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Baghpat News: श्रद्धालुओं को कंस वध सुनाया
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फोटो संख्या 7
बड़ौत। कथा व्यास पूजा स्तुति दीदी ने कहा कि धरती पर जब पाप अधिक बढ़ जाता है तो भगवान किसी ना किसी रूप में धरती पर जन्म लेकर पाप का सर्वनाश कर देते हैं।
वह रविवार को शगुन फार्म हाउस में श्री रामचरित मानस प्रचार समिति के तत्वावधान में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को किसी के साथ अन्याय नहीं करना चाहिए, क्योंकि अन्याय कर वह कुछ क्षणों के लिए तो खुश रह सकता है, लेकिन उसके बाद उसके कर्म का फल भोगना पड़ता है। इस दौरान उन्हाेंने कथा में कंस वध सुनाया। उन्होंने बताया कि श्री कृष्ण भगवान नंदगांव छोड़कर मथुरा अपने मामा कंस के यहां पहुंचे और वहां जाकर उन्होंने कंस का वध करने के बाद अपने माता-पिता देवकी व वासुदेव को बंधन मुक्त कराया। इसके पश्चात भगवान का द्वारका में प्रवेश हुआ, जहां पर उन्होंने रुक्मणी से विवाह रचाया। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी अजयराज शर्मा ने बताया कि एक सप्ताह तक श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के रूप में मनाया जाएगा। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ आरती के माध्यम से किया गया। इसमें संगीतमय कथा सुनकर भक्तजन भाव-विभोर हो गए। कथा के समापन पर पंडित कुंदन भारद्वाज द्वारा महा आरती का आयोजन किया गया। साथ ही श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया। इस अवसर पर देवदत्त कौशिक, पूजा शर्मा, गीता शर्मा, कुमकुम शर्मा, आचार्य प्रवीण पुलत्स्य सहित सभी भक्तों का सहयोग रहा।
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बड़ौत। कथा व्यास पूजा स्तुति दीदी ने कहा कि धरती पर जब पाप अधिक बढ़ जाता है तो भगवान किसी ना किसी रूप में धरती पर जन्म लेकर पाप का सर्वनाश कर देते हैं।
वह रविवार को शगुन फार्म हाउस में श्री रामचरित मानस प्रचार समिति के तत्वावधान में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को किसी के साथ अन्याय नहीं करना चाहिए, क्योंकि अन्याय कर वह कुछ क्षणों के लिए तो खुश रह सकता है, लेकिन उसके बाद उसके कर्म का फल भोगना पड़ता है। इस दौरान उन्हाेंने कथा में कंस वध सुनाया। उन्होंने बताया कि श्री कृष्ण भगवान नंदगांव छोड़कर मथुरा अपने मामा कंस के यहां पहुंचे और वहां जाकर उन्होंने कंस का वध करने के बाद अपने माता-पिता देवकी व वासुदेव को बंधन मुक्त कराया। इसके पश्चात भगवान का द्वारका में प्रवेश हुआ, जहां पर उन्होंने रुक्मणी से विवाह रचाया। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी अजयराज शर्मा ने बताया कि एक सप्ताह तक श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के रूप में मनाया जाएगा। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ आरती के माध्यम से किया गया। इसमें संगीतमय कथा सुनकर भक्तजन भाव-विभोर हो गए। कथा के समापन पर पंडित कुंदन भारद्वाज द्वारा महा आरती का आयोजन किया गया। साथ ही श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया। इस अवसर पर देवदत्त कौशिक, पूजा शर्मा, गीता शर्मा, कुमकुम शर्मा, आचार्य प्रवीण पुलत्स्य सहित सभी भक्तों का सहयोग रहा।
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