपेंद्र सिंह ने ग्राम सचिव प्रमोद कुमार शर्मा के खिलाफ एनसीआर दर्ज करा दी। आरोप है कि पुलिस दो बार ग्राम सचिव के घर पहुंची तो सदमे से उनकी सास कमलेश देवी की मौत हो गई। इसके विरोध में छह ब्लॉक के कर्मचारियों ने धरना देकर एसडीएम व कानूनगो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।
बृहस्पतिवार को एसडीएम सदर ने तहसील में ग्राम सचिवों, ग्राम पंचायत अधिकारियों और तहसील के कर्मचारियों की बैठक बुलाई थी, जिसमें पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए। एसडीएम ने कुछ पोलिंग बूथ बदलने को कहा था। ग्राम सचिव प्रमोद कुमार शर्मा ने इसके लिए लिखित आदेश मांग लिया। प्रमोद ग्राम पंचायत विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष भी हैं।
प्रमोद का आरोप है कि उनके साथ बैठक में ही अभद्रता की गई। इसके बाद कानूनगो ने उनके खिलाफ कोतवाली में एनसीआर दर्ज करा दी। बृहस्पतिवार शाम साढ़े चार बजे पुलिस कोर्ट रोड गली नंबर चार स्थित उनके घर पहुंच गई। इसके बाद देर रात 11 बजे पुलिस फिर पहुंची। दोनों बाद प्रमोद घर पर नहीं मिले। उनकी पत्नी दीपा ने फोन पर बड़ौत में अपनी मां कमलेश देवी को यह जानकारी दी। रात करीब 12 बजे सदमे से कमलेश देवी की हालत बिगड़ गई। शुक्रवार सुबह चार बजे उनकी मौत हो गई।
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इससे जिले के सभी छह ब्लॉकों के कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। शुक्रवार सुबह 11 बजे एसडीएम अनुभव सिंह और कानूनगो भूपेंद्र कुमार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने व एनसीआर वापस लेने की मांग को लेकर कर्मचारी विकास भवन में धरने पर बैठ गए। उन्होंने एसडीएम और कानूनगो के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में सीडीओ अभिराम त्रिवेदी और बीडीओ स्मृति अवस्थी ने उन्हें एनसीआर वापस कराने का आश्वासन दिया। एनसीआर वापस न होने पर रविवार को फिर से धरना देने की चेतावनी देकर कर्मचारी लौट गए। प्रमोद कुमार धरने पर नहीं थे और अपनी सास का अंतिम संस्कार कराने के लिए देर शाम तक बड़ौत में ही मौजूद थे। धरना देने वालों में ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष जॉनी चौधरी, महामंत्री विकुल तोमर, प्रेम कुमार, गौरव राणा, विरेंद्र, मेनपाल, मोहित उज्ज्वल, सुनील, संदीप आदि कर्मचारी शामिल रहे।
मेरी बेटी को कुछ हुआ तो कर्मचारी होंगे जिम्मेदार : सीडीओ
सीडीओ अभिराम त्रिवेदी और बीडीओ स्मृति अवस्थी ने ब्लॉक कर्मचारियों को काफी समझाने का प्रयास किया। सीडीओ ने डीएम राजकमल यादव से फोन पर वार्ता कर आश्वासन दिया कि एनसीआर में कोई कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने कर्मचारियों के सामने हाथ भी जोड़े और कहा कि आप मुझसे बदला ले लो। इसके बाद भी कर्मचारी नहीं माने। उनका कहना था कि सभी कर्मचारी जेल जाने को तैयार हैं। कुछ देर बाद सीडीओ दोबारा कर्मचारियों के बीच आए और कहा कि मेरी बेटी कोरोना संक्रमित हो गई है। मैं उसका इलाज कराने की बजाय आप लोगों को समझाने में लगा हूं। यदि मेरी बेटी को कुछ हुआ तो उसके जिम्मेदार आप होंगे। क्या आप सभी उसकी अंतिम यात्रा में शामिल होना चाहते हैं। इतना सुनते ही कर्मचारी धरने से उठ गए।
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एसडीएम से पोलिंग बूथ बदलने का लिखित आदेश मांगने पर कानूनगो ने दर्ज कराई थी एनसीआर
धरने पर बैठे सभी छह ब्लॉकों के कर्मचारी, एसडीएम व कानूनगो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। एसडीएम से पोलिंग बूथ बदलने का लिखित आदेश मांगने पर कानूनगो भूपेंद्र सिंह ने ग्राम सचिव प्रमोद कुमार शर्मा के खिलाफ एनसीआर दर्ज करा दी। आरोप है कि पुलिस दो बार ग्राम सचिव के घर पहुंची तो सदमे से उनकी सास कमलेश देवी की मौत हो गई। इसके विरोध में छह ब्लॉक के कर्मचारियों ने धरना देकर एसडीएम व कानूनगो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।
बृहस्पतिवार को एसडीएम सदर ने तहसील में ग्राम सचिवों, ग्राम पंचायत अधिकारियों और तहसील के कर्मचारियों की बैठक बुलाई थी, जिसमें पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए। एसडीएम ने कुछ पोलिंग बूथ बदलने को कहा था। ग्राम सचिव प्रमोद कुमार शर्मा ने इसके लिए लिखित आदेश मांग लिया। प्रमोद ग्राम पंचायत विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष भी हैं।
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प्रमोद का आरोप है कि उनके साथ बैठक में ही अभद्रता की गई। इसके बाद कानूनगो ने उनके खिलाफ कोतवाली में एनसीआर दर्ज करा दी। बृहस्पतिवार शाम साढ़े चार बजे पुलिस कोर्ट रोड गली नंबर चार स्थित उनके घर पहुंच गई। इसके बाद देर रात 11 बजे पुलिस फिर पहुंची। दोनों बाद प्रमोद घर पर नहीं मिले। उनकी पत्नी दीपा ने फोन पर बड़ौत में अपनी मां कमलेश देवी को यह जानकारी दी। रात करीब 12 बजे सदमे से कमलेश देवी की हालत बिगड़ गई। शुक्रवार सुबह चार बजे उनकी मौत हो गई।
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इससे जिले के सभी छह ब्लॉकों के कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। शुक्रवार सुबह 11 बजे एसडीएम अनुभव सिंह और कानूनगो भूपेंद्र कुमार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने व एनसीआर वापस लेने की मांग को लेकर कर्मचारी विकास भवन में धरने पर बैठ गए। उन्होंने एसडीएम और कानूनगो के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में सीडीओ अभिराम त्रिवेदी और बीडीओ स्मृति अवस्थी ने उन्हें एनसीआर वापस कराने का आश्वासन दिया। एनसीआर वापस न होने पर रविवार को फिर से धरना देने की चेतावनी देकर कर्मचारी लौट गए। प्रमोद कुमार धरने पर नहीं थे और अपनी सास का अंतिम संस्कार कराने के लिए देर शाम तक बड़ौत में ही मौजूद थे। धरना देने वालों में ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष जॉनी चौधरी, महामंत्री विकुल तोमर, प्रेम कुमार, गौरव राणा, विरेंद्र, मेनपाल, मोहित उज्ज्वल, सुनील, संदीप आदि कर्मचारी शामिल रहे।
मेरी बेटी को कुछ हुआ तो कर्मचारी होंगे जिम्मेदार : सीडीओ
सीडीओ अभिराम त्रिवेदी और बीडीओ स्मृति अवस्थी ने ब्लॉक कर्मचारियों को काफी समझाने का प्रयास किया। सीडीओ ने डीएम राजकमल यादव से फोन पर वार्ता कर आश्वासन दिया कि एनसीआर में कोई कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने कर्मचारियों के सामने हाथ भी जोड़े और कहा कि आप मुझसे बदला ले लो। इसके बाद भी कर्मचारी नहीं माने। उनका कहना था कि सभी कर्मचारी जेल जाने को तैयार हैं। कुछ देर बाद सीडीओ दोबारा कर्मचारियों के बीच आए और कहा कि मेरी बेटी कोरोना संक्रमित हो गई है। मैं उसका इलाज कराने की बजाय आप लोगों को समझाने में लगा हूं। यदि मेरी बेटी को कुछ हुआ तो उसके जिम्मेदार आप होंगे। क्या आप सभी उसकी अंतिम यात्रा में शामिल होना चाहते हैं। इतना सुनते ही कर्मचारी धरने से उठ गए।