फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Online fraud of 1.60 crore from 350 people

350 लोगों से 1.60 करोड़ की ऑनलाइन ठगी

Mon, 19 Jul 2021 12:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jul 2021 12:15 AM IST
विज्ञापन
Online fraud of 1.60 crore from 350 people
350 लोगों से 1.60 करोड़ की ऑनलाइन ठगी
विज्ञापन

बड़ौत। जनपद में पिछले छह माह में हैकर्स 350 लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। इनसे करीब 1.60 करोड़ रुपये की ठग की जा चुकी है। पुलिस सिर्फ केस दर्ज करने तक ही सीमित है और साइबर अपराधी खुलकर खेल रहे हैं।
कभी इनाम का लालच, कभी वैक्सीनेशन का झांसा तो कभी लिंक भेजकर ठगी को अंजाम दिया जा रहा है। फेसबुक मेसेंजर और वीडियो कॉलिंग के जरिये हनी ट्रैप में फंसाकर ठगी के मामले भी सामने आए हैं। साइबर सेल के मुताबिक इस वर्ष छह माह में ठगी की कुल 125 शिकायतें आ चुकी हैं, जिनमें से करीब 12 लोगों को आठ लाख रुपये वापस दिलाए जा चुके हैं। जबकि जनपद के 11 थानों में भी करीब 225 मुकदमे आईटी एक्ट और धोखाधड़ी के दर्ज हुए हैं। यानी हैकर्स ने जनपद के 350 लोगों को शिकार बना लिया।
विज्ञापन

साइबर सेल में एक प्रभारी निरीक्षक व चार आरक्षी
जनपद मेें कुल 11 थाने हैं। लेकिन उनमें एक भी साइबर सेल का कर्मचारी तैनात नहीं है। जिले में एसपी आवास के पास वर्तमान में साइबर सेल है। यहां एक प्रभारी निरीक्षक और चार आरक्षी हैं। थानों से मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला साइबर सेल में ट्रांसफर कर दिया जाता है। इसके बाद साइबर सेल ही आगे की कार्रवाई करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

लालच देकर बनाते हैं ठगी का शिकार
साइबर सेल प्रभारी नितिन पांडेय के अनुसार साइबर ठगी करने वाले फोन कर किसी स्कीम का लालच देकर मेसेज भेजते हैं। इसके बाद ओटीपी पूछकर, लिंक भेजकर, एनी डेस्क एप डाउनलोड करवाकर या क्यूआर कोड स्कैन कराकर ठगी करते हैं। लकी ड्रॉ में नाम आने या अन्य लालच देकर एटीएम कोड पूछ लेते हैं। ऑनलाइन पेमेंट एप के माध्यम से भी जालसाज खाते की जानकारी लेकर नगदी उड़ा लेते हैं। हैकर्स फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर उनके मित्र या परिचितों से रुपये मांग कर भी धोखाधड़ी कर रहे हैं।
मात्र 12 लोगों को दिलाया पैसा वापस
नितिन पांडेय के अनुसार 125 में से 12 लोगों को रुपये दिलाए गए हैं। इनमें कैडवा निवासी अजित सिंह राणा को 3.86 लाख, सिंघावली अहीर निवासी लता को 1.85 लाख, छपरौली निवासी विकास को 50 हजार, पिलाना निवासी धर्मेंद्र को 42 हजार, निवाड़ा निवासी राज मलिक को 49 हजार रुपये दिलाए जा चुके हैं।
क्या करें, क्या न करें
किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई एप्लीकेशन या अन्य सामग्री का इस्तेमाल न करें। ऑनलाइन लेनदेन के समय लैपटॉप अथवा मोबाइल पर खुली हुई अन्य एप्लीकेशन को बंद कर दें। किसी भी ब्राउजर का उपयोग करने पर रिमेंबर पासवर्ड ऑप्शन का चयन न करें। सोशल मीडिया पर डाली गई एप्लीकेशन को डाउनलॉड न करें। सार्वजनिक वाईफाई, ब्लूटूथ सिग्नल को स्वीकार न करें। अनजान लिंक पर क्लिक न करें।

वर्जन
साइबर अपराधियों से निपटने के लिए पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग दिलाई जा रही है। ट्रेनिंग के बाद पुलिसकर्मियों केे पता चल जाएगा कि साइबर ठगी की शिकायत आने के तुरंत बाद क्या कार्रवाई करनी है। हर शिकायतकर्ता के खाते से रुपये निकलने से पहले ही ठगों का खाता फ्रीज करा दिया जाएगा।
- आलोक कुमार, सीओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed