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बागपत में मस्जिद को गिराने का आदेश: गांव के तीन तालाबों पर कब्जा, कार्रवाई सिर्फ एक पर
Wed, 06 Nov 2024 10:00 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Wed, 06 Nov 2024 10:00 PM IST
सार
शिकायतकर्ता गुलशार का कहना है कि उसने कई बार अफसरों से तालाब पर मस्जिद निर्माण की शिकायत की, लेकिन वर्षों तक कोई सुनवाई नहीं हुई, तब जाकर कोर्ट का सहारा लिया।
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बड़ौत की मस्जिद।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजपुर खामपुर गांव में तालाब की जमीन पर करीब 50 साल पहले मस्जिद बनाई गई। इसके आसपास की जमीन को वर्ष 2005 में कब्जा कर निर्माण करा दिया गया। इसकी लोगों ने शिकायत भी की, लेकिन अफसरों ने सुनवाई करने के बजाय मामले को दबा दिया। इसके बाद अफसर बदलते रहे और मस्जिद के नीचे तालाब की जमीन दबी रही। वहीं शिकायतकर्ता गुलशार का कहना है कि उसने गांव तीन तालाबों पर कब्जे की शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई सिर्फ एक पर हुई है।
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पिछले पांच साल से गांव के तालाबों से अतिक्रमण हटवाकर जमीन कब्जामुक्त करने की मांग कर रहे गुलशार मलिक ने बताया कि उसे कई बार धमकियां भी दी गईं तो अफसरों ने अभद्रता भी की। बार-बार शिकायत करने के बाद भी राजस्व विभाग के अफसरों ने तालाब की जमीन से कब्जा नहीं हटवाया। अफसरों की कार्यशैली से परेशान होकर उसने उच्च न्यायालय में विशेष याचिका दायर कराई। जिस पर उच्च न्यायालय ने तालाबों से अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए।
इसके बाद हरकत में आए अफसरों ने वाद दर्ज कर सुनवाई शुरू की और नोटिस जारी कर मुतवल्ली से साक्ष्य भी मांगे। सुनवाई के बाद तहसीलदार ने तालाब से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए।
इसके बाद हरकत में आए अफसरों ने वाद दर्ज कर सुनवाई शुरू की और नोटिस जारी कर मुतवल्ली से साक्ष्य भी मांगे। सुनवाई के बाद तहसीलदार ने तालाब से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए।
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आसपास की जमीन कब्जाने के लिए 2005 में रखी थी नींव
शिकायतकर्ता गुलशार ने बताया कि मस्जिद करीब 50 साल पुरानी है, जो काफी छोटी थी। वर्ष 2005 में आसपास की जमीन पर कब्जा करने के लिए चंदा इकट्ठा कर नींव रखी। इसके बाद कब्जा कर लिया गया।
शिकायतकर्ता गुलशार ने बताया कि मस्जिद करीब 50 साल पुरानी है, जो काफी छोटी थी। वर्ष 2005 में आसपास की जमीन पर कब्जा करने के लिए चंदा इकट्ठा कर नींव रखी। इसके बाद कब्जा कर लिया गया।
तालाब की जमीन पर बने हैं कई मकान, अफसरों की रिपोर्ट गलत
गुलशार ने आरोप लगाया कि तालाब की जमीन पर मस्जिद के साथ कई मकान भी बने हुए हैं, जिनकी शिकायत भी की गई। मगर अफसरों ने गलत रिपोर्ट बनाकर भेज दी। बताया कि मस्जिद की जमीन के बाद भी 11 बीघा के तालाब का रकबा पूरा नहीं हो रहा, जो अभी भी तीन बीघा कम है। इसके लिए दोबारा शिकायत की जाएगी। यह भी आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय ने गांव के तीनों तालाबों से कब्जा हटवाने के आदेश दिए, लेकिन एक ही तालाब पर कार्रवाई की जा रही है।
गुलशार ने आरोप लगाया कि तालाब की जमीन पर मस्जिद के साथ कई मकान भी बने हुए हैं, जिनकी शिकायत भी की गई। मगर अफसरों ने गलत रिपोर्ट बनाकर भेज दी। बताया कि मस्जिद की जमीन के बाद भी 11 बीघा के तालाब का रकबा पूरा नहीं हो रहा, जो अभी भी तीन बीघा कम है। इसके लिए दोबारा शिकायत की जाएगी। यह भी आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय ने गांव के तीनों तालाबों से कब्जा हटवाने के आदेश दिए, लेकिन एक ही तालाब पर कार्रवाई की जा रही है।