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संजय खोखर को पहले की राम-राम, फिर मारी गोलियां
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संजय खोखर को पहले की राम-राम, फिर मारी गोलियां
बागपत। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर की हत्या का खुलासा हो गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि चकरोड पर श्रवण खोखर भाजपा नेता का इंतजार कर रहा था और दूसरे दोनों आरोपी छिप गए थे। संजय खोखर नजदीक आए तो श्रवण ने राम-राम करते हुए बातों में उलझा लिया। इसके बाद तीनों ने मिलकर गोली मारकर हत्या कर दी।
एसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि वारदात के दिन सुबह पांच बजे ही अभियुक्त सागर बालियान, सागर गोस्वामी और श्रवण खोखर तिलवाड़ा रोड पर पहुंच गए थे। मुख्य मार्ग पर संजय खोखर उन्हें आते हुए दिखाई नहीं दिए। उन्हें लगा कि आज संजय मॉर्निंग वॉक पर नहीं आए। इसके बाद तीनों चकरोड पर चले गए। कुछ देर बार ही उन्हें संजय खोखर आते दिखाई दिए। सागर बालियान और सागर गोस्वामी ट्यूबवेल पर छिप गए। जबकि श्रवण खोखर चकरोड पर खड़ा रहा। संजय खोखर और श्रवण खोखर के परिवार में कोई झगड़ा नहीं था। दोनों का घर पर आना-जाना था और ट्यूबवेल भी पड़ोस में थी। ऐसे में संजय खोखर को श्रवण पर कोई शक नहीं हुआ। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि श्रवण ने पहले संजय खोखर को राम-राम की और कुछ देर के लिए बातों में उलझा लिया। नजदीक की ट्यूबवेल पर छिपे सागर बालियान और सागर गोस्वामी ने श्रवण के साथ मिलकर गोली चला दी। दो गोली संजय खोखर को लगी थीं, जबकि एक गोली मिस हो गई थी।
क्या था मामला
बागपत। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर की 11 अगस्त को सुबह साढ़े छह बजे तिलवाड़ा मार्ग स्थित चकरोड पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। संजय खोखर सुबह सैर पर निकले थे। सनसनीखेज हत्या का यह मामला लखनऊ तक गूंजा। संजय खोखर के दोनों बेटों ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर सीबीआई जांच की मांग की थी। वारदात के बाद से जिले का सियासी माहौल भी गरमा रहा था।
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पूर्व में नामजद किए आरोपियों की होगी जांच
एसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि एसआईटी भी मामले की जांच करेगी। संजय खोखर के बेटे मनीष खोखर ने नितिन धनकड़, ककौर कलां के मयंक डालर, हेवा गांव निवासी विनीत और अंकुश शर्मा और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस इनमें तीन आरोपियों को जेल भेज चुकी है। पूर्व में नामजद किए गए आरोपियों की भी जांच की जाएगी।
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बागपत। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर की हत्या का खुलासा हो गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि चकरोड पर श्रवण खोखर भाजपा नेता का इंतजार कर रहा था और दूसरे दोनों आरोपी छिप गए थे। संजय खोखर नजदीक आए तो श्रवण ने राम-राम करते हुए बातों में उलझा लिया। इसके बाद तीनों ने मिलकर गोली मारकर हत्या कर दी।
एसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि वारदात के दिन सुबह पांच बजे ही अभियुक्त सागर बालियान, सागर गोस्वामी और श्रवण खोखर तिलवाड़ा रोड पर पहुंच गए थे। मुख्य मार्ग पर संजय खोखर उन्हें आते हुए दिखाई नहीं दिए। उन्हें लगा कि आज संजय मॉर्निंग वॉक पर नहीं आए। इसके बाद तीनों चकरोड पर चले गए। कुछ देर बार ही उन्हें संजय खोखर आते दिखाई दिए। सागर बालियान और सागर गोस्वामी ट्यूबवेल पर छिप गए। जबकि श्रवण खोखर चकरोड पर खड़ा रहा। संजय खोखर और श्रवण खोखर के परिवार में कोई झगड़ा नहीं था। दोनों का घर पर आना-जाना था और ट्यूबवेल भी पड़ोस में थी। ऐसे में संजय खोखर को श्रवण पर कोई शक नहीं हुआ। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि श्रवण ने पहले संजय खोखर को राम-राम की और कुछ देर के लिए बातों में उलझा लिया। नजदीक की ट्यूबवेल पर छिपे सागर बालियान और सागर गोस्वामी ने श्रवण के साथ मिलकर गोली चला दी। दो गोली संजय खोखर को लगी थीं, जबकि एक गोली मिस हो गई थी।
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क्या था मामला
बागपत। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर की 11 अगस्त को सुबह साढ़े छह बजे तिलवाड़ा मार्ग स्थित चकरोड पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। संजय खोखर सुबह सैर पर निकले थे। सनसनीखेज हत्या का यह मामला लखनऊ तक गूंजा। संजय खोखर के दोनों बेटों ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर सीबीआई जांच की मांग की थी। वारदात के बाद से जिले का सियासी माहौल भी गरमा रहा था।
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पूर्व में नामजद किए आरोपियों की होगी जांच
एसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि एसआईटी भी मामले की जांच करेगी। संजय खोखर के बेटे मनीष खोखर ने नितिन धनकड़, ककौर कलां के मयंक डालर, हेवा गांव निवासी विनीत और अंकुश शर्मा और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस इनमें तीन आरोपियों को जेल भेज चुकी है। पूर्व में नामजद किए गए आरोपियों की भी जांच की जाएगी।