Baghpat: फर्जी फिटिंग रिपोर्ट पर दिए कनेक्शन, उपभोक्ताओं की जेब हुई ढीली, निगम को लाखों का नुकसान
उत्तर प्रदेश के बड़ौत में तीन-चार माह से कामर्शियल कनेक्शन में फर्जी फिटिंग रिपोर्ट लगाने का खेल चल रहा है। इस चक्कर में उपभोक्ताओं की जेब ढीली हो रही है।
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उत्तर प्रदेश के बड़ौत विद्युत निगम में कामर्शियल कनेक्शन कराने के नाम पर जहां उपभोक्ताओं की जेब ढीली हो रही है। वहीं विद्युत सुरक्षा निदेशालय को भी लाखों का नुकसान पहुंच रहा है। मामला पकड़ में आया तो विभागीय अफसरों में जांच कमेटी गठित कर दी।
उपभोक्ताओं को घरेलू और कामर्शियल कनेक्शन लेने के लिए आवेदन करना पड़ता है। घरेलू कनेक्शन सामान्य प्रक्रिया के अंतर्गत स्वीकृत कर लिया जाता है, लेकिन कामर्शियल कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ताओं को आवेदन के साथ संबंधित कागजात में फिटिंग रिपोर्ट भी संलग्न करनी पड़ती है। ऐसे में उपभोक्ता उन ठेकेदारों से संपर्क करता है, जिन्हें सरकार और विद्युत निगम ने फिटिंग रिपोर्ट देने के लिए स्वीकृति दे रखी है।
विद्युत निगम के आंकड़ों के अनुसार जनपद बागपत में ऐसे पांच ठेकेदार हैं। पिछले तीन-चार माह से कामर्शियल कनेक्शन में फर्जी फिटिंग रिपोर्ट लगाने का खेल चल रहा है।
ठेकेदारों के अनुसार पिछले तीन-चार माह के अंदर लगभग 300 से अधिक कामर्शियल कनेक्शन में फर्जी फिटिंग रिपोर्ट लगाई गई है, यह खेल कौन कर रहा है, इसकी तो अभी जानकारी नहीं। मामला उजागर होने पर विभागीय अफसरों और ठेकेदारों में अफरातफरी मची हुई है।
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जांच में फर्जी फिटिंग रिपोर्ट लगी मिली
औढ़ापुर गांव के अनमोल ने एक किलोवाट कामर्शियल कनेक्शन के लिए विद्युत निगम में आवेदन किया था। जांच हुई तो उसमें फर्जी फिटिंग रिपोर्ट लगी हुई मिली। इसके अलावा औढ़ापुर गांव के ही तालिम पुत्र बसीर के एक किलोवाट कामर्शियल कनेक्शन में भी फर्जी फिंटिग रिपोर्ट लगी हुई है। अब विभागीय अफसर व ठेकेदार उपभोक्ता से यह जानकारी जुटाने में लगे हुए है कि आखिरकार कहां से यह फर्जी फिंटिग रिपोर्ट बनवाई गई है, लेकिन कार्रवाई के डर से उपभोक्ता भी कुछ बताने को तैयार नहीं है।
प्रति कनेक्शन जमा करने पड़ते हैं 200 से लेकर 400 रुपये
ठेकेदार विजय तोमर ने बताया कि विभाग व सरकार से अनुमति मिलने पर कामर्शियल कनेक्शन में फिटिंग रिपोर्ट देने के एवज में उपभोक्ता से धनराशि वसूलने के बाद विद्युत सुरक्षा निदेशालय में प्रति एक किलोवाट कनेक्शन 200 से अधिक रुपये जमा करने पड़ते हैं। जैसे-जैसे लॉड बढ़ता है, तो धनराशि भी बढ़ जाती है।
कामर्शियल कनेक्शन में फर्जी फिंटिग रिपोर्ट लगाने का मामला उजागर हुआ है, ठेकेदार ने खुद इसकी शिकायत विभागीय अफसरों को की है। - नरेंद्र प्रताप, अवर अभियंता, विद्युत निगम
जल्द ही जांच कमेटी बनाकर इसकी गहनता से जांच कराई जाएगी। यदि जांच में विभाग का कोई कर्मचारी या फिर बाहरी व्यक्ति लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। - दुर्गेश जयसवाल, अधिशासी अभियंता प्रथम