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पत्तियों को जलाने की जरूरत नही,ं रमाला मिल खरीदेगी ट्रेस मलचिंग मशीन
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पत्तियों को जलाने की जरूरत नही,ं रमाला मिल खरीदेगी ट्रेस मलचिंग मशीन
रमाला। सहकारी चीनी मिल रमाला मेें किसानों की बैठक आयोजित की गई। प्रधान प्रबंधक प्रबुध चौबे ने किसानों को गन्ने की सूखी पत्तियां नहीं जलाने के लिए कहा। किसानों से कहा गन्ने की पत्ती जलाने की बजाय ट्रेस मलंचिग कर खाद के रूप में उपयोग करें।
जीएम ने कहा कि गन्ने की पत्तियों की ट्रेस मंलचिग करने (छोटे छोटे टुकड़ों में काटकर कचरा बना देना) विधि अपनाने की सलाह दी। उन्होंने किसानों से कहा कि इससे जमीन की उर्वरा शक्ति तो बढेगी ही साथ ही किसानों को खाद की जरूरत कम पडेगी। उन्होने कहा कि इन पत्तियों को जलाने की बजाय इन्हें छोटे छोटे टुकड़ों में काटकर गन्ने की दो लाइनों के बीच में बिछा दे इससे खेत में नमी बनी रहेगी। और यह पत्तिया धीरे धीरे जैविक खाद में परिवर्तित हो जायेगी।इससे जमीन की उर्वरा शक्ति बढेगी।इस प्रक्रिया से खेती में पानी की कम जरूरत पडेगी। उन्होने किसानों को बताया कि ट्रेस मंलचिंग के लिए 15 मशीनों का आर्डर दे दिया गया है। जल्द ही मिल में मशीने मिल में उपलब्ध होगी। उन्होने कहा कि जल्द ही किसानों ट्रेस मंलचिग की विधि सिखाने के लिए गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। विनय प्रताप, रविन्द्र मुखिया,डाँ0 ओमप्रकाश तोमर, राजेन्द्र सिह,धर्मेंद्र, सोमपाल, सुधीर, सुमित पवांर किसान मौजूद थे।
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रमाला। सहकारी चीनी मिल रमाला मेें किसानों की बैठक आयोजित की गई। प्रधान प्रबंधक प्रबुध चौबे ने किसानों को गन्ने की सूखी पत्तियां नहीं जलाने के लिए कहा। किसानों से कहा गन्ने की पत्ती जलाने की बजाय ट्रेस मलंचिग कर खाद के रूप में उपयोग करें।
जीएम ने कहा कि गन्ने की पत्तियों की ट्रेस मंलचिग करने (छोटे छोटे टुकड़ों में काटकर कचरा बना देना) विधि अपनाने की सलाह दी। उन्होंने किसानों से कहा कि इससे जमीन की उर्वरा शक्ति तो बढेगी ही साथ ही किसानों को खाद की जरूरत कम पडेगी। उन्होने कहा कि इन पत्तियों को जलाने की बजाय इन्हें छोटे छोटे टुकड़ों में काटकर गन्ने की दो लाइनों के बीच में बिछा दे इससे खेत में नमी बनी रहेगी। और यह पत्तिया धीरे धीरे जैविक खाद में परिवर्तित हो जायेगी।इससे जमीन की उर्वरा शक्ति बढेगी।इस प्रक्रिया से खेती में पानी की कम जरूरत पडेगी। उन्होने किसानों को बताया कि ट्रेस मंलचिंग के लिए 15 मशीनों का आर्डर दे दिया गया है। जल्द ही मिल में मशीने मिल में उपलब्ध होगी। उन्होने कहा कि जल्द ही किसानों ट्रेस मंलचिग की विधि सिखाने के लिए गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। विनय प्रताप, रविन्द्र मुखिया,डाँ0 ओमप्रकाश तोमर, राजेन्द्र सिह,धर्मेंद्र, सोमपाल, सुधीर, सुमित पवांर किसान मौजूद थे।
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