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Baghpat News: 18.68 करोड़ का बिल नहीं दे रहे नौ विभाग, एसई ने लगाई डीएम से गुहार
Mon, 24 Mar 2025 12:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Mon, 24 Mar 2025 12:12 AM IST
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बागपत। सामान्य उपभोक्ता पर दस हजार रुपये बिल बकाया पर ऊर्जा निगम की टीम कनेक्शन काटने में देर नहीं लगाती हैं। मगर, यहां नौ विभाग 18.68 करोड़ रुपये का बिजली बिल दबाकर बैठे हुए हैं। एसई ने अब डीएम से गुहार लगाई है और उन विभागों को बिल जमा कराने के लिए निर्देशित करने का अनुरोध किया है। यह भी कहा है कि इस वजह से ऊर्जा निगम वसूली में पिछड़ रहा है।
एसई केपी खान ने डीएम को भेजी सूची में कहा कि पुलिस विभाग पर 1.01 करोड़ रुपये से ज्यादा बिजली बिल बकाया है। सीएमओ पर 75.01 लाख बकाया है, क्योंकि सीएचसी व पीएचसी और कार्यालय का बिजली बिल चुकाया ही नहीं गया है। सर्वाधिक 16.25 करोड़ रुपये बिजली मूल्य बकाया जिला पंचायत राज अधिकारी पर है।
पंचायती राज विभाग ने गांवों के प्राथमिक स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्ट्रीट लाइटों, पंचायत घरों तथा सामुदायिक शौचालयों में बिजली फूंकने के बाद बिल चुकाने का नाम नहीं लिया। बार-बार नोटिस देने के बावजूद पंचायती राज विभाग बिल जमा नहीं कर रहा।
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सीडीओ पर भी 19.27 लाख रुपये से ज्यादा बकाया है। अधिकारी एवं कर्मचारी विकास भवन तथा आवासों में बिजली फूंकने में कतई कंजूसी नहीं करते, लेकिन बिजली बिल चुकाने को गंभीर नहीं दिखते हैं। सीवीओ पर पशु अस्पतालों का बिल बकाया है। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह तथा आवासीय परिसरों, कृषि विभाग के कार्यालयों, वन विभाग और सिंचाई विभाग पर भी लाखों रुपये बिजली बिल बकाया है।
ऊर्जा निगम अधिकारियों एवं कर्मियों के बार-बार संपर्क करने के बावजूद जब बिजली बिलों को नहीं चुकाया तो अब एसई केपी खान ने डीएम से 18.68 करोड़ रुपये दिलवाने का अनुरोध किया है। उनके अनुसार इसके लिए पत्र देकर आग्रह किया गया है कि विभागों से बकाया बिल जमा कराया जाए।
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एसई केपी खान ने डीएम को भेजी सूची में कहा कि पुलिस विभाग पर 1.01 करोड़ रुपये से ज्यादा बिजली बिल बकाया है। सीएमओ पर 75.01 लाख बकाया है, क्योंकि सीएचसी व पीएचसी और कार्यालय का बिजली बिल चुकाया ही नहीं गया है। सर्वाधिक 16.25 करोड़ रुपये बिजली मूल्य बकाया जिला पंचायत राज अधिकारी पर है।
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पंचायती राज विभाग ने गांवों के प्राथमिक स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्ट्रीट लाइटों, पंचायत घरों तथा सामुदायिक शौचालयों में बिजली फूंकने के बाद बिल चुकाने का नाम नहीं लिया। बार-बार नोटिस देने के बावजूद पंचायती राज विभाग बिल जमा नहीं कर रहा।
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सीडीओ पर भी 19.27 लाख रुपये से ज्यादा बकाया है। अधिकारी एवं कर्मचारी विकास भवन तथा आवासों में बिजली फूंकने में कतई कंजूसी नहीं करते, लेकिन बिजली बिल चुकाने को गंभीर नहीं दिखते हैं। सीवीओ पर पशु अस्पतालों का बिल बकाया है। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह तथा आवासीय परिसरों, कृषि विभाग के कार्यालयों, वन विभाग और सिंचाई विभाग पर भी लाखों रुपये बिजली बिल बकाया है।
ऊर्जा निगम अधिकारियों एवं कर्मियों के बार-बार संपर्क करने के बावजूद जब बिजली बिलों को नहीं चुकाया तो अब एसई केपी खान ने डीएम से 18.68 करोड़ रुपये दिलवाने का अनुरोध किया है। उनके अनुसार इसके लिए पत्र देकर आग्रह किया गया है कि विभागों से बकाया बिल जमा कराया जाए।