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संसद में किशोर न्याय संशोधन विधेयक पर बोले सांसद
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। बागपत सांसद डा सत्यपाल सिंह बुधवार को संसद में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) संशोधन विधेयक पर बोले और उसे अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि भगवान का सबसे अच्छा गिफ्ट बच्चे है। हमारे बच्चे अच्छे कैसे बने, वो अपराधी न बनें, इसके लिए यह बिल बहुत कारगार साबित होगा।
सांसद ने कहा कि प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अब्दुल कलाम आजाद थे, उनके जमाने में 1950 में प्रत्येक राज्य के चीफ सेक्रेट्ररी को पत्र भेजा था कि बच्चों का भविष्य बनाने है तो उन्हें संस्कारवान शिक्षा की जरूरत है। इसके बाद वर्ष 2020 के देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी यह बात रखी। कहा कि ज्यादातर बाल सुधार गृह है, उनमें सर्वे कराकर पता चला कि ज्यादातर केवल पैसा बनाने के धंधे में या फिर धर्म परिवर्तन करा रहे है। इसकी ग्रांट भारत सरकार 50 लाख रुपये दे रही है, उसे कम करनी होगी। कहा कि ऐसी शिक्षा चाहिए जो बच्चों को संस्कारवान बनाएं। बच्चों को योग सिखाएं।
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बड़ौत। बागपत सांसद डा सत्यपाल सिंह बुधवार को संसद में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) संशोधन विधेयक पर बोले और उसे अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि भगवान का सबसे अच्छा गिफ्ट बच्चे है। हमारे बच्चे अच्छे कैसे बने, वो अपराधी न बनें, इसके लिए यह बिल बहुत कारगार साबित होगा।
सांसद ने कहा कि प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अब्दुल कलाम आजाद थे, उनके जमाने में 1950 में प्रत्येक राज्य के चीफ सेक्रेट्ररी को पत्र भेजा था कि बच्चों का भविष्य बनाने है तो उन्हें संस्कारवान शिक्षा की जरूरत है। इसके बाद वर्ष 2020 के देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी यह बात रखी। कहा कि ज्यादातर बाल सुधार गृह है, उनमें सर्वे कराकर पता चला कि ज्यादातर केवल पैसा बनाने के धंधे में या फिर धर्म परिवर्तन करा रहे है। इसकी ग्रांट भारत सरकार 50 लाख रुपये दे रही है, उसे कम करनी होगी। कहा कि ऐसी शिक्षा चाहिए जो बच्चों को संस्कारवान बनाएं। बच्चों को योग सिखाएं।
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