फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Officers raised their hands to find Lekhpal and Kanungo posted 49 years ago

Baghpat News: अफसरों ने 49 साल पहले तैनात रहे लेखपाल और कानूनगो को तलाशने में खड़े किए हाथ

Thu, 23 Mar 2023 12:31 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Mar 2023 12:31 AM IST
विज्ञापन
Officers raised their hands to find Lekhpal and Kanungo posted 49 years ago
बागपत। तहसील के अधिकारियों ने 49 साल पहले तैनात रहे लेखपाल और कानूनगो की तलाश से हाथ खड़े कर दिए हैं। इन्होंने लिखकर दिया है कि तब बागपत मेरठ जिले में था और वहां से ही जानकारी मिल सकती है। अब गेंद मेरठ प्रशासन के पाले में पहुंच गई है।
विज्ञापन

नगर पालिका के रिकार्ड में दस-दस रुपये के स्टांप के आधार पर प्लॉट व मकान दर्ज कर दिए गए थे। इसकी शिकायत होने पर जांच कराई गई तो पता चला कि जिस जमीन पर प्लॉट काटकर बेचे गए है। वह कब्रिस्तान व दलित पट्टों की जमीन है। कब्रिस्तान में प्लॉट काटने के साथ ही बेचने व खरीदने वाले 28 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है। लेकिन अभी दलित पट्टों की जमीन पर प्लॉट काटने व बेचने वालों पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। जिसकी जांच में सवाल उठाए गए थे कि वर्ष 1974 में दलित पट्टों की जमीन बिना अनुमति बेची तो तत्कालीन लेखपाल व कानूनगो ने कार्रवाई क्यों नहीं की। इसके बाद डीएम राजकमल यादव ने तत्कालीन लेखपाल व कानूनगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। एसडीएम को पत्र भेजा गया था तो उन्होंने वह पत्र तहसीलदार को भेज दिया। तहसीलदार प्रसून कश्यप ने उसपर अपनी रिपोर्ट भेजी है कि वर्ष 1974 में बागपत जिला नहीं था और यह मेरठ जिले के अंतरगत आता था। इसलिए उस समय तैनात लेखपाल व कानूनगो के बारे में मेरठ से जानकारी मिल सकती है, यहां रिकार्ड भी नहीं है। इसलिए मेरठ से जानकारी कराई जाए। इस तरह से मामला दो जिलों में फंस गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed