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पंचायत में अफसरों ने मांगी माफी
Thu, 16 Apr 2020 06:55 PM IST
Anonymous User
ब्यूरो/अमीनगर सराय/ अमर उजाला
ब्यूरो/अमीनगर सराय/ अमर उजाला
Published by: Anonymous User
Updated Thu, 16 Apr 2020 06:55 PM IST
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छात्रा साक्षी की मौत पर पुलिस अफसरों के रवैये से खफा लोगों का सोमवार को खिंदौड़ा में हुई पंचायत में गुस्सा फूट पड़ा। एसपी को लोगों ने जमकर खरीखोटी सुनाईं। एएसपी विद्या सागर मिश्र ने भरी पंचायत में पुलिस की ओर से माफी मांगी। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। पंचायत में लोगों ने पुलिस को सात दिन के अंदर केस का खुलासा करने का समय दिया। लोगों ने अल्टीमेटम दिया कि निर्धारित समय में केस का खुलासा नहीं होने पर आंदोलन तेज होगा।
सोमवार को हुई पंचायत में छात्रा साक्षी के नाना राजेंद्र सिंह ने कहा कि एसपी ने साक्षी के संबंध में उनसे उल्टे सीधे सवाल किए, जिनका उससे कोई लेनादेना नहीं था। उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। परिवार ने इसे सहन किया। रविवार को साक्षी का पूठड़ गांव के जंगल में शव मिलने के बाद पुलिस ने चोरी से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साक्षी की मां को भी उसकी शक्ल नहीं देखने दी। उसके बाद भी उन्होंने युवाओं से शांति पूर्वक रहने की अपील की। पुलिस ने साक्षी का अंतिम संस्कार भी आराम से नहीं करने दिया। यहां तक की पुलिस वालों ने लोगों को शव यात्रा में शामिल भी नहीं होने दिया। पुलिस इतना जोर साक्षी की तलाश में लगा देती तो साक्षी सकुशल बरामद हो जाती। लोगों ने यहां तक कहा कि इन पुलिस अफसरों के बेटियां नहीं है क्या। यदि बेटी होती तो वे दर्द का अहसास करते। पंचायत में एएसपी विद्यासागर मिश्र ने खड़े होकर कहा कि पुलिस ने साक्षी को बरामद करने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन पुलिस उसे सकुशल बरामद नहीं कर पाई। इस पर वे काफी दुखी हैं। पुलिस द्वारा किए गए दुर्व्यवहार पर वे माफी मांगते हैं। एएसपी के माफी मांगने के बाद लोगों का आक्रोश शांत हुआ। लोगों ने केस के खुलासे का पहले दो दिन का समय दिया। बाद में विधायक वीरपाल राठी ने समय सीमा बढ़ाते हुए पुलिस को सात दिन का समय दे दिया। एसपी रवि शंकर छवि ने पंचायत में कहा कि उन्होंने छात्रा के परिजनों से प्रश्न पूछे थे, ताकि साक्षी बरामद हो सके। साक्षी का शव भी घटनास्थल से इसीलिए उठाया गया था ताकि वहां पर कोई बवाल न हो। यदि बवाल हो जाता तो जनता का ही नुकसान होता। पंचायत में हिसावदा, बिलोचपुरा, तेड़ा, सौभापुर, सिंघावली समेत दर्जनो गांव के लोग शामिल रहे। इस मौके पर कुशवाह खाप के चौधरी घासीराम सिंह, रालोद जिलाध्यक्ष चौधरी धनपाल सिंह, ग्राम प्रधान मुकेश सौलंकी, हरपाल, राजपाल, सुखपाल, देवेंद्र रहे।
qयुवाओं का सब्र का बांध मत तोड़ो कप्तान साहब
अमीनगर सराय। लोगों ने कहा कि उनकी बिरादरी के लोग अनुशासन में रहते हैं और न अत्याचार करते हैं और न ही सहन करते हैं। इसका इतिहास गवाह है। इसी कारण उन्हें साक्षी की लाश मिली, अन्यथा काफी समय पूर्व साक्षी सकुशल बरामद हो जाती। उन्होंने कहा कि कप्तान साहब युवाओं के सब्र की परीक्षा मत लो, यदि सब्र का बांध टूट गया तो आप उन्हें नहीं रोक पाओगे।
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qकप्तान साहब आपकी गोलियों भी नहीं रोक पाएगी
अमीनगर सराय। विधायक वीरपाल राठी ने कहा कि कप्तान साहब केस का जल्दी और निष्पक्ष खुलासा कर दो। सब लोग आपके साथ है। वरना गुस्सा भड़क गया तो आपकी गोलियां भी नहीं रोक पाएंगी। बताया कि गाजियाबाद में नदी का पानी रोकने पर एक पुलिस अफसर ने उन पर गोलियां चलवा दीं थीं, लेकिन आंदोलन को नहीं रोक पाई थे। उन्होंने अफसरों के दांत खट्टे कर दिए थे।
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सोमवार को हुई पंचायत में छात्रा साक्षी के नाना राजेंद्र सिंह ने कहा कि एसपी ने साक्षी के संबंध में उनसे उल्टे सीधे सवाल किए, जिनका उससे कोई लेनादेना नहीं था। उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। परिवार ने इसे सहन किया। रविवार को साक्षी का पूठड़ गांव के जंगल में शव मिलने के बाद पुलिस ने चोरी से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साक्षी की मां को भी उसकी शक्ल नहीं देखने दी। उसके बाद भी उन्होंने युवाओं से शांति पूर्वक रहने की अपील की। पुलिस ने साक्षी का अंतिम संस्कार भी आराम से नहीं करने दिया। यहां तक की पुलिस वालों ने लोगों को शव यात्रा में शामिल भी नहीं होने दिया। पुलिस इतना जोर साक्षी की तलाश में लगा देती तो साक्षी सकुशल बरामद हो जाती। लोगों ने यहां तक कहा कि इन पुलिस अफसरों के बेटियां नहीं है क्या। यदि बेटी होती तो वे दर्द का अहसास करते। पंचायत में एएसपी विद्यासागर मिश्र ने खड़े होकर कहा कि पुलिस ने साक्षी को बरामद करने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन पुलिस उसे सकुशल बरामद नहीं कर पाई। इस पर वे काफी दुखी हैं। पुलिस द्वारा किए गए दुर्व्यवहार पर वे माफी मांगते हैं। एएसपी के माफी मांगने के बाद लोगों का आक्रोश शांत हुआ। लोगों ने केस के खुलासे का पहले दो दिन का समय दिया। बाद में विधायक वीरपाल राठी ने समय सीमा बढ़ाते हुए पुलिस को सात दिन का समय दे दिया। एसपी रवि शंकर छवि ने पंचायत में कहा कि उन्होंने छात्रा के परिजनों से प्रश्न पूछे थे, ताकि साक्षी बरामद हो सके। साक्षी का शव भी घटनास्थल से इसीलिए उठाया गया था ताकि वहां पर कोई बवाल न हो। यदि बवाल हो जाता तो जनता का ही नुकसान होता। पंचायत में हिसावदा, बिलोचपुरा, तेड़ा, सौभापुर, सिंघावली समेत दर्जनो गांव के लोग शामिल रहे। इस मौके पर कुशवाह खाप के चौधरी घासीराम सिंह, रालोद जिलाध्यक्ष चौधरी धनपाल सिंह, ग्राम प्रधान मुकेश सौलंकी, हरपाल, राजपाल, सुखपाल, देवेंद्र रहे।
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qयुवाओं का सब्र का बांध मत तोड़ो कप्तान साहब
अमीनगर सराय। लोगों ने कहा कि उनकी बिरादरी के लोग अनुशासन में रहते हैं और न अत्याचार करते हैं और न ही सहन करते हैं। इसका इतिहास गवाह है। इसी कारण उन्हें साक्षी की लाश मिली, अन्यथा काफी समय पूर्व साक्षी सकुशल बरामद हो जाती। उन्होंने कहा कि कप्तान साहब युवाओं के सब्र की परीक्षा मत लो, यदि सब्र का बांध टूट गया तो आप उन्हें नहीं रोक पाओगे।
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qकप्तान साहब आपकी गोलियों भी नहीं रोक पाएगी
अमीनगर सराय। विधायक वीरपाल राठी ने कहा कि कप्तान साहब केस का जल्दी और निष्पक्ष खुलासा कर दो। सब लोग आपके साथ है। वरना गुस्सा भड़क गया तो आपकी गोलियां भी नहीं रोक पाएंगी। बताया कि गाजियाबाद में नदी का पानी रोकने पर एक पुलिस अफसर ने उन पर गोलियां चलवा दीं थीं, लेकिन आंदोलन को नहीं रोक पाई थे। उन्होंने अफसरों के दांत खट्टे कर दिए थे।