{"_id":"59233bc54f1c1b3c6a536eb1","slug":"palayan-kar-rahe-kisanon-ko-roka","type":"story","status":"publish","title_hn":"पलायन कर रहे किसानों को रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पलायन कर रहे किसानों को रोका
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 23 May 2017 12:58 AM IST
विज्ञापन
ग्राम मंडौला में बढ़े मुआवजे की मांंग कर प्रदर्शन करतीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोनी/खेकड़ा (बागपत)। आवास विकास की मंडोला विहार योजना में मुआवजे की मांग पूरी न होने पर सोमवार सुबह पलायन कर रहे किसानों को भाजपा जिलाध्यक्ष बसंत त्यागी ने रोक लिया। उन्होंने किसानों और प्रशासन के बीच मध्यस्थता कराकर वार्ता कराई। हालांकि करीब एक घंटे चली वार्ता में कोई हल नहीं निकला। अधिकारियों ने किसानों से यह कह कर पल्ला झाड़ लिया कि डीएम आफिस में बैठकर वार्ता करने पर ही समस्याओं का हल निकलेगा। किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल अब मंगलवार को डीएम ऑफिस में वार्ता करने जाएगा।
अपने पूर्व नियोजित कार्यक्रम के चलते मंडोला समेत छह गांवों के किसान सुबह नौ बजे मंडोला गांव में पलायन के लिए एकत्र हो गए। किसानों ने अपने सामान को ट्रैक्टर-ट्रॉली में बांध लिया था। किसानों के पलायन की जानकारी मिलने पर भाजपा जिलाध्यक्ष बसंत त्यागी मौके पर पहुंचे और किसानों से पलायन न करने का आग्रह किया। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष ने एसडीएम लोनी और सीओ को बुलाकर मौके पर ही किसानों की वार्ता कराई। सवा बारह बजे शुरू हुई वार्ता करीब एक घंटे चली।
किसानों ने अधिकारियों के समक्ष मनवीर तेवतिया की गाजियाबाद एंट्री पर प्रतिबंध हटाने, किसानों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को समाप्त करने, ग्राम प्रधान के खिलाफ जारी हुए नोटिस को वापस लेने और समस्या का समाधान न होने तक मंडोला आवासीय योजना में चालू काम को बंद कराने की मांगें रखीं।
विज्ञापन
इस पर एसडीएम प्रेम रंजन सिंह ने सभी बातों को डीएम के सामने वार्ता में रखने को कहकर पल्ला झाड लिया। वार्ता में मांगें न माने जाने पर किसान नाराज होकर चल दिए लेकिन बाद में एक कमेटी का गठन कर जिलाध्यक्ष की अगुवाई में डीएम आफिस में जाना तय हुआ। भाजपा जिलाध्यक्ष ने किसानों का भरोसा दिलाया है कि मंगलवार को कलक्ट्रेट में डीएम के साथ बैठक में वह खुद भी मौजूद रहेंगे।
विज्ञापन
अपने पूर्व नियोजित कार्यक्रम के चलते मंडोला समेत छह गांवों के किसान सुबह नौ बजे मंडोला गांव में पलायन के लिए एकत्र हो गए। किसानों ने अपने सामान को ट्रैक्टर-ट्रॉली में बांध लिया था। किसानों के पलायन की जानकारी मिलने पर भाजपा जिलाध्यक्ष बसंत त्यागी मौके पर पहुंचे और किसानों से पलायन न करने का आग्रह किया। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष ने एसडीएम लोनी और सीओ को बुलाकर मौके पर ही किसानों की वार्ता कराई। सवा बारह बजे शुरू हुई वार्ता करीब एक घंटे चली।
विज्ञापन
किसानों ने अधिकारियों के समक्ष मनवीर तेवतिया की गाजियाबाद एंट्री पर प्रतिबंध हटाने, किसानों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को समाप्त करने, ग्राम प्रधान के खिलाफ जारी हुए नोटिस को वापस लेने और समस्या का समाधान न होने तक मंडोला आवासीय योजना में चालू काम को बंद कराने की मांगें रखीं।
विज्ञापन
इस पर एसडीएम प्रेम रंजन सिंह ने सभी बातों को डीएम के सामने वार्ता में रखने को कहकर पल्ला झाड लिया। वार्ता में मांगें न माने जाने पर किसान नाराज होकर चल दिए लेकिन बाद में एक कमेटी का गठन कर जिलाध्यक्ष की अगुवाई में डीएम आफिस में जाना तय हुआ। भाजपा जिलाध्यक्ष ने किसानों का भरोसा दिलाया है कि मंगलवार को कलक्ट्रेट में डीएम के साथ बैठक में वह खुद भी मौजूद रहेंगे।