{"_id":"66fddd0e8fd49a53b00e0287","slug":"people-reported-cubs-in-nirpuda-officers-said-they-were-wild-kittens-baghpat-news-c-28-1-smrt1003-119349-2024-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: निरपुड़ा में लोगों ने शावक होने की सूचना दी, अफसरों ने जंगली बिल्ली के बच्चे बताए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: निरपुड़ा में लोगों ने शावक होने की सूचना दी, अफसरों ने जंगली बिल्ली के बच्चे बताए
Thu, 03 Oct 2024 05:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Thu, 03 Oct 2024 05:23 AM IST
विज्ञापन
बड़ौत/दाहा। निरपुड़ा गांव के जंगल में बुधवार को ग्रामीणों को बरगद के पेड़ पर तेंदुए के दो शावक बैठे होने की सूचना वन विभाग को दी। तभी वहां पहुंची वन विभाग की टीम वह जंगली बिल्ली के बच्चे बताए। जिस पर ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों की डिप्टी रेंजर और वन दरोगा के साथ नोकझोंक हुई। लेकिन ग्रामीणों ने बच्चे नहीं उठने दिए।
निरपुड़ा गांव के रहने वाले बिट्टू, मोहित व अनुज खेत में काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि तभी उन्हें अजीब आवाज सुनाई दी। इसके बाद बिटटू ने बरगद के पेड़ पर चढ़कर देखा तो उसे दो जंगली जानवर के बच्चे बैठे दिखाई दिए जो तेंदुए के शावक लग रहे थे। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस और सैकड़ों ग्रामीण लाठी डंडे लेकर जंगल में पहुंच गए।
ग्रामीणों ने वन विभाग के अफसरों को सूचना दी। जहां करीब दो घंटे बाद वन विभाग की टीम पहुंची। वन विभाग के अफसरों ने बताया कि बरगद के पेड़ पर बैठे बच्चे तेंदुए के शावक नहीं, बल्कि जंगली बिल्ली के बच्चे है। यह सुनते ही ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दो तेंदुए जंगल में घूम रहे है। जो नौ अगस्त को निरपुड़ा गांव के जंगल में तेंदुए का शावक मिला था। उधर हंगामे के बाद वन विभाग की टीम ने जंगल डेरा डाल लिया।
विज्ञापन
-- -- -- -- -
पहले तेंदुआ पकड़ो, फिर उठाने देंगे बच्चे
निरपुड़ा गांव के जंगल में ग्रामीण तेंदुए को पकड़ने की मांग पर अड़ गए। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक तेंदुआ नहीं पकड़ा जाएगा, तब तक बच्चे नहीं उठाने देंगे। जहां वन कर्मियों ने ग्रामीणों को समझाने का भी प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए भी आसपास ही घूम रहे है।
-- -- -- --
लोगों ने बनाई वीडियो
निरपुड़ा गांव के जंगल में पहुंचे ग्रामीणों ने दोनों बच्चाें की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। इसका पता चलते ही आसपास के गांवों के ग्रामीण भी जंगल में पहुंच गए। ग्रामीणों का आरोप है कि वहां पहले भी शावक मिल चुका है। इसके बावजूद अभी तक तेंदुआ नहीं पकड़ा गया। ग्रामीण इस बात पर अड़े रहे कि जंगल में जंगली बिल्ली के बच्चे नहीं, बल्कि तेंदुए के शावक हैं।
वर्जन-
पिछले महीने निरपुड़ा गांव के जंगल में तेंदुए का मादा शावक मिला था, लेकिन बुधवार को बरगद के पेड़ पर मिले बच्चे तेंदुए के शावक नहीं, जंगली बिल्ली के बच्चे हैं। जिनके फोटो विशेषज्ञों को भी दिखाए गए तो उन्होंने भी जंगली बिल्ली के बच्चे बताए। अगर कोई शावक मिलने की अफवाह फैलाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राजेश कुमार, डीएफओ बागपत।
विज्ञापन
निरपुड़ा गांव के रहने वाले बिट्टू, मोहित व अनुज खेत में काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि तभी उन्हें अजीब आवाज सुनाई दी। इसके बाद बिटटू ने बरगद के पेड़ पर चढ़कर देखा तो उसे दो जंगली जानवर के बच्चे बैठे दिखाई दिए जो तेंदुए के शावक लग रहे थे। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस और सैकड़ों ग्रामीण लाठी डंडे लेकर जंगल में पहुंच गए।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने वन विभाग के अफसरों को सूचना दी। जहां करीब दो घंटे बाद वन विभाग की टीम पहुंची। वन विभाग के अफसरों ने बताया कि बरगद के पेड़ पर बैठे बच्चे तेंदुए के शावक नहीं, बल्कि जंगली बिल्ली के बच्चे है। यह सुनते ही ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दो तेंदुए जंगल में घूम रहे है। जो नौ अगस्त को निरपुड़ा गांव के जंगल में तेंदुए का शावक मिला था। उधर हंगामे के बाद वन विभाग की टीम ने जंगल डेरा डाल लिया।
विज्ञापन
पहले तेंदुआ पकड़ो, फिर उठाने देंगे बच्चे
निरपुड़ा गांव के जंगल में ग्रामीण तेंदुए को पकड़ने की मांग पर अड़ गए। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक तेंदुआ नहीं पकड़ा जाएगा, तब तक बच्चे नहीं उठाने देंगे। जहां वन कर्मियों ने ग्रामीणों को समझाने का भी प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए भी आसपास ही घूम रहे है।
लोगों ने बनाई वीडियो
निरपुड़ा गांव के जंगल में पहुंचे ग्रामीणों ने दोनों बच्चाें की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। इसका पता चलते ही आसपास के गांवों के ग्रामीण भी जंगल में पहुंच गए। ग्रामीणों का आरोप है कि वहां पहले भी शावक मिल चुका है। इसके बावजूद अभी तक तेंदुआ नहीं पकड़ा गया। ग्रामीण इस बात पर अड़े रहे कि जंगल में जंगली बिल्ली के बच्चे नहीं, बल्कि तेंदुए के शावक हैं।
वर्जन-
पिछले महीने निरपुड़ा गांव के जंगल में तेंदुए का मादा शावक मिला था, लेकिन बुधवार को बरगद के पेड़ पर मिले बच्चे तेंदुए के शावक नहीं, जंगली बिल्ली के बच्चे हैं। जिनके फोटो विशेषज्ञों को भी दिखाए गए तो उन्होंने भी जंगली बिल्ली के बच्चे बताए। अगर कोई शावक मिलने की अफवाह फैलाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राजेश कुमार, डीएफओ बागपत।