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कोई बताए, अब नहीं तो कब मिलेगा कैश
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Wed, 28 Dec 2016 12:23 AM IST
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नोट बंदी
- फोटो : amar ujala
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बागपत। नोट बंदी की आखिरी तिथि में बस गिनती के दिन रह गए हैं। लाइन में खड़े लोगों का सवाल है कि अब नहीं तो कैश कब मिलेगा। जनपद में बैंकों और एटीएम से कैश लेने के लिए हंगामे और अफरा-तफरी का सिलसिला जारी रहा। कैश प्राप्त करने के लिए लोग मंगलवार को शाम तक लाइन में लगे रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना था कि 30 दिसंबर तक व्यवस्था पटरी पर लौट आएगी। मंगलवार को लाइन में खड़े लोगों ने सवाल उठाया कि अब गिनती के दिन रह गए हैं। हालात सिर्फ इतने बदले हैं कि रुपये जमा करने वालों की संख्या में कमी आ गई है। लोगों के पास अब पांच सौ और एक हजार रुपये का पुराना नोट नहीं है, लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद जमा किए रुपये अब वापस नहीं मिल रहे हैं। सिसाना के संदीप ने कहा चार दिन बाद भी रुपये नहीं मिले। जिस तारीख का वायदा सरकार ने किया था, वह तो नजदीक है। वर्तमान हालात देखकर नहीं लगता कि निजात मिलेगी। मेरठ रोड पर एटीएम और बैंकों के बाहर हंगामा रहा। एटीएम के बाहर लंबी लाइन में लोग लगे रहे। गुलअफ्शां, संदीप कुमार और सौदान सिंह ने कहा अब तो लोगों को उनकी जरूरत के हिसाब से रुपये मिलने ही चाहिए।
परिवहन विभाग को करारा झटका ः जब तक पुराने नोट परिवहन विभाग में स्वीकार किए, तब तक यहां लोगों ने खूब रोड टैक्स जमा किया, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। एआरटीओ आरपी मिश्रा बताते हैं पिछले महीने पुराने नोट जमा करने के दौर में टारगेट से ऊपर रोड टैक्स जमा हो गया था, लेकिन इस बार निर्धारित टारगेट पूरा नहीं हो सकेगा, क्योंकि लोगों के पास नई करेंसी नहीं है।
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एसबीआई में मशीन से कैश ट्रांसफर
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में मशीन की मदद से लोगों ने कैश ट्रांसफर किया । शाखा के मुख्य प्रबंधक एमके खुराना ने बताया यहां पहुंचे लोगों की सुविधा के लिए मशीन के जरिये कैश ट्रांसफर किया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना था कि 30 दिसंबर तक व्यवस्था पटरी पर लौट आएगी। मंगलवार को लाइन में खड़े लोगों ने सवाल उठाया कि अब गिनती के दिन रह गए हैं। हालात सिर्फ इतने बदले हैं कि रुपये जमा करने वालों की संख्या में कमी आ गई है। लोगों के पास अब पांच सौ और एक हजार रुपये का पुराना नोट नहीं है, लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद जमा किए रुपये अब वापस नहीं मिल रहे हैं। सिसाना के संदीप ने कहा चार दिन बाद भी रुपये नहीं मिले। जिस तारीख का वायदा सरकार ने किया था, वह तो नजदीक है। वर्तमान हालात देखकर नहीं लगता कि निजात मिलेगी। मेरठ रोड पर एटीएम और बैंकों के बाहर हंगामा रहा। एटीएम के बाहर लंबी लाइन में लोग लगे रहे। गुलअफ्शां, संदीप कुमार और सौदान सिंह ने कहा अब तो लोगों को उनकी जरूरत के हिसाब से रुपये मिलने ही चाहिए।
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परिवहन विभाग को करारा झटका ः जब तक पुराने नोट परिवहन विभाग में स्वीकार किए, तब तक यहां लोगों ने खूब रोड टैक्स जमा किया, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। एआरटीओ आरपी मिश्रा बताते हैं पिछले महीने पुराने नोट जमा करने के दौर में टारगेट से ऊपर रोड टैक्स जमा हो गया था, लेकिन इस बार निर्धारित टारगेट पूरा नहीं हो सकेगा, क्योंकि लोगों के पास नई करेंसी नहीं है।
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एसबीआई में मशीन से कैश ट्रांसफर
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में मशीन की मदद से लोगों ने कैश ट्रांसफर किया । शाखा के मुख्य प्रबंधक एमके खुराना ने बताया यहां पहुंचे लोगों की सुविधा के लिए मशीन के जरिये कैश ट्रांसफर किया।