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राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में बनाया मौलाना अब्दुल कलाम का जन्म दिवस
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राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया मौलाना अब्दुल कलाम का जन्म दिवस
बिनौली। राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर तेड़ा के आर्य विद्यालय इंटर कॉलेज में बुधवार को मौलाना अबुल कलाम आजाद का जन्मदिवस मनाया गया।
प्रधानाचार्य धर्मपाल सिंह ने बताया कि भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद का जन्म 11 नवंबर 1888 को मक्का सऊदी अरब में हुआ। उनके पिता का नाम खैरूद्दीन, माता अरबी एवं पत्नी का नाम जुलेखा बेगम था। वर्ष 1857 में इनका परिवार अरब चला गया। वर्ष1890 में इनका परिवार फिर भारत आया और कोलकाता में बस गया। मौलाना अबुल कलाम आजाद महात्मा गांधी के साथ सविनय अवज्ञा आंदोलन में सक्रिय रहे। जवाहरलाल नेहरू के प्रधानमंत्री काल में ये सन 1947 से 1958 तक भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री रहे। मौलाना अबुल कलाम आजाद कुशल राजनीतिक एवं लेखक थे उन्हें उर्दू, फ़ारसी, हिंदी, बंगाली ,गणित, अंग्रेजी तथा विश्व इतिहास का विस्तृत ज्ञान था। वे वर्ष 1992 में भारतरत्न पुरस्कार से सम्मानित किए गए। उनके जन्मदिवस को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। मौलाना आजाद की 22 फरवरी 1958 को हृदय गति रुक जाने के कारण देहांत हो गया।
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बिनौली। राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर तेड़ा के आर्य विद्यालय इंटर कॉलेज में बुधवार को मौलाना अबुल कलाम आजाद का जन्मदिवस मनाया गया।
प्रधानाचार्य धर्मपाल सिंह ने बताया कि भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद का जन्म 11 नवंबर 1888 को मक्का सऊदी अरब में हुआ। उनके पिता का नाम खैरूद्दीन, माता अरबी एवं पत्नी का नाम जुलेखा बेगम था। वर्ष 1857 में इनका परिवार अरब चला गया। वर्ष1890 में इनका परिवार फिर भारत आया और कोलकाता में बस गया। मौलाना अबुल कलाम आजाद महात्मा गांधी के साथ सविनय अवज्ञा आंदोलन में सक्रिय रहे। जवाहरलाल नेहरू के प्रधानमंत्री काल में ये सन 1947 से 1958 तक भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री रहे। मौलाना अबुल कलाम आजाद कुशल राजनीतिक एवं लेखक थे उन्हें उर्दू, फ़ारसी, हिंदी, बंगाली ,गणित, अंग्रेजी तथा विश्व इतिहास का विस्तृत ज्ञान था। वे वर्ष 1992 में भारतरत्न पुरस्कार से सम्मानित किए गए। उनके जन्मदिवस को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। मौलाना आजाद की 22 फरवरी 1958 को हृदय गति रुक जाने के कारण देहांत हो गया।