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अधिकारियों ने 11 क्विंटल मिलावटी मावा पकड़ा
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कड़े गए मिलावटी मावे को नष्ट करती जेसीबी मशीन
- फोटो : BARAUT
बड़ौत। मिलावटी मावे की सूचना पर बृहस्पतिवार को एसडीएम व खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने दिल्ली जा रहे डीसीएम से 11 क्विंटल मिलावटी मावा पकड़ा। जिसके बाद जेसीबी मशीन को मौके पर बुलाया गया और गड्ढे खुदवाकर मावे को नष्ट कराया। इस दौरान टीम ने पांच नमूने लेकर जांच के लिए लैब में भी भेजे।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिपाल को सूचना मिली कि गामा क्षेत्र के मांगरौली व फौलादनगर गांव से लगभग 11 क्विंटल मिलावटी मावा दिल्ली में सप्लाई करने के लिए डीसीएम से लेकर जाया जा रहा है। इसकी सूचना खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने एसडीएम सुभाष सिंह को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद दोनों अधिकारियों ने दिल्ली बस स्टैंड से गुजरने वाले डीसीएम की चेकिंग शुरू कराई। इस दौरान चेकिंग के दौरान एक डीसीएम में लगभग 11 क्विंटल मिलावटी मावा पकड़ा।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने जांच की तो मावा पाउडर से तैयार पाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि जांच के लिए पांच नमूने सैंपल के तौर पर जांच के लिए लैब मेें भेजे गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि नष्ट कराया मावा नौशाद निवासी मांगरोली व सत्तार, फिरोज, मन्नान, अबलु हशन निवासी फौलाद नगर का था। बताया कि लैब रिपोर्ट आने के बाद आरोपी डीसीएम चालक और संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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मिलीभगत से तैयार किया जा रहा मिलावटी मावा
क्षेत्र के विपिन पूनिया, सोनू, बबलू, रविंद्र, अमित कुमार ने बताया कि त्योहारी सीजन शुरू होते ही जिले के गांव-गांव में मिलावटी मावा बनाना शुरू हो जाता है। आरोप लगाया कि इन लोगों को खाद्य सुरक्षा अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है। तभी तो शिकायत करने के बाद भी संबंधित मिलावटी मावा तैयार करने वाले लोगों पर कार्रवाई नहीं की जाती। बताया कि मावा ही नहीं बल्कि मिलावटी सफेद रसगुल्ले, दूध, घी, पनीर भी बनाया जा रहा है। हर साल त्योहारी सीजन में इन भट्ठी संचालकों के यहां छापा मारा जाता है, मगर प्रभावी कार्रवाई के अभाव में मिलावट का कारोबार धड़ल्ले से संचालित हो रहा है।
शरीर में बीमारी कर लेती है घर
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. आशीष पंवार ने बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थ का सेवा बहुत खतरनाक होता है। सिंथेटिक दूध से तैयार मावा या कोई मिठाई के सेवन से पेट की बीमारी और हृदय के साथ-साथ आंखों के लिए खराब होती है। इतना ही नहीं नियमित सेवन से ब्लड से संबंधित कई बीमारियां शरीर में घर बना लेती हैं।
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खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिपाल को सूचना मिली कि गामा क्षेत्र के मांगरौली व फौलादनगर गांव से लगभग 11 क्विंटल मिलावटी मावा दिल्ली में सप्लाई करने के लिए डीसीएम से लेकर जाया जा रहा है। इसकी सूचना खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने एसडीएम सुभाष सिंह को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद दोनों अधिकारियों ने दिल्ली बस स्टैंड से गुजरने वाले डीसीएम की चेकिंग शुरू कराई। इस दौरान चेकिंग के दौरान एक डीसीएम में लगभग 11 क्विंटल मिलावटी मावा पकड़ा।
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खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने जांच की तो मावा पाउडर से तैयार पाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि जांच के लिए पांच नमूने सैंपल के तौर पर जांच के लिए लैब मेें भेजे गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि नष्ट कराया मावा नौशाद निवासी मांगरोली व सत्तार, फिरोज, मन्नान, अबलु हशन निवासी फौलाद नगर का था। बताया कि लैब रिपोर्ट आने के बाद आरोपी डीसीएम चालक और संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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मिलीभगत से तैयार किया जा रहा मिलावटी मावा
क्षेत्र के विपिन पूनिया, सोनू, बबलू, रविंद्र, अमित कुमार ने बताया कि त्योहारी सीजन शुरू होते ही जिले के गांव-गांव में मिलावटी मावा बनाना शुरू हो जाता है। आरोप लगाया कि इन लोगों को खाद्य सुरक्षा अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है। तभी तो शिकायत करने के बाद भी संबंधित मिलावटी मावा तैयार करने वाले लोगों पर कार्रवाई नहीं की जाती। बताया कि मावा ही नहीं बल्कि मिलावटी सफेद रसगुल्ले, दूध, घी, पनीर भी बनाया जा रहा है। हर साल त्योहारी सीजन में इन भट्ठी संचालकों के यहां छापा मारा जाता है, मगर प्रभावी कार्रवाई के अभाव में मिलावट का कारोबार धड़ल्ले से संचालित हो रहा है।
शरीर में बीमारी कर लेती है घर
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. आशीष पंवार ने बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थ का सेवा बहुत खतरनाक होता है। सिंथेटिक दूध से तैयार मावा या कोई मिठाई के सेवन से पेट की बीमारी और हृदय के साथ-साथ आंखों के लिए खराब होती है। इतना ही नहीं नियमित सेवन से ब्लड से संबंधित कई बीमारियां शरीर में घर बना लेती हैं।