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नोटों पर हो रही बहस, क्या आज मिलेगा कैश?

Mon, 21 Nov 2016 12:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Mon, 21 Nov 2016 12:25 AM IST
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Notes on the debate, get cash today?
शनिवार की देर रात एटीएम से रूपये निकालने के लिए लाइन में लगे लोग। - फोटो : amar ujala
बागपत में नोटबंदी के बाद अर्थ व्यवस्था बेपटरी हो गई है। रविवार को एटीएम के बाहर लोगों की लंबी लाइन लगी रही। किसी को रुपये मिले तो कोई हाथ मिलता रह गया। अब सभी के जहन में बस एक ही सवाल उठा की क्या सोमवार को बैंक से रकम मिलेगी या नहीं? 
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रविवार का दिन भी लोगों के लिए किसी रोजमर्रा के दिनों जैसा रहा। एटीएम के बाहर लाइनें लग रही थी, जिससे लगा की अवकाश नहीं कोई ऑफिस टाइम हो। रुपये निकालने के लिए सुबह से ही मारामारी मची रही। किसी को एटीएम से रुपये निकालते तो उसके चेहरा खिल उठा, लेकिन जिस को रुपये नहीं मिलते वह मायूस होकर अगले दिन का इंतजार के लिए अपने घर चला गया। दिनभर बैंकों के प्रत्येक एटीएम पर लोगों की अच्छी खासी भीड़ रही। इक्का-दुक्का लोगों को ही नोटों के दर्शन हो पाए। सभी के जहन में बस एक ही सवाल उठ रहा था कि सोमवार को भी उन्हें इसी प्रकार लाइन में लगना पड़ेगा और रुपये मिलेंगे भी या नहीं? अग्रवाल मंडी टटीरी, दाहा, दोघट, रमाला, अमीनगर सराय, चांदीनगर, बालैनी में भी एटीएम के बाहर नोट दिलाने वालों की लंबी कतार रही। सभी लोग रात एटीएम में बैंकों द्वारा रुपये डालने का इंतजार करते रहे, लेकिन सभी को मायूस ही होना पड़ा।

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बड़ौत। नोटबंदी के बाद किसानों की समस्याएं बढ़ गई है। दिनभर लाइन में लगने के बाद भी उन्हें पर्याप्त पैसा नहीं मिल पा रहा है जिस कारण उनकी खेती किसानी खतरे में पड़ गई है। बैंक कैश की कमी का रोना रो रहा है। उधर अधिकतर किसानों को तो दिन में लाइन लगने के बाद भी पैसा नहीं मिल रहा है। किसानों का कहना है कि बुआई इससे प्रभावित हो सकती है। किसानों के लिए यह समय महत्वपूर्ण है। किसान गेहूं बुआई की तैयारी में जुटे हैं। बडे़ नोट के चलन पर रोक लगा दिया गया है। जिसके चलते किसान परेशान है। किसान इंद्रराज, तेजपाल, सुखवीर, रामकिशन माल्लू, मदनपाल, रविंद्र, हरपाल, उपेंद्र, राम सिंह का कहना है कि नोटबंदी की समस्या आम लोग व किसानों को ज्यादा हो रही है। कहा कि बेटे की शादी के अलावा खेत में बुआई भी करनी है। इस समय दोनों कार्य प्रभावित हो रहे हैं। 

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नोटबंदी में टूटने के कगार पर पहुंचा रिश्ता
बड़ौत। 500 और एक हजार के नोट बंद होने के बाद शादी वाले परिवारों की मुसीबत बढ़ गई है। यहां तक कि शगुन में आए पुराने रुपये लौटाए जाने पर रिश्ता टूटने तक की नौबत आ रही है। नगर के एक व्यापारी की बेटी की शादी शामली जनपद के एक गांव में तय हुई थी। दुल्हन पक्ष द्वारा शगुन के रूप में पांच लाख रुपये दिए गए थे। इसी महीने बिटिया की शादी तय थी। शादी की तैयारियां जोरों पर थी। इसी बीच नोट बंदी का फरमान आ गया। तो वर पक्ष ने शगुन में मिले पांच लाख रुपये के पुराने नोट न केवल लौटा दिए हैं बल्कि नई करेंसी की मांग की। इससे यह रिश्ता अब टूटने के कगार पर है। फिलहाल किसी तरह नगर के अन्य लोग शादी को सही ढंग से पूर्ण करने में जुटे हैं। वर पक्ष के लोगों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।


 

लोगों को इस बार देरी से मिलेगा राशन
बागपत। नोट बंदी के चलते कोटेदारों को राशन उठान में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। भारी भीड़ के चलते बैंकों में राशन की रकम को जमा नहीं कर पा रहे है। इससे लोगों को राशन मिलने में देरी का सामना करना पड़ सकता है। केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 के नोट बंद करने पर अर्थव्यवस्था गड़बड़ा गई है। राशन डीलर को रकम जमा करने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। जिले में 427 राशन डीलर है, जो 25 से 30 हजार रुपये राशन लेने के लिए बैंकों में जमा करते है। बैंकों में अधिकांश डीलर की नगदी जमा नहीं हो पा रही है। जिस कारण इस बार लोगों को राशन में देरी का सामना करना पड़ सकता हैं। बैंक में डीलरों के रुपये जमा नहीं हो पा रहे हैं। घंटों-घंटों लाइन में खड़े होकर भी रुपये जमा नहीं हो पा रहे हैं। जिला पूर्ति अधिकारी चमन शर्मा ने बताया कि बैंक में पांच सौ और एक हजार के नोट बैंकों जमा करने के लिए डीलर को दिक्कत पहुंच रही है। अगले माह लोगों को राशन वितरण में थोड़ी परेशानी होगी। 

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