{"_id":"590a23464f1c1b7401441b34","slug":"pak-ki-harkat-par-foota-gussa","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाक की बर्बरता पर फूटा गुस्सा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पाक की बर्बरता पर फूटा गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 04 May 2017 12:06 AM IST
विज्ञापन
हाईकोर्ट बेंच की मांग के लिए बड़ौत में प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत। रेवन्यू बार एसोसिएशन के बैनर तले तहसील अधिवक्ताओं ने पश्चिमी उप्र में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को लेकर बुधवार को तहसील में जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया।
तहसील में बार अध्यक्ष वेदपाल पंवार के नेतृत्व में अधिवक्ता एकत्रित हुए और हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए तहसील में जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि पश्चिमी उप्र में अधिवक्ताओं की ओर से काफी दिनों से हाईकोर्ट बेंच की मांग की जा रही है।
इसको लेकर कई बार धरने प्रदर्शन हो चुके है। लेकिन उप्र व केंद्रीय सरकार इस गंभीर मुद्दे पर किसी भी प्रकार से गंभीर नहीं है और शनिवार को सांकेतिक हड़ताल भी काफी दिनों से चली आ रही है। सरकार केवल इस मुद्दे पर आश्वासन सीमित है। उनका कहना था कि यदि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार नहीं करती तो पश्चिमी उप्र के अधिवक्ता उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे। यह बेंच बेहद जरूरी है। इस अवसर पर महामंत्री आनंद पाल तोमर, विनेश तोमर, रामकुमार, सतपाल मान, दिनेश मान, पुष्पेंद्र उज्ज्वल, यशवीर चौहान, धर्मवीर सिंह, संजीव तोमर, ईश्वर आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
तहसील में बार अध्यक्ष वेदपाल पंवार के नेतृत्व में अधिवक्ता एकत्रित हुए और हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए तहसील में जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि पश्चिमी उप्र में अधिवक्ताओं की ओर से काफी दिनों से हाईकोर्ट बेंच की मांग की जा रही है।
विज्ञापन
इसको लेकर कई बार धरने प्रदर्शन हो चुके है। लेकिन उप्र व केंद्रीय सरकार इस गंभीर मुद्दे पर किसी भी प्रकार से गंभीर नहीं है और शनिवार को सांकेतिक हड़ताल भी काफी दिनों से चली आ रही है। सरकार केवल इस मुद्दे पर आश्वासन सीमित है। उनका कहना था कि यदि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार नहीं करती तो पश्चिमी उप्र के अधिवक्ता उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे। यह बेंच बेहद जरूरी है। इस अवसर पर महामंत्री आनंद पाल तोमर, विनेश तोमर, रामकुमार, सतपाल मान, दिनेश मान, पुष्पेंद्र उज्ज्वल, यशवीर चौहान, धर्मवीर सिंह, संजीव तोमर, ईश्वर आदि रहे।
विज्ञापन