एएनएम और आशा की लापरवाही से नवजात की मौत
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दाहा गांव की रहने वाली सोनम को 9 नवंबर को प्रसव पीड़ा हुई। उसके परिजनों ने गांव की आशा को मोबाइल पर सूचना दी। इस पर आशा उनके घर पहुंची और महिला को पलड़ी में एएनएम के पास ले जाने के लिए कहा। आरोप है कि आशा ने 102 एंबुलेंस न बुलाकर परिजनों से प्राइवेट गाड़ी किराए पर करा ली और महिला को लेकर पलड़ी गांव में एएनएम पुष्पा के पास पहुंच गई। एएनएम ने महिला के परिजनों से कहा कि प्रसव तो वह यहीं करा देगी मगर 500 रुपये लगेंगे। परिजनों ने कहा कि उनके पास इतने पैसे नहीं हैं। बाद में उधार लेकर उसे दिए गए।
इसके बाद एएनएम ने महिला का प्रसव कराया। महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। इसमें एक लड़की और एक लड़का था। एक घंटे बाद ही एएनएम ने महिला को घर भेज दिया। उन्होंने न तो बच्चे को कोई टीका लगाया और न ही उन्हें सरकारी अस्पताल भेजा। परिजन महिला और दोनों नवजात लेकर घर आ गए। शुक्रवार को उनकी हालत बिगड़ गई और लड़के की मौत हो गई। जबकि लड़की की भी हालत नाजुक बनी हुई है। उसे परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
परिजनों ने एएनएम और आशा पर आरोप लगाया कि हुए सीएमओ बागपत से इसकी शिकायत की। सीएमओ ने बिनौली सीएचसी से चिकित्सक श्रवण कुमार को गांव जाकर जांच करने के आदेश दिए है। पीड़ित परिवार का कहना है कि एएनएम व आशा ने कुछ रकम के लालच में उसके बच्चे की जान ले ली। उन्होंने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।