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एटीएम में नो कैश, मजदूर को हार्ट अटैक
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 20 Dec 2016 12:33 AM IST
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शमशेर राव का फाइल फोटो
- फोटो : amar ujala
बागपत। नोट बंदी के बाद जनपद में अधिकांश बैंकों और एटीएम से नगदी निकासी की व्यवस्था पटरी पर लौटती नहीं दिख रही है। एटीएम से रुपये नहीं निकलने के कारण निराश होकर घर लौटे एक मजदूर की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मजदूर के परिजनों ने डीएम से हस्तक्षेप करके मुआवजा दिलाने की मांग की है।
शहर के पुराना कस्बा निवासी मजदूर शमशेर राव (47) पिछले कई दिन से एटीएम और बैंकों के चक्कर लगा रहा था। उसके जीजा डॉ इसरार राणा ने बताया सोमवार को वह एटीएम से रुपये निकालने के लिए गया था। एटीएम कैश नहीं मिला तो शमशेर घर लौट आया। आर्थिक तंगी से परेशान शमशेर को हार्टअटैक हुआ और उसकी मौत हो गई। परिजनों का दावा है कि वह रुपये नहीं मिलने से बेचैन था।
उसने अपनी बेटी की शादी मेरठ के सिवाल खास में तय की थी, जहां से अब रिश्ता टूट चुका है। वह दूसरी जगह रिश्ता पक्का करना चाह रहा था। आने-जाने में खर्च के लिए कुछ रुपयों की जरूरत थी, जिस कारण वह बैंक और एटीएम के चक्कर लगा रहा था। मजदूर की मौत से उसके घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लग गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें मुआवजा मिलना चाहिए।
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शहर के पुराना कस्बा निवासी मजदूर शमशेर राव (47) पिछले कई दिन से एटीएम और बैंकों के चक्कर लगा रहा था। उसके जीजा डॉ इसरार राणा ने बताया सोमवार को वह एटीएम से रुपये निकालने के लिए गया था। एटीएम कैश नहीं मिला तो शमशेर घर लौट आया। आर्थिक तंगी से परेशान शमशेर को हार्टअटैक हुआ और उसकी मौत हो गई। परिजनों का दावा है कि वह रुपये नहीं मिलने से बेचैन था।
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उसने अपनी बेटी की शादी मेरठ के सिवाल खास में तय की थी, जहां से अब रिश्ता टूट चुका है। वह दूसरी जगह रिश्ता पक्का करना चाह रहा था। आने-जाने में खर्च के लिए कुछ रुपयों की जरूरत थी, जिस कारण वह बैंक और एटीएम के चक्कर लगा रहा था। मजदूर की मौत से उसके घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लग गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें मुआवजा मिलना चाहिए।
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