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Baghpat News: टंकी निर्माण में देरी से पेयजल को परेशान लोग
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-मुजफ्फरपुर पोईस के ग्रामीणों काे हो रही दिक्कत, हैंडपंपों हैं सहारा
फोटो 9 की सीरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
अमीनगर सराय। पेयजल टंकी के निर्माण में देरी होने से मुजफ्फरपुर पोईस के ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव में करीब डेढ़ हजार की आबादी है, जो हैंडपंपों के सहारे है।
मुजफ्फरपुर पोईस के ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में पेयजल टंकी नहीं होने के कारण सबमर्सिबल और हैंडपंपों से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। अब भीषण गर्मी होने लगी है, इसके बावजूद ग्रामीणों को हैंडपंपों पर जाकर लाइन में लगना पड़ता है। इसके अलावा विद्युत आपूर्ति बाधित होने के बाद सबमर्सिबल भी ठप हो जाते हैं और जनरेटर चलाकर पेयजल आपूर्ति की जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल टंकी निर्माण के लिए गांव का चयन किया गया था। इसके लिए कई बार जल निगम के अधिकारी सर्वे करने आये और बजट भी मंजूर हो गया, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया। पेयजल टंकी नहीं होने के कारण गांव में बसे साढ़े तीन सौ परिवारों के डेढ़ हजार से अधिक लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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-नलकूप पर जाकर कपड़े धोती हैं महिलाएं
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पेयजल टंकी का निर्माण नहीं होने के कारण महिलाओं को नलकूप पर जाकर कपड़े धोने के लिए विवश होना पड़ता है।
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हैंडपंप पर होता है महिलाओं के बीच झगड़ा
पेयजल टंकी का निर्माण नहीं होने के कारण गांव के हैंडपंपों पर महिलाओं की भीड़ लगी रहती है। जहां पहले पानी भरने को लेकर महिलाओं के बीच झगड़ा होता रहता है। -सुनीता देवी
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जल्द कराया जाए टंकी का निर्माण
गांव में पेयजल टंकी का निर्माण होने से स्वच्छ पानी मिलेगा। पिछले कई साल से जल निगम के अधिकारी गांव में जा रहे हैं, लेकिन अभी तक टंकी का निर्माण नहीं कराया गया। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए जल्द निर्माण कराया जाएगा।-वीरेंद्र उर्फ बिल्लू पांचाल
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महिलाओं की परेशानी समझें अधिकारी
गांव में पेयजल टंकी न होने के कारण महिलाओं को ही हैंडपंपों पर जाकर पानी भरना पड़ता है। अधिकारी महिलाओं की परेशानी समझें और पेयजल टंकी का निर्माण कराकर पाइप लाइन से पेयजल की व्यवस्था कराएं। -विमला
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अधिकारी बरत रहें लापरवाही
गांव में पेयजल टंकी के निर्माण के लिए जल निगम की टीम का सर्वे हो चुका है और बजट भी मंजूर हो गया। दो महीने बीतने के बाद भी पेयजल टंकी का निर्माण शुरू नहीं हुआ। इसमें निर्माण करने वाली कंपनी और जल निगम के अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं।-राकेश कश्यप, ग्राम प्रधान
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वर्जन-मुजफ्फरपुर पोईस गांव में पेयजल टंकी के लिए एक करोड़ 81 लाख रुपये बजट मंजूर हो गया है। वहीं निर्माण के लिए जगह चिह्नित कर सर्वे भी पूरा हो गया। अब जल्द ही पेयजल टंकी का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। माधव मुकूंद, सहायक अभियंता, जल निगम।
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फोटो 9 की सीरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
अमीनगर सराय। पेयजल टंकी के निर्माण में देरी होने से मुजफ्फरपुर पोईस के ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव में करीब डेढ़ हजार की आबादी है, जो हैंडपंपों के सहारे है।
मुजफ्फरपुर पोईस के ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में पेयजल टंकी नहीं होने के कारण सबमर्सिबल और हैंडपंपों से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। अब भीषण गर्मी होने लगी है, इसके बावजूद ग्रामीणों को हैंडपंपों पर जाकर लाइन में लगना पड़ता है। इसके अलावा विद्युत आपूर्ति बाधित होने के बाद सबमर्सिबल भी ठप हो जाते हैं और जनरेटर चलाकर पेयजल आपूर्ति की जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल टंकी निर्माण के लिए गांव का चयन किया गया था। इसके लिए कई बार जल निगम के अधिकारी सर्वे करने आये और बजट भी मंजूर हो गया, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया। पेयजल टंकी नहीं होने के कारण गांव में बसे साढ़े तीन सौ परिवारों के डेढ़ हजार से अधिक लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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-नलकूप पर जाकर कपड़े धोती हैं महिलाएं
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पेयजल टंकी का निर्माण नहीं होने के कारण महिलाओं को नलकूप पर जाकर कपड़े धोने के लिए विवश होना पड़ता है।
हैंडपंप पर होता है महिलाओं के बीच झगड़ा
पेयजल टंकी का निर्माण नहीं होने के कारण गांव के हैंडपंपों पर महिलाओं की भीड़ लगी रहती है। जहां पहले पानी भरने को लेकर महिलाओं के बीच झगड़ा होता रहता है। -सुनीता देवी
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जल्द कराया जाए टंकी का निर्माण
गांव में पेयजल टंकी का निर्माण होने से स्वच्छ पानी मिलेगा। पिछले कई साल से जल निगम के अधिकारी गांव में जा रहे हैं, लेकिन अभी तक टंकी का निर्माण नहीं कराया गया। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए जल्द निर्माण कराया जाएगा।-वीरेंद्र उर्फ बिल्लू पांचाल
महिलाओं की परेशानी समझें अधिकारी
गांव में पेयजल टंकी न होने के कारण महिलाओं को ही हैंडपंपों पर जाकर पानी भरना पड़ता है। अधिकारी महिलाओं की परेशानी समझें और पेयजल टंकी का निर्माण कराकर पाइप लाइन से पेयजल की व्यवस्था कराएं। -विमला
अधिकारी बरत रहें लापरवाही
गांव में पेयजल टंकी के निर्माण के लिए जल निगम की टीम का सर्वे हो चुका है और बजट भी मंजूर हो गया। दो महीने बीतने के बाद भी पेयजल टंकी का निर्माण शुरू नहीं हुआ। इसमें निर्माण करने वाली कंपनी और जल निगम के अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं।-राकेश कश्यप, ग्राम प्रधान
वर्जन-मुजफ्फरपुर पोईस गांव में पेयजल टंकी के लिए एक करोड़ 81 लाख रुपये बजट मंजूर हो गया है। वहीं निर्माण के लिए जगह चिह्नित कर सर्वे भी पूरा हो गया। अब जल्द ही पेयजल टंकी का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। माधव मुकूंद, सहायक अभियंता, जल निगम।