{"_id":"618fefd0c5e59068eb1231bd","slug":"one-in-every-ten-patients-is-diabetic-baraut-news-mrt56469327","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर दस मरीजों में एक मरीज मधुमेह का","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर दस मरीजों में एक मरीज मधुमेह का
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत। एक दशक में जिन बीमारियों का खतरा सबसे अधिक बढ़ा है, मधुमेह रोग उनमें से एक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे ‘साइलेंट किलर’ रोग के नाम से जानते हैं। इसका कारण यह है कि मधुमेह समय के साथ शरीर को कमजोर करती जाती है। इतना ही नहीं इसके कारण शरीर में कई प्रकार की अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है, जो कुछ स्थितियों में जानलेवा भी हो सकती हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक हर दस मरीजों में एक मरीज मधुमेह का रहता है।
जनपद में आठ सीएचसी, 23 पीएचसी व एक जिला अस्पताल है। इसके अलावा जनपद में दर्जनों निजी अस्पतालों भी है। इनमें रोजाना 60 से 70 मरीज अस्पतालों में इलाज के लिए आते है। सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार के अनुसार अनियमितता दिनचर्या व खानपान की कमी से लोग मधुमेह के मरीज बन रहे है। दिनचर्या बदलने से काफी प्रभाव रहेगा।
ये बोले योगाचार्या
बड़ौत सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार के अनुसार इस बीमारी में रक्त में ग्लूकोज का स्तर सामान्य से अधिक बढ़ जाता है। रक्त कोशिकाएं इस शर्करा को उपयोग नहीं कर पाती। यदि यह ग्लूकोज का बढ़ा हुआ स्तर खून में लगातार बना रहे तो शरीर के अंग प्रत्यंगों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है।
विज्ञापन
योग से मिल सकता है मधुमेह से छुटकारा
दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर व योगाचार्य डॉ. महेश कुमार मुछाल के अनुसार नियमित पैदल घूमना, शारीरिक व्यायाम एवं योगासन एवं प्राणायाम से इसमें लाभ मिलता है। कपालभाति प्राणायाम विशेष रूप से मधुमेह को दूर करने में उपयोगी है। बताया कि इस प्राणायाम में सांस को केवल छोड़ना है। छोड़ने पर पेट अंदर जाता है। इसके अलावा मंडूकासन, गोमुखासन, योग मुद्रासन, पादागुष्ठ, नासास्पर्शासन, हलासन, पाद पश्चिोत्तानासन, वक्रासन, सूर्य नमस्कार आदि का अभ्यास कर इस रोग से निजात मिल सकती है।
शुगर से होती हैं ये बीमारी
आस्था नर्सिंग होम के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अनिल जैन के अनुसार लंबे समय तक शुगर पाचन क्रिया को प्रभावित करता है। पेट में ऐंठन, उल्टी और कब्ज की समस्या हो जाती है। शुगर में छोटी चोट भी नासूर बन जाती है। बीपी बढ़ती है और ध्यान न देने पर आंखों की रोशनी भी जा सकती है। यह किडनी के लिए भी घातक होती है। यह दिल का रोगी भी बना देती है।
ये हैं कारण
- शारीरिक श्रम न करने से।
- अनुवांशिक कारणों से।
- खानपान सही न होने से।
- वजन बढ़ने से।
-
शुगर के लक्षण
- बार बार पेशाब आता है।
- जहां पेशाब करते हैं वहां चीटी का आना।
- त्वचा में रूखापन आ जाता है।
- हाथ-पैरों में जलन होती है।
- शरीर में कमजोरी रहती है।
ये हैं बचाव के उपाय
- हर रोज तीन किलोमीटर पैदल घूमें या साइकिल चलाएं।
- हर रोज योग करें।
- मीठे और जंकफूड से परहेज करें।
- शारीरिक श्रम जरूर करें।
- समय समय पर शुगर की जांच कराते रहें।
विज्ञापन
जनपद में आठ सीएचसी, 23 पीएचसी व एक जिला अस्पताल है। इसके अलावा जनपद में दर्जनों निजी अस्पतालों भी है। इनमें रोजाना 60 से 70 मरीज अस्पतालों में इलाज के लिए आते है। सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार के अनुसार अनियमितता दिनचर्या व खानपान की कमी से लोग मधुमेह के मरीज बन रहे है। दिनचर्या बदलने से काफी प्रभाव रहेगा।
विज्ञापन
ये बोले योगाचार्या
बड़ौत सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार के अनुसार इस बीमारी में रक्त में ग्लूकोज का स्तर सामान्य से अधिक बढ़ जाता है। रक्त कोशिकाएं इस शर्करा को उपयोग नहीं कर पाती। यदि यह ग्लूकोज का बढ़ा हुआ स्तर खून में लगातार बना रहे तो शरीर के अंग प्रत्यंगों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है।
विज्ञापन
योग से मिल सकता है मधुमेह से छुटकारा
दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर व योगाचार्य डॉ. महेश कुमार मुछाल के अनुसार नियमित पैदल घूमना, शारीरिक व्यायाम एवं योगासन एवं प्राणायाम से इसमें लाभ मिलता है। कपालभाति प्राणायाम विशेष रूप से मधुमेह को दूर करने में उपयोगी है। बताया कि इस प्राणायाम में सांस को केवल छोड़ना है। छोड़ने पर पेट अंदर जाता है। इसके अलावा मंडूकासन, गोमुखासन, योग मुद्रासन, पादागुष्ठ, नासास्पर्शासन, हलासन, पाद पश्चिोत्तानासन, वक्रासन, सूर्य नमस्कार आदि का अभ्यास कर इस रोग से निजात मिल सकती है।
शुगर से होती हैं ये बीमारी
आस्था नर्सिंग होम के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अनिल जैन के अनुसार लंबे समय तक शुगर पाचन क्रिया को प्रभावित करता है। पेट में ऐंठन, उल्टी और कब्ज की समस्या हो जाती है। शुगर में छोटी चोट भी नासूर बन जाती है। बीपी बढ़ती है और ध्यान न देने पर आंखों की रोशनी भी जा सकती है। यह किडनी के लिए भी घातक होती है। यह दिल का रोगी भी बना देती है।
ये हैं कारण
- शारीरिक श्रम न करने से।
- अनुवांशिक कारणों से।
- खानपान सही न होने से।
- वजन बढ़ने से।
-
शुगर के लक्षण
- बार बार पेशाब आता है।
- जहां पेशाब करते हैं वहां चीटी का आना।
- त्वचा में रूखापन आ जाता है।
- हाथ-पैरों में जलन होती है।
- शरीर में कमजोरी रहती है।
ये हैं बचाव के उपाय
- हर रोज तीन किलोमीटर पैदल घूमें या साइकिल चलाएं।
- हर रोज योग करें।
- मीठे और जंकफूड से परहेज करें।
- शारीरिक श्रम जरूर करें।
- समय समय पर शुगर की जांच कराते रहें।