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जिले में एक भी नशा मुक्ति केंद्र रजिस्टर्ड नहीं

Fri, 26 Jun 2020 11:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2020 11:57 PM IST
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Not a single de-addiction center registered in the district
बागपत। युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में हैं। नशीले पदार्थों की तस्करी धंधा बन गया है। जिले में जनवरी माह से अब तक पुलिस ने 79.75 किलोग्राम नशीला पदार्थ पकड़ा है। मगर, हैरत की बात यह है कि युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के लिए जिले में एक भी रजिस्टर्ड नशा मुक्ति केंद्र नहीं है। जो चल रहे है, वह बिना अनुमति ही संचालित हो रहे है। स्वास्थ्य विभाग के पास इनका कोई रिकार्ड नहीं है।
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पुलिस के रिकॉर्ड की बात करें तो जनवरी माह में एक किलो तीन सौ ग्राम चरस और तीन किलो चार सौ ग्राम गांजा पकड़ा गया था। फरवरी महीने में 23 किलोग्राम गांजा व 500 ग्राम डोड़ा पकड़ा गया। मार्च महीने में पुलिस ने 19 किलो दो सौ ग्राम गांजा पकड़ा। लॉकडाउन के दौरान अप्रैल और मई माह में 31 किलो 500 ग्राम गांजा पकड़ा है। युवाओं को नशे की दलदल में धकेला जा रहा है। यही नहीं नशे के कारोबार में भी शामिल किया जा रहा है। खास बात यह है कि जिले भर में लोगों की नशे की लत को छुड़वाने के लिए देहात क्षेत्र में नशा मुक्ति केंद्र खोले गए हैं। मगर, इनमें एक भी नशामुक्ति केंद्र रजिस्टर्ड नहीं है।
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सीएमओ डॉ आरके टंडन का कहना है कि उनके यहां एक भी नशा मुक्ति केंद्र रजिस्ट्रर्ड नहीं है। यह भी जानकारी नहीं है कि जिले में कितने नशा मुक्ति केंद्र चल रहे हैं।
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नशीले पदार्थों की तस्करी में महिलाएं शामिल
बागपत। शुक्रवार को पुलिस ने खुब्बीपुर निवाड़ा गांव की महिला खैरुनिशा को आठ सौ 50 ग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। निवाड़ा चौकी इंचार्ज बलराम यादव ने बताया कि छह अप्रैल 2019 में महिला को डेढ़ किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है। शुक्रवार को उसके पास से 850 ग्राम गांजा मिला है। खैरूनिशां के अलावा भी महिलाओं के खिलाफ नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले हैं।
इन राज्यों से जुड़ रहे तार
बागपत। नशीले पदार्थों की तस्करी के तार हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड से जुड़ रहे हैं। निवाड़ा बॉर्डर के अलावा यमुना के रास्ते और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से नशे के सामान की जिले में सप्लाई हो रही है।
शराब के नशे की लत से बर्बाद हुआ घर
बागपत। शराब के नशे की लत से कई घर बर्बाद हो चुके हैं। बिनौली थाना क्षेत्र के नंगला बढ़ी गांव में युवक के शराब पीने की आदत से परिवार परेशान था। पिछले महीने बेटा शराब पीकर घर आया तो पिता ने डांट फटकार की। गुस्से में विवाद बढ़ा तो पिता ने पुत्र पर हमला कर दिया। इसमें पुत्र की मौत हो गई थी।
इंजेक्शन और गोलियां का नशा बढ़ा
बागपत। युवाओं के बीच इंजेक्शन लगाने और अलग-अलग गोलियां खाने का नशा सबसे अधिक बढ़ गया है। मेडिकल स्टोर पर इंजेक्शन और गोलियां आसानी से मिल जाती है।
- ड्रग इंस्पेक्टर वैभव बब्बर का कहना है कि मेडिकल स्टोर पर समय-समय पर छापा मार अभियान चलाया जाता है। प्रतिबंधित सामान बेचने वालों पर मुकदमा दर्ज भी कराया जाता है।

- एएसपी अनित कुमार का कहना है कि नशे के सामान की तस्करी रोकने लिए पुलिस अभियान चलाती है। युवाओं को नशीले पदार्थों का सेवन करने के बजाए अपने भविष्य पर ध्यान लगाना चाहिए।
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