{"_id":"66d8ec08dad7af8b1c0d9227","slug":"people-from-across-the-country-gathered-to-buy-musharrafs-familys-land-baghpat-news-c-28-1-smrt1010-117620-2024-09-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: मुशर्रफ के परिवार की जमीन खरीदने को देशभर के लोग जुटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: मुशर्रफ के परिवार की जमीन खरीदने को देशभर के लोग जुटे
Thu, 05 Sep 2024 04:53 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Thu, 05 Sep 2024 04:53 AM IST
विज्ञापन
बागपत। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के भाई व परिवार की जमीन खरीदने के लिए देशभर के लोग जुट रहे हैं। वह जमीन को देखने के लिए भी कोताना में पहुंच रहे हैं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कराया गया है और उसकी नीलामी के लिए बृहस्पतिवार को ऑनलाइन बोली लगाई जाएगी।
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुर्शरफ के पिता मुशर्रफुद्दीन और माता बेगम जरीन कोताना गांव की रहने वाली थी। कोताना में दोनों की शादी हुई थी। वह वर्ष 1943 में दिल्ली जाकर रहने लगे थे, जहां परवेज मुशर्रफ व उसके भाई डॉ. जावेद मुशर्रफ का जन्म हुआ था। उनका परिवार वर्ष 1947 में बंटवारे के समय पाकिस्तान में जाकर बस गया था। मगर दिल्ली के अलावा उनके परिवार की हवेली व खेती की जमीन कोताना में मौजूद थी। जिसमें परवेज मुशर्रफ की जमीन बेच दी गई तो उनके भाई डाॅ. जावेद मुशर्रफ व परिवार के सदस्यों की जमीन बाकी है। परवेज मुशर्रफ के भाई डॉ. जावेद मुशर्रफ व परिवार के अन्य सदस्यों की जमीन को पंद्रह साल पहले शत्रु संपत्ति में दर्ज कर दिया गया था। मगर इस जमीन की पहचान इनके नाम से होती है। जिसमें से बांगर की करीब 13 बीघा शत्रु संपत्ति की नीलामी होनी है। इस जमीन को लेने के लिए देशभर से लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया है और उस जमीन को देखने के लिए कोताना में लोग पहुंच रहे हैं। बताया गया कि यूपी के अधिकतर जिलों के अलावा दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड तक के लोगों ने जमीन के लिए आवेदन किया है। अब यह देखना होगा कि यह जमीन किसके पास जाती है।
--
भारत सरकार के शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय से कोताना में शत्रु संपत्ति की नीलामी कराई जा रही है। यह नीलामी ऑनलाइन होगी और इसके लिए बृहस्पतिवार को ऑनलाइन ही बोली लगाई जाएगी। जिसकी बोली ज्यादा होगी, उसके नाम जमीन होगी। - पंकज वर्मा, एडीएम
विज्ञापन
विज्ञापन
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुर्शरफ के पिता मुशर्रफुद्दीन और माता बेगम जरीन कोताना गांव की रहने वाली थी। कोताना में दोनों की शादी हुई थी। वह वर्ष 1943 में दिल्ली जाकर रहने लगे थे, जहां परवेज मुशर्रफ व उसके भाई डॉ. जावेद मुशर्रफ का जन्म हुआ था। उनका परिवार वर्ष 1947 में बंटवारे के समय पाकिस्तान में जाकर बस गया था। मगर दिल्ली के अलावा उनके परिवार की हवेली व खेती की जमीन कोताना में मौजूद थी। जिसमें परवेज मुशर्रफ की जमीन बेच दी गई तो उनके भाई डाॅ. जावेद मुशर्रफ व परिवार के सदस्यों की जमीन बाकी है। परवेज मुशर्रफ के भाई डॉ. जावेद मुशर्रफ व परिवार के अन्य सदस्यों की जमीन को पंद्रह साल पहले शत्रु संपत्ति में दर्ज कर दिया गया था। मगर इस जमीन की पहचान इनके नाम से होती है। जिसमें से बांगर की करीब 13 बीघा शत्रु संपत्ति की नीलामी होनी है। इस जमीन को लेने के लिए देशभर से लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया है और उस जमीन को देखने के लिए कोताना में लोग पहुंच रहे हैं। बताया गया कि यूपी के अधिकतर जिलों के अलावा दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड तक के लोगों ने जमीन के लिए आवेदन किया है। अब यह देखना होगा कि यह जमीन किसके पास जाती है।
विज्ञापन
भारत सरकार के शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय से कोताना में शत्रु संपत्ति की नीलामी कराई जा रही है। यह नीलामी ऑनलाइन होगी और इसके लिए बृहस्पतिवार को ऑनलाइन ही बोली लगाई जाएगी। जिसकी बोली ज्यादा होगी, उसके नाम जमीन होगी। - पंकज वर्मा, एडीएम
विज्ञापन