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Baghpat News: बंदरों के डर से घरों में कैद लोग, लगवाए जाल
Sat, 08 Feb 2025 12:09 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sat, 08 Feb 2025 12:09 AM IST
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लहचौड़ा में एक मकान पर बैठा बंदरों का झुंड : संवाद
- फोटो : संवाद
बागपत, रटौल। बंदरों के डर में लहचौड़ा के लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। लोगों ने घरों में जाल तक लगवा दिए है। गांव में 250 से 300 से अधिक बंदर झुंड बनाकर घूम रहे हैं। बंदरों को पकड़वाने की मांग को लेकर लोगों ने प्रदर्शन किया।
लहचौड़ा में माह से बंदरों का आतंक बना हुआ है। बंदर आए दिन घरों में घुसकर हमला कर देते हैं और यदि लोगों से सामान छीनकर भाग जाते हैं। बंदरों के डर के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकल पाते। इतना ही नहीं छतों पर कपड़े सुखाने के लिए भी नहीं जाते हैं। विनोद शर्मा, चंद्रबोस शर्मा, रामू शर्मा, विनोद, सेंसरपाल, कृष्ण, सीताराम, कालू फौजी, देवेंद्र, राममेहर, कृष्णपाल आदि ने बताया कि गांव में 250 से 300 बंदर घूम रहे हैं।
बंदरों के आतंक के कारण घर से बाहर नहीं निकल पाते हैं। लोगों ने घरों में जाल लगवाने शुरू कर दिए है। कई बार अधिकारियों से शिकायत कर बंदरों को पकड़वाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन फिर भी इन्हें पकड़ा नहीं जा रहा है। बंदरों के हमले से अभी तक 100 से अधिक बच्चे, महिलाएं व व्यक्ति घायल हो चुके हैं।
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- गांव में बंदरों का आतंक बना हुआ है। बंदर घर में घुसकर कीमती सामान तोड़फोड़ देते हैं। इससे काफी नुकसान हो रहा है। कई बार तो काटकर घायल कर चुके है। शिकायत के बाद भी बंदरों को पकड़ा नहीं जा रहा है। - सीमा शर्मा
- बंदरों के डर से छतों पर जाना भी बंद हो गया है और घरों में जाल लगवाया गया है। यदि गली में कोई सामान लेकर जाता है तो बंदर छीनकर भाग जाते हैं। इससे लोग पूरी तरह से परेशान हो गए है। - सविता यादव
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वर्जन
- ग्राम पंचायत के पास बंदरों को पकड़वाने के लिए कोई बजट नहीं है। वन विभाग के अधिकारियों से बात करने के बाद बंदरों को पकड़वाया जाएगा। - प्रदीप शर्मा, प्रधान
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लहचौड़ा में माह से बंदरों का आतंक बना हुआ है। बंदर आए दिन घरों में घुसकर हमला कर देते हैं और यदि लोगों से सामान छीनकर भाग जाते हैं। बंदरों के डर के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकल पाते। इतना ही नहीं छतों पर कपड़े सुखाने के लिए भी नहीं जाते हैं। विनोद शर्मा, चंद्रबोस शर्मा, रामू शर्मा, विनोद, सेंसरपाल, कृष्ण, सीताराम, कालू फौजी, देवेंद्र, राममेहर, कृष्णपाल आदि ने बताया कि गांव में 250 से 300 बंदर घूम रहे हैं।
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बंदरों के आतंक के कारण घर से बाहर नहीं निकल पाते हैं। लोगों ने घरों में जाल लगवाने शुरू कर दिए है। कई बार अधिकारियों से शिकायत कर बंदरों को पकड़वाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन फिर भी इन्हें पकड़ा नहीं जा रहा है। बंदरों के हमले से अभी तक 100 से अधिक बच्चे, महिलाएं व व्यक्ति घायल हो चुके हैं।
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- गांव में बंदरों का आतंक बना हुआ है। बंदर घर में घुसकर कीमती सामान तोड़फोड़ देते हैं। इससे काफी नुकसान हो रहा है। कई बार तो काटकर घायल कर चुके है। शिकायत के बाद भी बंदरों को पकड़ा नहीं जा रहा है। - सीमा शर्मा
- बंदरों के डर से छतों पर जाना भी बंद हो गया है और घरों में जाल लगवाया गया है। यदि गली में कोई सामान लेकर जाता है तो बंदर छीनकर भाग जाते हैं। इससे लोग पूरी तरह से परेशान हो गए है। - सविता यादव
वर्जन
- ग्राम पंचायत के पास बंदरों को पकड़वाने के लिए कोई बजट नहीं है। वन विभाग के अधिकारियों से बात करने के बाद बंदरों को पकड़वाया जाएगा। - प्रदीप शर्मा, प्रधान

लहचौड़ा में एक मकान पर बैठा बंदरों का झुंड : संवाद- फोटो : संवाद